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Rewari News: अवैध पटाखा फैक्टरी का मालिक गिरफ्तार, 4 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
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अवैध पटाखा बनाने वाली फैक्टरी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवाड़ी(रेवाड़ी)। अवैध पटाखा फैक्टरी के मालिक हेमंत कुमार शर्मा और मैनेजर अभिनंदन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। अब जांच में सामने आया है कि ठेकेदार अजीत की घटना के वक्त मौत हो गई थी। वहीं आईजी ने भिवाड़ी डीएसटी टीम को भंग कर टीम के 4 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
भिवाड़ी एएसपी अतुल साहू ने बताया कि विस्फोट मामले में तीसरे नामजद आरोपी प्लॉट मालिक राजेंद्र कुमार के गाजियाबाद स्थित घर पर 16 फरवरी की रात पुलिस की टीम पहुंची थी। वहां परिवार वालों ने बताया था कि राजेंद्र को ब्रेन ट्यूमर है। उसका इलाज चल रहा है।
17 फरवरी को राजेंद्र के परिजन खुशखेड़ा थाने में पहुंचे थे। उन्होंने लिखित में दिया कि वे राजेंद्र कुमार को लेकर थाने में उपस्थित हो जाएंगे। वीरवार को राजेंद्र कुमार नहीं आता है तो दोबारा से उसके घर और अन्य संबंधित जगहों पर दबिश देकर गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।
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एएसपी ने बताया कि 16 जनवरी के हादसे को लेकर 4 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें फैक्टरी मालिक हेमंत कुमार निवासी शाहजहांपुर (खैरथल-तिजारा), मैनेजर अभिनंदन निवासी मोतिहारी (बिहार), प्लॉट मालिक राजेंद्र निवासी गाजियाबाद और ठेकेदार अजीत निवासी खुशखेड़ा (भिवाड़ी) शामिल थे। राजेंद्र अस्पताल में एडमिट है। ठेकेदार अजीत की हादसे में ही मौत हो चुकी है। डीएनए जांच और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
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हादसे के बाद एक फैक्टरी और एक गोदाम सील
जिस फैक्टरी में हादसा हुआ था, उसे पुलिस ने उसी दिन (16 फरवरी) सील कर दिया था। जांच के दौरान 17 फरवरी को घटनास्थल से 500 मीटर के दायरे में एक और अवैध पटाखा फैक्टरी और गोदाम होने का खुलासा हुआ। पुलिस ने इन दोनों को भी सील कर दिया था। इनका मालिक भी हेमंत शर्मा ही है। इस फैक्टरी और गोदाम से अवैध पटाखों की बड़ी खेप मिली थी। जांच में सामने आया है कि फैक्टरी में पटाखा बनाने वाली बड़ी-बड़ी मशीनें लगी थीं। करोड़ों का कारोबार था।
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फैक्टरी से मशीनें, खाली कच्चा माल और पटाखा बनाने का सामान मिला
भिवाड़ी के एडिशनल एसपी अतुल साहू ने बताया कि तीनों जगहों पर अवैध पटाखा निर्माण चल रहा था। फैक्टरी से मशीनें, खाली कच्चा माल और पटाखा बनाने का सामान मिला जबकि पास के गोदाम से तैयार अवैध पटाखों की बड़ी खेप बरामद हुई। हेमंत के हेड कांस्टेबल भाई की भूमिका की भी पूरी जांच की जा रही है। आग लगने वाली फैक्टरी, मंगलवार को पकड़ी गई फैक्टरी और गोदाम, तीनों ही हेमंत कुमार शर्मा के नाम पर लीज पर लिए गए थे। इन सभी स्थानों पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। जयपुर रेंज के आईजी राघवेंद्र सुवास ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया था।
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7 लोगों की हुई है मौत
16 फरवरी को भिवाड़ी के खुशखेड़ा इंडस्ट्रीयल एरिया में अवैध रूप से पटाखा बनाते समय धमाका हुआ था। एक साथ 3 धमाके हुए थे। इसमें ठेकेदार सहित लोगों की मौत हुई थी जबकि 4 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। 2 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है जबकि 2 लोग दिल्ली एम्स में जिंदगी और मौत के बीच लड़ रहे हैं। जिन सात लोगों की मौत हुई है वह बारूद भरते थे। घटना के समय करीब 10 किलो बारूद मौके पर मौजूद था जिसे पटाखों में भरा जा रहा था।
