फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   health, hospital, rewari, dengue

जिले में डेंगू की आहट, चार दिन में ग्यारह संदिग्ध केस मिले

Fri, 05 Aug 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
ब्यूरो /अमर उजाला Updated Fri, 05 Aug 2016 12:54 AM IST
विज्ञापन
प्रदेश के अन्य जिलों की तरह रेवाड़ी में भी डेंगू की आहट हो चुकी है। जुलाई महीने में 17 संदिग्ध डेंगू मरीजों के मिलने के बाद अगस्त महीने के पहले चार दिन में ही अस्पताल में ग्यारह संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि कार्ड टेस्ट में निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इधर एक मरीज में डेंगू की आशंका के चलते उसका एलाइजा टेस्ट कराया गया है। जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। इधर स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले को डेंगू एवं मलेरिया से बचाने के जिले के सभी पांचों ब्लॉक में एक-एक डिप्टी सविल सर्जन को मॉनिटरिंग के लिए लगाया गया है। मलेरिया की बात करें तो ट्रॉमा सेंटर स्थित मलेरिया वार्ड में तीन मलेरिया रोगियों का उपचार चल रहा है।
विज्ञापन


डेंगू की कंफर्मेशन के लिए एलाइजा टेस्ट जरूरी
नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ एवं मलेरिया एवं डेंगू विभाग के नोडल अधिकारी डॉ जेके सैनी ने बताया कि किसी भी रोगी को डेंगू है या नहीं यह केवल एलाइजा जांच के बाद ही पता चल सकता है। उन्होंने बताया कि जिले में केवल नागरिक अस्पताल में इसकी मुफ्त में जांच होती है। उन्होंने कहा कि कुछ निजी अस्पताल कार्ड टेस्ट के बाद ही डेंगू बताकर लोगों में डर फैला देते हैँ। उन्होंने कहा कि प्रशासन के आदेश है कि नागरिक अस्पताल में एलाइजा टेस्ट के बाद ही कोई निजी अस्पताल रोगी में डेंगू का सत्यापन कर सकता है। उन्होंने कहा कि कार्ड टेस्ट के बाद यदि कोई डॉक्टर डेंगू का उपचार करता है तो इसकी शिकायत पीड़ित नागरिक अस्पताल में कर सकता है।
विज्ञापन


धरातल पर नहीं दिख रहे स्वास्थ्य विभाग के इंतजा
स्वास्थ्य विभाग एक ओर दावा कर रहा है कि डेंगू का लार्वा एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए जिले में जिन भी जगहों पर जल भराव है, दवाईंया डाली जा रही है। लेकिन सच यह है कि शहर में पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग की एक कार्रवाई को छोड़ दिया जाए तो अनेको जगहों पर भरे जल भराव के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। शहर के ही निचले हिस्सों नई बस्ती, बावल रोड, धक्का बस्ती, सरस्वती विहार, विकास नगर एवं उत्तम नगर सहित अनेक कॉलोनियों में जल भराव के कारण मच्छर पनप रहे हैँ। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि डेंगू का लार्वा साफ पानी में पनपता है,लेकिन इस जल भराव के कारण लोगों में मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक बार भी नहीं हो पाई फॉगिंग
मच्छरों को मारने के लिए की जाने वाली फोगिंग भी शहर में एक बार भी नहीं हो पाई है। उल्टे स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फोगिंग का काम नगर परिषद का है। गौरतलब है कि एक फोगिंग मशीन नप के पास एवं दो मशीन स्वास्थ्य विभाग के पास है। लेकिन फोगिंग किसी एक से भी नहीं हो पाई है।

बीते वर्ष 32 रोगियों को लगा था डेंगू का डंक
स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार बीते वर्ष लगभग 32 रोगी डेंगू की चपेट में आए थे। विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त महिने में डेंगू के सर्वाधिक मामले सामने आते हैं। इसलिए अगस्त माह में सबसे ज्यादा केयर की जरूरत होती है।

---------------
वर्जन- डेंगू एवं मलेरिया से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारियां की हुई है। नागरिक अस्पताल के साथ ब्लॉक लेवल पर एक-एक डिप्टी सिविल सर्जन की ड्यूटी लगाई गई है। कार्ड टेस्ट से डेंगू का पता नहीं चलता है। नागरिक अस्पताल में डेंगू की कंफर्मेशन के लिए एलाइजा टेस्ट फ्री में किया जाता है।
-डॉ पुष्पा बिश्रोई, सीएमओ रेवाड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed