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रिश्तेदारों ने नहीं दिए पैसे तो लगा लिया फंदा
रेवाड़ी।
Updated Wed, 30 Apr 2014 12:43 AM IST
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थाना क्षेत्र के गांव पीथनवास में एक युवक ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। आरोप है कि मरने वाले युवक के उसके जीजा के भाई और एक अन्य पर 1 लाख 70 हजार रुपये थे। वह यह रकम उसे दे नहीं रहे थे। इससे क्षुब्ध होकर उसने यह आत्मघाती कमद उठाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है। मृतक के पास से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है।
जांच अधिकारी ब्रहमजीत सिंह ने बताया कि सूबे सिंह पुत्र रविंद्र कुमार (30) रेवाड़ी के शक्ति नगर में 6 वर्षीय बेटे निखिल, तीन वर्षीय बेटी मुन्नी और पत्नी के साथ रहता था। आरोप है कि उसकेजीजा के बड़े भाई अटेली मंडी निवासी सुरेंद्र और उसके चचेरे भाई विरेंद्र गांव अकलीपुर जिला अलवर ने रविंद्र को प्रिटिंग प्रेस लगाने की सलाह दी थी। उनकी सलाह पर वह प्रेस लगाने को तैयार हो गया।
रविंद्र ने अपने रिश्तेदारों से ढाई लाख रुपये उधार लेकर प्रिटिंग मशीन खरीद ली थी, लेकिन उसका यह कारोबार चल नहीं सका। इसके बाद रिश्तेदारों ने उस पर तकादा करना शुरू कर दिया। इससे वह परेशान रहने लगा। आरोप है कि सुरेंद्र और विरेंद्र ने मिलकर मशीन को पांच मार्च को एक लाख 70 हजार रुपये में सस्ती दर पर खरीद लिया। आरोपियों ने उसे भरोसा दिया कि यह रकम दस दिन के अंदर दे दी जाएगी। समय सीमा समाप्त होने पर भी उसे रकम नहीं दी गई। इससे आहत होकर उसने हाईटेंशन लाइन की एंगल पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास सुसाइड नोट मिला है। थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सुरेंद्र और विरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
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कैप्सन-
बावल अस्पताल में गांव पीथनवास निवासी शव का परीक्षण कराने के दौरान उपस्थित परिजन।
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जांच अधिकारी ब्रहमजीत सिंह ने बताया कि सूबे सिंह पुत्र रविंद्र कुमार (30) रेवाड़ी के शक्ति नगर में 6 वर्षीय बेटे निखिल, तीन वर्षीय बेटी मुन्नी और पत्नी के साथ रहता था। आरोप है कि उसकेजीजा के बड़े भाई अटेली मंडी निवासी सुरेंद्र और उसके चचेरे भाई विरेंद्र गांव अकलीपुर जिला अलवर ने रविंद्र को प्रिटिंग प्रेस लगाने की सलाह दी थी। उनकी सलाह पर वह प्रेस लगाने को तैयार हो गया।
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रविंद्र ने अपने रिश्तेदारों से ढाई लाख रुपये उधार लेकर प्रिटिंग मशीन खरीद ली थी, लेकिन उसका यह कारोबार चल नहीं सका। इसके बाद रिश्तेदारों ने उस पर तकादा करना शुरू कर दिया। इससे वह परेशान रहने लगा। आरोप है कि सुरेंद्र और विरेंद्र ने मिलकर मशीन को पांच मार्च को एक लाख 70 हजार रुपये में सस्ती दर पर खरीद लिया। आरोपियों ने उसे भरोसा दिया कि यह रकम दस दिन के अंदर दे दी जाएगी। समय सीमा समाप्त होने पर भी उसे रकम नहीं दी गई। इससे आहत होकर उसने हाईटेंशन लाइन की एंगल पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास सुसाइड नोट मिला है। थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सुरेंद्र और विरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
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बावल अस्पताल में गांव पीथनवास निवासी शव का परीक्षण कराने के दौरान उपस्थित परिजन।