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Rewari News: नगर वन परियोजना से हरियाली बढ़ाने की तैयारी, ग्राम पंचायतों से बातचीत में जुटा एचएसवीपी
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सेक्टर 1 का हरा भरा क्षेत्र। संवाद
विभाग खाली पड़ी सरकारी जमीन में बड़े स्तर पर पौधरोपण करने की तैयारी कर रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में तेजी से घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए वन विभाग ने शहर में नगर वन विकसित करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), नगर परिषद तथा शहर से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली ग्राम पंचायतों से बातचीत कर जमीन तलाशने में जुट गया है।
विभाग ऐसे स्थानों की तलाश कर रहा है जहां सरकारी जमीन खाली पड़ी हो, जिससे वहां पौधरोपण किया जा सके। वन विभाग ने गांव बूढ़पुर क्षेत्र को नगर वन विकसित करने के लिए संभावित स्थान के रूप में चिह्नित किया है।
यहां जमीन की तलाश और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जमीन उपलब्ध होते ही नगर वन विकसित करने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
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वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नगर वन विकसित करने के लिए कम से कम 10 से 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। यदि 10 एकड़ क्षेत्र में वन तैयार किया जाता है तो वहां लगभग चार हजार पौधे लगाए जाएंगे।
इन पौधों में स्थानीय जलवायु के अनुकूल और पर्यावरण के लिए लाभकारी प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें नीम, पीपल, बरगद, अर्जुन, शीशम और अन्य छायादार व औषधीय पौधे शामिल किए जा सकते हैं।
नगर वन बनने से होंगे ये लाभ
नगर वन बनने से शहर के तापमान में कमी आएगी और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही धूल और धुएं से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। वर्तमान समय में शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते कंक्रीट के निर्माण के कारण हरियाली लगातार कम हो रही है, जिससे गर्मी और प्रदूषण दोनों बढ़ रहे हैं।
नगर वन केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहेगा
वन विभाग का कहना है कि नगर वन केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसे जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का केंद्र भी बनाया जाएगा। यहां भविष्य में प्रकृति पथ, बैठने की व्यवस्था और लोगों के लिए हरित गतिविधियों की संभावनाएं भी विकसित की जा सकती हैं।
संबंधित विभागों के साथ बातचीत की जा रही : दीपक
जिला वन अधिकारी दीपक नंदा ने बताया कि शहर और आसपास की खाली सरकारी जमीनों को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। संबंधित विभागों के साथ बातचीत की जा रही है। जमीन संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर वन तैयार करने का कार्य शुरू किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में तेजी से घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए वन विभाग ने शहर में नगर वन विकसित करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), नगर परिषद तथा शहर से करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली ग्राम पंचायतों से बातचीत कर जमीन तलाशने में जुट गया है।
विभाग ऐसे स्थानों की तलाश कर रहा है जहां सरकारी जमीन खाली पड़ी हो, जिससे वहां पौधरोपण किया जा सके। वन विभाग ने गांव बूढ़पुर क्षेत्र को नगर वन विकसित करने के लिए संभावित स्थान के रूप में चिह्नित किया है।
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यहां जमीन की तलाश और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जमीन उपलब्ध होते ही नगर वन विकसित करने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
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वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नगर वन विकसित करने के लिए कम से कम 10 से 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। यदि 10 एकड़ क्षेत्र में वन तैयार किया जाता है तो वहां लगभग चार हजार पौधे लगाए जाएंगे।
इन पौधों में स्थानीय जलवायु के अनुकूल और पर्यावरण के लिए लाभकारी प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें नीम, पीपल, बरगद, अर्जुन, शीशम और अन्य छायादार व औषधीय पौधे शामिल किए जा सकते हैं।
नगर वन बनने से होंगे ये लाभ
नगर वन बनने से शहर के तापमान में कमी आएगी और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही धूल और धुएं से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। वर्तमान समय में शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते कंक्रीट के निर्माण के कारण हरियाली लगातार कम हो रही है, जिससे गर्मी और प्रदूषण दोनों बढ़ रहे हैं।
नगर वन केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहेगा
वन विभाग का कहना है कि नगर वन केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसे जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का केंद्र भी बनाया जाएगा। यहां भविष्य में प्रकृति पथ, बैठने की व्यवस्था और लोगों के लिए हरित गतिविधियों की संभावनाएं भी विकसित की जा सकती हैं।
संबंधित विभागों के साथ बातचीत की जा रही : दीपक
जिला वन अधिकारी दीपक नंदा ने बताया कि शहर और आसपास की खाली सरकारी जमीनों को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। संबंधित विभागों के साथ बातचीत की जा रही है। जमीन संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर वन तैयार करने का कार्य शुरू किया जाएगा।