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हर दूसरा मरीज वायरल का शिकार
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Wed, 27 Jul 2016 11:20 PM IST
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मौसम की मार
- फोटो : bureau
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बारिश ने मौसमी बीमारियां बढ़ा दी है। संक्रमण के चलते शहर के नागरिक अस्पताल में औसतन 1200 की ओपीडी में से हर दूसरा मरीज वायरल से पीड़ित है। ऐसे में नागरिक अस्पताल को वायरल संबंधी बीमारी के लिए दवाइयों की अतिरिक्त खेप मंगानी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त उपाय किए गए हैं। वायरल की चपेट में सर्वाधिक नौनिहाल हैं। डॉक्टरों की मानें तो संक्रमण से सबसे पहले बच्चे चपेट में आते हैं।
एक सप्ताह में बढ़ी 40 फीसदी संख्या
सामान्य दिनों की ओपीडी और बीते एक सप्ताह की ओपीडी की तुलना की जाए तो वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या में 40 फीसदी का इजाफा हुआ है। नागरिक अस्पताल की लगभग 1200 की ओपीडी में 700-800 रोगी फिजीशियन एवं बच्चों संबंधी आ रहे हैं। आलम यह है कि फिजीशियन ओपीडी में तीन डॉक्टर होने के बावजूद लंबी लाइनें लगी हुई हैं। बाल रोग विशेषज्ञ के यहां भी यही हाल है। यहीं कारण है नागरिक अस्पताल प्रशासन को मरीजों की संख्या बढ़ने पर वायरल के लिए अलग से दवाइयां मंगवानी पड़ी हैं।
ऐसे फैलता है वायरल
वायरल मौसम जनित रोग है। मौसम में अधिक नमी इसके बढ़ने के लिए उपयुक्त होती है। एक बार कोई व्यक्ति इसकी चपेट में आता है तो संक्रमण के चलते यह बीमारी दूसरों में फैलती जाती है। बारिश के मौसम में बैक्टीरिया, वायरस एवं डेंगू से बीमारियां फैलती हैं।
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चिकित्सकीय सलाह जरूरी
डॉक्टरों का मानना है कि वायरल होने पर स्वयं किसी भी तरह की दवाई नहीं लेनी चाहिए। यदि ऐसा किया तो शरीर की रोग रोधक क्षमता कम होने के चलते असर उल्टा हो सकता है। वायरल होने पर चिकित्सकीय सलाह से ही दवा लें।
ये बरतें सावधानी
वायरल होने पर मरीज में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। वायरल से बचने के लिए मरीज को दवाइयां लेने की बजाए शुद्ध पानी एवं आहार पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि दवाइयों की बजाए यदि रोगी स्वच्छता पर ध्यान दें तो वह एक सप्ताह के अंदर स्वयं ठीक हो जाएगा। वायरल होने पर शुद्ध पानी भी ज्यादा मात्रा में लेना आवश्यक है।
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एक सप्ताह में बढ़ी 40 फीसदी संख्या
सामान्य दिनों की ओपीडी और बीते एक सप्ताह की ओपीडी की तुलना की जाए तो वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या में 40 फीसदी का इजाफा हुआ है। नागरिक अस्पताल की लगभग 1200 की ओपीडी में 700-800 रोगी फिजीशियन एवं बच्चों संबंधी आ रहे हैं। आलम यह है कि फिजीशियन ओपीडी में तीन डॉक्टर होने के बावजूद लंबी लाइनें लगी हुई हैं। बाल रोग विशेषज्ञ के यहां भी यही हाल है। यहीं कारण है नागरिक अस्पताल प्रशासन को मरीजों की संख्या बढ़ने पर वायरल के लिए अलग से दवाइयां मंगवानी पड़ी हैं।
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ऐसे फैलता है वायरल
वायरल मौसम जनित रोग है। मौसम में अधिक नमी इसके बढ़ने के लिए उपयुक्त होती है। एक बार कोई व्यक्ति इसकी चपेट में आता है तो संक्रमण के चलते यह बीमारी दूसरों में फैलती जाती है। बारिश के मौसम में बैक्टीरिया, वायरस एवं डेंगू से बीमारियां फैलती हैं।
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चिकित्सकीय सलाह जरूरी
डॉक्टरों का मानना है कि वायरल होने पर स्वयं किसी भी तरह की दवाई नहीं लेनी चाहिए। यदि ऐसा किया तो शरीर की रोग रोधक क्षमता कम होने के चलते असर उल्टा हो सकता है। वायरल होने पर चिकित्सकीय सलाह से ही दवा लें।
ये बरतें सावधानी
वायरल होने पर मरीज में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। वायरल से बचने के लिए मरीज को दवाइयां लेने की बजाए शुद्ध पानी एवं आहार पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि दवाइयों की बजाए यदि रोगी स्वच्छता पर ध्यान दें तो वह एक सप्ताह के अंदर स्वयं ठीक हो जाएगा। वायरल होने पर शुद्ध पानी भी ज्यादा मात्रा में लेना आवश्यक है।