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सरसों में सफेद रोली रतुआ का प्रकोप : डॉ. धर्मबीर
Fri, 22 Dec 2023 10:44 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 22 Dec 2023 10:44 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। बावल कृषि अनुसंधान के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मबीर यादव ने बताया कि बीते दिनों कुछ किसानों के खेतो में सरसों की फसल में सफेद रोली नामक रोग का प्रकोप पाया गया। इस रोग के कारण सरसों के पौधों के तने तथा पतियों पर सफेद अथवा पीले क्रीम रंग के कील से धब्बे प्रकट होते हैं। इससे किसानों को घबराना नहीं चाहिए। उन्हें उपचार करना चाहिए।
बताया कि किसान भाई सरसों में बीमारी के लक्षण नजर आते ही 600 ग्राम मेंकोजेब (डायथेन या इंडोफिल एम 45) को 250 से 300 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से 15 दिन के अंतराल में 3 से 4 बार छिड़काव करें, जिससे बीमारी को ज्यादा फैलने से रोका जा सके।
कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. बलबीर सिंह ने किसानों को खेतों का भ्रमण करने की सलाह दी क्योंकि रोजाना किसान खेत पर जाता है तो फसल में लगने वाले कीट व बीमारी का पता समय पर चलता है और समय पर इनका प्रबंध किया जा सकता है। किसान पादप रोग वैज्ञानिक डॉ. नरेश यादव, डॉ. नरेंद्र से हरियाणा कृषि विश्व विद्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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बावल। बावल कृषि अनुसंधान के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मबीर यादव ने बताया कि बीते दिनों कुछ किसानों के खेतो में सरसों की फसल में सफेद रोली नामक रोग का प्रकोप पाया गया। इस रोग के कारण सरसों के पौधों के तने तथा पतियों पर सफेद अथवा पीले क्रीम रंग के कील से धब्बे प्रकट होते हैं। इससे किसानों को घबराना नहीं चाहिए। उन्हें उपचार करना चाहिए।
बताया कि किसान भाई सरसों में बीमारी के लक्षण नजर आते ही 600 ग्राम मेंकोजेब (डायथेन या इंडोफिल एम 45) को 250 से 300 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से 15 दिन के अंतराल में 3 से 4 बार छिड़काव करें, जिससे बीमारी को ज्यादा फैलने से रोका जा सके।
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कृषि विज्ञान केंद्र के संयोजक डॉ. बलबीर सिंह ने किसानों को खेतों का भ्रमण करने की सलाह दी क्योंकि रोजाना किसान खेत पर जाता है तो फसल में लगने वाले कीट व बीमारी का पता समय पर चलता है और समय पर इनका प्रबंध किया जा सकता है। किसान पादप रोग वैज्ञानिक डॉ. नरेश यादव, डॉ. नरेंद्र से हरियाणा कृषि विश्व विद्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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