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बड़ी संख्या में फैक्टरियां किराये के भूखंडों पर चल रही
रेवाड़ी। बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में फैक्टरियां किराये के भूखंडों पर चल रही हैं जिन्हें लीज पर दिया गया हैं। ऐसी कई फैक्टरियां हैं जिनमें घोषित कार्य से अलग गतिविधियां चल रही हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रमिक काम कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कई श्रमिकों का रिकाॅर्ड संबंधित कंपनी संचालकों के पास नहीं है। ऐसे में हादसे की स्थिति में पहचान और जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में एक चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इनमें दर्जनों फैक्ट्रियां ऐसी है, जिनके संचालक कोई और है और भूखंड के स्वामी कोई और है। वास्तविक मालिक अलग हैं। कई फैक्टरियों में आग लगने पर बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
बॉक्स
मुकेश वर्मा की जगह टपूकड़ा थाना अधिकारी का चार्ज संजय मीणा को दिया
फैक्टरी संचालक हेमंत कुमार का भाई हेड कॉन्स्टेबल योगेश कुमार शर्मा और डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम टीम के प्रभारी मुकेश वर्मा (टपूकड़ा थानाधिकारी) एक ही फ्लैट में रहते थे। कथित तौर पर ये फ्लैट फैक्टरी मालिक की पत्नी के नाम पर था। जयपुर रेंज के आईजी राघवेंद्र सुहास ने डीएसटी की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए भिवाड़ी डीएसटी टीम को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।टीम में तैनात प्रभारी मुकेश वर्मा सहित हेड कांस्टेबल योगेश कुमार शर्मा, कांस्टेबल दिनेश कुमार और कांस्टेबल जगपाल को लाइन हाजिर किया गया है। मुकेश वर्मा की जगह टपूकड़ा थाना अधिकारी का चार्ज संजय मीणा को दिया गया है। वहीं, पुलिस ने फैक्टरी मालिक, मैनेजर और अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
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भिवाड़ी(रेवाड़ी)। अवैध पटाखा फैक्टरी के मालिक हेमंत कुमार शर्मा और मैनेजर अभिनंदन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। अब जांच में सामने आया है कि ठेकेदार अजीत की घटना के वक्त मौत हो गई थी। वहीं आईजी ने भिवाड़ी डीएसटी टीम को भंग कर टीम के 4 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
भिवाड़ी एएसपी अतुल साहू ने बताया कि विस्फोट मामले में तीसरे नामजद आरोपी प्लॉट मालिक राजेंद्र कुमार के गाजियाबाद स्थित घर पर 16 फरवरी की रात पुलिस की टीम पहुंची थी। वहां परिवार वालों ने बताया था कि राजेंद्र को ब्रेन ट्यूमर है। उसका इलाज चल रहा है।
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17 फरवरी को राजेंद्र के परिजन खुशखेड़ा थाने में पहुंचे थे। उन्होंने लिखित में दिया कि वे राजेंद्र कुमार को लेकर थाने में उपस्थित हो जाएंगे। वीरवार को राजेंद्र कुमार नहीं आता है तो दोबारा से उसके घर और अन्य संबंधित जगहों पर दबिश देकर गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।
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एएसपी ने बताया कि 16 जनवरी के हादसे को लेकर 4 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें फैक्टरी मालिक हेमंत कुमार निवासी शाहजहांपुर (खैरथल-तिजारा), मैनेजर अभिनंदन निवासी मोतिहारी (बिहार), प्लॉट मालिक राजेंद्र निवासी गाजियाबाद और ठेकेदार अजीत निवासी खुशखेड़ा (भिवाड़ी) शामिल थे। राजेंद्र अस्पताल में एडमिट है। ठेकेदार अजीत की हादसे में ही मौत हो चुकी है। डीएनए जांच और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
हादसे के बाद एक फैक्टरी और एक गोदाम सील
