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Rewari News: नमी बताकर हैफेड ने नहीं खरीदी सरसों, कम रेट पर आढ़तियों को बेची
Thu, 16 Mar 2023 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:10 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले की रेवाड़ी, बावल और कोसली की अनाज मंडी में सरकार ने बुधवार को सरसों की खरीद शुरू कर दी है, लेकिन 15 से 20 फीसदी नमी होने के कारण सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड की ओर से सरसों का दाना भी नहीं खरीदा गया, जबकि सरसों में 8 फीसदी नमी का होना अनिवार्य है। ऐसे में किसान प्राइवेट एजेंसियों को 5000 से लेकर 5400 रुपये में सरसों बेच रहे हैं। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि हैफेड द्वारा सरसाें की खरीद की जानी है। इसके लिए हैफेड के अधिकारी लगातार मंडी का दौरा कर सरसों में नमी की मात्रा जांच रहे हैं। मगर फिलहाल नमी की मात्रा निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं निकल पा रही। ऐसे में अधिकारी किसानों को फसल सुखाकर लाने की सलाह दे रहे हैं।
4800 से 5400 रुपये तक बिकी सरसों
सरसों में नमी की मात्रा अधिक होने से किसानों को मुंह मांगा भाव नहीं मिल रहा। इन दिनों 4,800 से 5,400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में आढ़ती सरसों खरीद रहे हैं। जो सरकारी भाव से काफी कम है। सरकारी भाव 5,450 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। इसके अलावा कुछ ढेरी ऐसी भी आई हैं जिनका भाव 5450 से 5500 तक चला गया। आने वाले दिनों में सरसों की आवक और तेज हो जाएगी।
एजेंसी बढ़ाने की उठने लगी मांग
अभी सरसों की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है लेकिन व्यापारियों ने खरीद प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई है। नई अनाज मंडी व्यापार संघ के अनिल यादव, सुरेश कुमार गर्ग, नवल किशोर गुप्ता, मनीष अग्रवाल, अनिल गर्ग, राव हरकेश कुमार व रामकिशन आदि का कहना है कि सरकार ने सरसों खरीद का जिम्मा सिर्फ एक एजेंसी को दिया है। इस एजेंसी का पांच लाख क्विंटल तक सरसों खरीद का लक्ष्य है। सरकार को एक से अधिक एजेंसियों को खरीद का जिम्मा देना चाहिए ताकि छोटे व्यापारियों को लाभ मिल सके।
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सरसों में नमी अधिक होने के कारण खरीद नहीं हो पा रही। किसान पहले अपनी फसल को सुखाएं उसके बाद मंडी में लेकर आएं। किसान सरसों बिक्री में जल्दबाजी नहीं करें। सरसों की साफ सफाई कर और सुखाकर लाएंगे तो अच्छे भाव मिलेंगे। मंडी में अनाज लेकर आने पर किसानों को अपना आधार कार्ड के साथ मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद पंजीकरण संख्या साथ लेकर आना अनिवार्य है। मंडी में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो इसका पूरा ध्यान दिया जा रहा है। सुझाव आते हैं तो उन पर विचार किया जा सकता है।
-मनोज कुमार, खरीद अधिकारी, हैफेड।
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रेवाड़ी। जिले की रेवाड़ी, बावल और कोसली की अनाज मंडी में सरकार ने बुधवार को सरसों की खरीद शुरू कर दी है, लेकिन 15 से 20 फीसदी नमी होने के कारण सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड की ओर से सरसों का दाना भी नहीं खरीदा गया, जबकि सरसों में 8 फीसदी नमी का होना अनिवार्य है। ऐसे में किसान प्राइवेट एजेंसियों को 5000 से लेकर 5400 रुपये में सरसों बेच रहे हैं। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि हैफेड द्वारा सरसाें की खरीद की जानी है। इसके लिए हैफेड के अधिकारी लगातार मंडी का दौरा कर सरसों में नमी की मात्रा जांच रहे हैं। मगर फिलहाल नमी की मात्रा निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं निकल पा रही। ऐसे में अधिकारी किसानों को फसल सुखाकर लाने की सलाह दे रहे हैं।
4800 से 5400 रुपये तक बिकी सरसों
सरसों में नमी की मात्रा अधिक होने से किसानों को मुंह मांगा भाव नहीं मिल रहा। इन दिनों 4,800 से 5,400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में आढ़ती सरसों खरीद रहे हैं। जो सरकारी भाव से काफी कम है। सरकारी भाव 5,450 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। इसके अलावा कुछ ढेरी ऐसी भी आई हैं जिनका भाव 5450 से 5500 तक चला गया। आने वाले दिनों में सरसों की आवक और तेज हो जाएगी।
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एजेंसी बढ़ाने की उठने लगी मांग
अभी सरसों की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है लेकिन व्यापारियों ने खरीद प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई है। नई अनाज मंडी व्यापार संघ के अनिल यादव, सुरेश कुमार गर्ग, नवल किशोर गुप्ता, मनीष अग्रवाल, अनिल गर्ग, राव हरकेश कुमार व रामकिशन आदि का कहना है कि सरकार ने सरसों खरीद का जिम्मा सिर्फ एक एजेंसी को दिया है। इस एजेंसी का पांच लाख क्विंटल तक सरसों खरीद का लक्ष्य है। सरकार को एक से अधिक एजेंसियों को खरीद का जिम्मा देना चाहिए ताकि छोटे व्यापारियों को लाभ मिल सके।
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सरसों में नमी अधिक होने के कारण खरीद नहीं हो पा रही। किसान पहले अपनी फसल को सुखाएं उसके बाद मंडी में लेकर आएं। किसान सरसों बिक्री में जल्दबाजी नहीं करें। सरसों की साफ सफाई कर और सुखाकर लाएंगे तो अच्छे भाव मिलेंगे। मंडी में अनाज लेकर आने पर किसानों को अपना आधार कार्ड के साथ मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद पंजीकरण संख्या साथ लेकर आना अनिवार्य है। मंडी में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो इसका पूरा ध्यान दिया जा रहा है। सुझाव आते हैं तो उन पर विचार किया जा सकता है।
-मनोज कुमार, खरीद अधिकारी, हैफेड।