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Rewari News: नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस बी और सी की जांच शुरू, सैंपल नहीं भेजे जाएंगे बाहर

Tue, 29 Jul 2025 11:53 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jul 2025 11:53 PM IST
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Hepatitis B and C testing started in Civil Hospital, samples will not be sent outside
रेवाड़ी नागरिक अस्पताल। संवाद
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल स्थित मॉलीक्यूलर लैब में अब हेपेटाइटिस बी और सी (काला पीलिया) के मरीजों के नमूनों की जांच शुरू कर दी गई है। पहले नागरिक अस्पताल में लिए गए नमूने जांच के लिए एनसीडीसी नई दिल्ली या पीजीआई रोहतक भेजे जाते थे और रिपोर्ट 15 से 20 दिन बाद आती थी। इससे मरीजों का उपचार शुरू करने में भी देरी होती थी। अब नागरिक अस्पताल में यह जांच शुरू होने से रिपोर्ट जल्द मिलेगी और समय से मरीजों का इलाज शुरु हो सकेगा।
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पहले मरीजों को निजी अस्पतालों में जांच कराने के लिए 6 से 7 हजार रुपये और दवाओं पर 16 से 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ते थे लेकिन अब नागरिक अस्पताल में यह जांच मुफ्त होने और मुफ्त में दवाएं मिलने से रोगियों को काफी राहत मिलेगी। फिजिशियन डॉ. दीपक यादव ने बताया कि कोरोना काल में जिला मॉलीक्यूलर लैब स्थापित की गई थी। इसमें कोरोना की भी बड़ी संख्या में सैंपलिंग की गई थी।
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अब सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव के मार्गदर्शन में हेपेटाइटिस की जांच शुरू की गई है। इसमें वायरल लोड टेस्टिंग में ये पता लगेगा कि मरीज में कितना इंफेक्शन है। उसके बाद चिकित्सक के द्वारा उसी अनुसार उपचार शुरू किया जाएगा। इसके लिए किट भी उपलब्ध हो गई है। हेपेटाइटिस-सी में 3 से 6 माह तक दवा चलती है और बी के मरीजों की कई बार दवाई लंबी चलती रहती है।
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हेपेटाइटिस बी व सी लक्षण रहित बीमारी है, जो ज्यादातर लोगों में लंबे समय तक छिपी रहती है। लीवर में गंभीर संक्रमण होने के बाद ही इसके लक्षण दिखते हैं। इलाज मिलने से लीवर सिकुड़ जाता है। इस स्थिति को लीवर सिरोसिस कहते हैं। इसके अलावा मरीज को लीवर कैंसर भी हो सकता है। वहीं, क्रॉनिक हेपेटाइटिस सी में शरीर इस वायरस से मुक्त नहीं हो पाता और यह विषाणु शरीर में ही पालता रहता है। लीवर पूरी तरह से काम करना बंद कर देता है।

ऐसे हो सकता है हेपेटाइटिस बी व सी
- संक्रमित सुइयों के इस्तेमाल से।
- संक्रमित व्यक्ति के रक्त के संपर्क में आने पर।
- बिना सही जांच के संक्रमित रक्त चढ़ाया गया हो।
- संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाने से।
- टैटू बनवाने, नाक-कान छिदवाने।
- दूसरों के टूथ ब्रश।
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काला पीलिया के लक्षण
अनावश्यक थकान, सिर में दर्द और हल्का बुखार, त्वचा और आंखों का रंग पीला पड़ना, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, पेट में पानी भरना, पाचन संबंधी समस्याएं और दस्त, त्वचा में जलन, खुजली और लाल रंग के चकत्ते पड़ना, भूख लगना, वजन में गिरावट, देर से पता लगने पर मुंह से खून आना, पीले रंग का पेशाब होना, पैरों में सूजन होना सहित अन्य शामिल हैं।

ऐसे रख सकते हैं बचाव:
खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से जरूर धोएं, बाजार की बर्फ का इस्तेमाल न करें, हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन लगवाएं, यह पक्का कर लें कि नई सुई का इस्तेमाल हो रहा है व इंस्ट्रूमेंट स्टरलाइज है। अच्छे बैंक से ही ब्लड लें। लक्षण लगे तो समय पर जांच कराकर उचित उपचार कराएं।


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वर्जन:
नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस की स्क्रीनिंग और रैपिड टेस्ट की सुविधा होने से मरीजों को लाभ होगा। एक माह में 10 से 15 तक ये टेस्ट हो जाते हैं। अप्रैल 2024 से अभी तक हेपेटाइटिस-सी के 67 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं, इनमें से 46 ठीक हो चुके हैं, जबकि 21 का इलाज चल रहा है। हेपेटाइटिस बी के अभी तक 87 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 70 ठीक हो चुके हैं, जबकि 17 का इलाज चल रहा है। नागरिक अस्पताल में सुविधा शुरू होने से मरीजों को भी फायदा हो रहा है।
- डॉ. गौरव यादव, फिजिशयन, नागरिक अस्पताल
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