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Rewari News: हांसाका का प्राचीन जोहड़ बदहाल, दूषित पानी और कचरे से भरा
Mon, 20 Jul 2026 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 20 Jul 2026 11:27 PM IST
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गंदगी से अटा पड़ा हांसाका का जोहड़। स्रोत : ग्रामीण
- फोटो : सांकेतिक
रेवाड़ी। रेवाड़ी-पलवल राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ग्राम हांसाका का प्राचीन जोहड़ बदहाली का शिकार है। जोहड़ में दूषित पानी और कचरा भरा है जिससे दुर्गंध फैली रहती है। इससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों ने इस गंभीर पर्यावरणीय समस्या को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा पॉन्ड्स एंड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी और जिला प्रशासन सहित संबंधित विभागों को शिकायत भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में बताया गया है कि यह प्राचीन जोहड़ कभी गांव के प्रमुख जल स्रोतों में शामिल था। वर्षों तक इसमें स्वच्छ पानी भरा रहता था और यह जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
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लंबे समय से गंदे पानी की निकासी और अवैध रूप से कचरा डाले जाने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती चली गई। अब जोहड़ का पानी प्रदूषित हो चुका है और आसपास दुर्गंध फैली रहती है।
मांग की है कि संबंधित विभाग संयुक्त निरीक्षण कर जोहड़ में पहुंच रहे गंदे पानी के स्रोतों की पहचान करें और उन्हें बंद कराया जाए। साथ ही जोहड़ में जमा कचरे और गाद का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना लागू की जाए। अवैध रूप से कचरा डालने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत कार्रवाई की भी मांग की गई है।
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स्थानीय लोगों ने इस गंभीर पर्यावरणीय समस्या को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा पॉन्ड्स एंड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी और जिला प्रशासन सहित संबंधित विभागों को शिकायत भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
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शिकायत में बताया गया है कि यह प्राचीन जोहड़ कभी गांव के प्रमुख जल स्रोतों में शामिल था। वर्षों तक इसमें स्वच्छ पानी भरा रहता था और यह जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
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लंबे समय से गंदे पानी की निकासी और अवैध रूप से कचरा डाले जाने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती चली गई। अब जोहड़ का पानी प्रदूषित हो चुका है और आसपास दुर्गंध फैली रहती है।
मांग की है कि संबंधित विभाग संयुक्त निरीक्षण कर जोहड़ में पहुंच रहे गंदे पानी के स्रोतों की पहचान करें और उन्हें बंद कराया जाए। साथ ही जोहड़ में जमा कचरे और गाद का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर इसके संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना लागू की जाए। अवैध रूप से कचरा डालने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत कार्रवाई की भी मांग की गई है।