जिस फैक्टरी में हादसा हुआ था, उसे पुलिस ने उसी दिन (16 फरवरी) सील कर दिया था। जांच के दौरान 17 फरवरी को घटनास्थल से 500 मीटर के दायरे में एक और अवैध पटाखा फैक्टरी और गोदाम होने का खुलासा हुआ। पुलिस ने इन दोनों को भी सील कर दिया था। इनका मालिक भी हेमंत शर्मा ही है। इस फैक्टरी और गोदाम से अवैध पटाखों की बड़ी खेप मिली थी। जांच में सामने आया है कि फैक्टरी में पटाखा बनाने वाली बड़ी-बड़ी मशीनें लगी थीं। करोड़ों का कारोबार था।
फैक्टरी से मशीनें, खाली कच्चा माल और पटाखा बनाने का सामान मिला
भिवाड़ी के एडिशनल एसपी अतुल साहू ने बताया कि तीनों जगहों पर अवैध पटाखा निर्माण चल रहा था। फैक्टरी से मशीनें, खाली कच्चा माल और पटाखा बनाने का सामान मिला जबकि पास के गोदाम से तैयार अवैध पटाखों की बड़ी खेप बरामद हुई। हेमंत के हेड कांस्टेबल भाई की भूमिका की भी पूरी जांच की जा रही है। आग लगने वाली फैक्टरी, मंगलवार को पकड़ी गई फैक्टरी और गोदाम, तीनों ही हेमंत कुमार शर्मा के नाम पर लीज पर लिए गए थे। इन सभी स्थानों पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। जयपुर रेंज के आईजी राघवेंद्र सुवास ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया था।
7 लोगों की हुई है मौत
16 फरवरी को भिवाड़ी के खुशखेड़ा इंडस्ट्रीयल एरिया में अवैध रूप से पटाखा बनाते समय धमाका हुआ था। एक साथ 3 धमाके हुए थे। इसमें ठेकेदार सहित लोगों की मौत हुई थी जबकि 4 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। 2 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है जबकि 2 लोग दिल्ली एम्स में जिंदगी और मौत के बीच लड़ रहे हैं। जिन सात लोगों की मौत हुई है वह बारूद भरते थे। घटना के समय करीब 10 किलो बारूद मौके पर मौजूद था जिसे पटाखों में भरा जा रहा था।
बड़ी संख्या में फैक्टरियां किराये के भूखंडों पर चल रही
रेवाड़ी। बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में फैक्टरियां किराये के भूखंडों पर चल रही हैं जिन्हें लीज पर दिया गया हैं। ऐसी कई फैक्टरियां हैं जिनमें घोषित कार्य से अलग गतिविधियां चल रही हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रमिक काम कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कई श्रमिकों का रिकाॅर्ड संबंधित कंपनी संचालकों के पास नहीं है। ऐसे में हादसे की स्थिति में पहचान और जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में एक चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इनमें दर्जनों फैक्ट्रियां ऐसी है, जिनके संचालक कोई और है और भूखंड के स्वामी कोई और है। वास्तविक मालिक अलग हैं। कई फैक्टरियों में आग लगने पर बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
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मुकेश वर्मा की जगह टपूकड़ा थाना अधिकारी का चार्ज संजय मीणा को दिया
फैक्टरी संचालक हेमंत कुमार का भाई हेड कॉन्स्टेबल योगेश कुमार शर्मा और डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम टीम के प्रभारी मुकेश वर्मा (टपूकड़ा थानाधिकारी) एक ही फ्लैट में रहते थे। कथित तौर पर ये फ्लैट फैक्टरी मालिक की पत्नी के नाम पर था। जयपुर रेंज के आईजी राघवेंद्र सुहास ने डीएसटी की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए भिवाड़ी डीएसटी टीम को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।टीम में तैनात प्रभारी मुकेश वर्मा सहित हेड कांस्टेबल योगेश कुमार शर्मा, कांस्टेबल दिनेश कुमार और कांस्टेबल जगपाल को लाइन हाजिर किया गया है। मुकेश वर्मा की जगह टपूकड़ा थाना अधिकारी का चार्ज संजय मीणा को दिया गया है। वहीं, पुलिस ने फैक्टरी मालिक, मैनेजर और अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।

अवैध पटाखा बनाने वाली फैक्टरी। संवाद

अवैध पटाखा बनाने वाली फैक्टरी। संवाद