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Rewari News: किट की कमी के चलते नागरिक अस्पताल में बंद पड़े हेपेटाइटिस-सी और बी टेस्ट
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नागरिक अस्पताल में ओपीडी के लिए लाइन में लगे मरीज। संवाद
- फोटो : राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के लिए लगा दंड।
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में जांच किट की कमी के कारण कई दिनों से हेपेटाइटिस-सी (एचसीवी) और हेपेटाइटिस-बी (एचबीएसएजी) की जांच बंद पड़ी है।
जिलेभर से आने वाले कई मरीजों को इन दोनों जांचों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि हेपेटाइटिस के मामले बढ़ रहे हैं। मगर जांच न होने से मरीजों को बार-बार अस्पताल आना पड़ रहा है। कई लोगों को मजबूरी में बाहर की निजी लैबों में 500 से 700 रुपये खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है।
दरअसल, हेपेटाइटिस-सी और हेपेटाइटिस-बी जांच में लगने वाली किट पिछले सप्ताह ही खत्म हो गई थीं। नया स्टॉक अभी नहीं आया है इसलिए लैब में जांचें पूरी तरह रोक दी गई हैं। सामान्य दिनों में इन दोनों जांचों के लिए रोज 15–20 मरीज पहुंचते थे लेकिन किट न होने से उन्हें लौटाया जा रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी है।
जानिए जांच क्यों है जरूरी
ये दोनों जांच गंभीर वायरल संक्रमण का पता लगाने के लिए की जाती हैं। हेपेटाइटिस-बी की जांच (एचबीएसएजी) से पता चलता है कि व्यक्ति को यह संक्रमण है या नहीं। वहीं हेपेटाइटिस-सी की जांच (एचसीवी) संक्रमण की पुष्टि करती है। समय पर जांच न होने पर बीमारी शरीर में फैलती जाती है और आगे चलकर लिवर खराब होना, लिवर फेल होना या कैंसर जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है। इसलिए इन जांचों का समय पर होना जरूरी है।
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वर्जन
अस्पताल में हेपेटाइटिस के मरीज आ रहे है लेकिन किट की कमी के कारण जांचें रुक गई हैं। उन्होंने कहा कि इलाज शुरू करने से पहले ये जांच जरूरी होती है। किट की मांग विभाग ने भेज दी है। जैसे ही सप्लाई आएगी, जांच दोबारा शुरू कर दी जाएंगी। -डॉ. गौरव यादव, चिकित्सक, नागरिक अस्पताल
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जिलेभर से आने वाले कई मरीजों को इन दोनों जांचों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि हेपेटाइटिस के मामले बढ़ रहे हैं। मगर जांच न होने से मरीजों को बार-बार अस्पताल आना पड़ रहा है। कई लोगों को मजबूरी में बाहर की निजी लैबों में 500 से 700 रुपये खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है।
दरअसल, हेपेटाइटिस-सी और हेपेटाइटिस-बी जांच में लगने वाली किट पिछले सप्ताह ही खत्म हो गई थीं। नया स्टॉक अभी नहीं आया है इसलिए लैब में जांचें पूरी तरह रोक दी गई हैं। सामान्य दिनों में इन दोनों जांचों के लिए रोज 15–20 मरीज पहुंचते थे लेकिन किट न होने से उन्हें लौटाया जा रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी है।
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जानिए जांच क्यों है जरूरी
ये दोनों जांच गंभीर वायरल संक्रमण का पता लगाने के लिए की जाती हैं। हेपेटाइटिस-बी की जांच (एचबीएसएजी) से पता चलता है कि व्यक्ति को यह संक्रमण है या नहीं। वहीं हेपेटाइटिस-सी की जांच (एचसीवी) संक्रमण की पुष्टि करती है। समय पर जांच न होने पर बीमारी शरीर में फैलती जाती है और आगे चलकर लिवर खराब होना, लिवर फेल होना या कैंसर जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है। इसलिए इन जांचों का समय पर होना जरूरी है।
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अस्पताल में हेपेटाइटिस के मरीज आ रहे है लेकिन किट की कमी के कारण जांचें रुक गई हैं। उन्होंने कहा कि इलाज शुरू करने से पहले ये जांच जरूरी होती है। किट की मांग विभाग ने भेज दी है। जैसे ही सप्लाई आएगी, जांच दोबारा शुरू कर दी जाएंगी। -डॉ. गौरव यादव, चिकित्सक, नागरिक अस्पताल