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Rewari News: ऐतिहासिक भाड़ावास गेट किया बंद, लोग परेशान
Thu, 24 Aug 2023 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 24 Aug 2023 12:07 AM IST
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भाड़ावास गेट से वाहनों का आवागमन किया गया बंद। संवाद
रेवाड़ी। शहर के ऐतिहासिक भाड़ावास गेट का भारी-भरकम मलबा गिरने के मामले में पुलिस ने मृतक सेवानिवृत्त शिक्षक के बेटे की शिकायत पर नगर परिषद और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। हादसेे के बाद गेट को बंद का दिया गया है, जिससे मुख्य बाजार में जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
1600 ई. में बबनाए गए भाड़ावास गेट का एक हिस्सा मंगलवार दोपहर बाद भरभरा कर अचानक गिर गया था। इस दौरान बाइक लेकर निकल रहे गांव कनुका निवासी करीब 67 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक सुभाष चंद दब गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। हादसे के बाद से शहर के लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि अधिकारी समय रहते ऐतिहासिक धरोहरों की मरम्मत करवा देते तो शायद सेवानिवृत्त शिक्षक की जान नहीं जाती। लेकिन अधिकारी शहर की जर्जर व ऐतिहासिक धरोहरों व भवनों की ओर कतई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अधिकारियों में भी हड़कंप
हादसे के बाद नगर परिषद के अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। गेट में दरार आ गई है। जिसके चलते यहां से वाहनों का आवागमन बंद करा दिया गया। चेतावनी बोर्ड लगाकर बैरिकेड्स लगा दिए है। जिससे किसी भी हादसे को टाला जा सके। शहर के गोकल गेट, कानोड़ गेट व दिल्ली गेट सहित अन्य ऐतिहासिक धरोहरें रखरखाव के अभाव में बदहाली पर आंसू बहा रही है।
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1600 ई. में बबनाए गए भाड़ावास गेट का एक हिस्सा मंगलवार दोपहर बाद भरभरा कर अचानक गिर गया था। इस दौरान बाइक लेकर निकल रहे गांव कनुका निवासी करीब 67 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक सुभाष चंद दब गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। हादसे के बाद से शहर के लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि अधिकारी समय रहते ऐतिहासिक धरोहरों की मरम्मत करवा देते तो शायद सेवानिवृत्त शिक्षक की जान नहीं जाती। लेकिन अधिकारी शहर की जर्जर व ऐतिहासिक धरोहरों व भवनों की ओर कतई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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अधिकारियों में भी हड़कंप
हादसे के बाद नगर परिषद के अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। गेट में दरार आ गई है। जिसके चलते यहां से वाहनों का आवागमन बंद करा दिया गया। चेतावनी बोर्ड लगाकर बैरिकेड्स लगा दिए है। जिससे किसी भी हादसे को टाला जा सके। शहर के गोकल गेट, कानोड़ गेट व दिल्ली गेट सहित अन्य ऐतिहासिक धरोहरें रखरखाव के अभाव में बदहाली पर आंसू बहा रही है।
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