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Rewari News: गुरु ने दिखाई राह, अब खुद मार्गदर्शक बन संवार रहे बच्चों की जिंदगी
Fri, 05 Sep 2025 12:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 05 Sep 2025 12:31 AM IST
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रेवाड़ी। गुरु सिर्फ विभिन्न विषयों का ज्ञान ही नहीं देते बल्कि जीवन में सफलता की राह बताते हैं। किसी शिक्षक ने अनुशासित बनाया तो किसी ने कठिन विषय को आसान तरीके से पढ़ाकर उसमें निपुण किया। आज गुरु के बताए मार्ग पर चलकर वे खुद शिक्षक बने और अब बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं। यह बातें विभिन्न गुरुजनों ने अपने गुरु को याद करते हुए कहीं।
अपने गुरुजनों को याद करते हुए शिक्षकों ने बताया कि जीवन की असली बुनियाद केवल पुस्तकों से नहीं बल्कि गुरुजनों की शिक्षाओं से मजबूत होती है। छात्र जीवन के दिन आज भी याद आते हैं। किसी शिक्षक की विशेषता अनुशासन थी तो कोई कठिन विषयों को सरल बनाकर समझा देते थे।
एक शिक्षक ने बताया कि उनके गुरु हमेशा कहा करते थे कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है। यह सीख आज भी हर कठिन परिस्थिति में उन्हें हिम्मत देती है। शिक्षकों ने कहा कि गुरु का असली योगदान यही है कि वे केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि मूल्य, संस्कार और आत्मविश्वास भी देते हैं। गुरु ही वह शख्सियत होते हैं जो जीवन यात्रा को सही मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करते हैं। संवाद
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गुरुजन देते हैं जीवन को दिशा : रेनू यादव
जिला विज्ञान विशेषज्ञ प्रिंसिपल रेनू यादव ने बताया कि भौतिकी विषय उन्होंने विद्या भूषण गुप्ता से पढ़ी जो वर्तमान में मॉडल स्कूल गुड़ियानी के प्रिंसिपल हैं। गणित उन्होंने सतीश यादव से पढ़ी जो केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक रहे। दोनों शिक्षकों ने ही उनके भीतर विज्ञान के प्रति लगाव जगाया। उन्होंने आठ साल तक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुंड में जीव विज्ञान पढ़ाया। आज उनके पढ़ाए छात्र विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत हैं। उन्हें देखकर गर्व का अनुभव होता है। जीवन की सबसे बड़ी गुरु मां है जिन्होंने उन्हें सशक्त नारी बनने की प्रेरणा दी।
गुरु से मिली अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा : मनु
खरखड़ा स्थित राजकीय महाविद्यालय के प्रवक्ता मनु कुमार ने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं। प्राथमिक शिक्षा के दौरान मुख्य अध्यापक विजय सिंह ने उन्हें अनुशासन जीवन जीने की प्रेरणा दी थी। उन्होंने गणित के सवालों को सहजता से हल करने तकनीक बताई थी। इसके अलावा डॉ. सुरेंद्र सिंह ने जीवन की हर कठिनाई को धैर्यपूर्वक सहने की प्रेरणा दी थी। आज उनके पढ़ाए गए अनेक विद्यार्थी अलग-अलग विभागों में कार्यरत हैं, जो गर्व की बात है।
विषम परिस्थितियों में आगे बढ़ने की दी सीख : संयोगिता
पीएम श्री विद्यालय की संस्कृत प्रवक्ता संयोगिता ने कहा कि आज भी वह अपने गुरु बनवारी लाल को याद करती हैं। उनका पढ़ाने का तरीका आज भी स्मृति में ताजा है। उनकी कही बात बचपन में तो समझ नहीं आई लेकिन जीवन के संघर्षों में आगे बढ़ते हुए जब कठिनाइयों का सामना हुआ, तब उनकी शिक्षा का महत्व समझ में आया। उन्होंने कहा कि यही शिक्षा उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
गुरु की प्रेरणा से बच्चों का कर रहे मार्गदर्शन : विक्रम सिंह
पीथड़ावास स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के संस्कृत अध्यापक विक्रम सिंह ने अपने गुरु मदनलाल शास्त्री से प्रेरणा लेकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। गुरु जी के बताए राह पर चलकर राष्ट्रीय साधन एवं योग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा में वर्ष 2008 से अब तक 35 मेधावी व आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को छात्रवृत्ति दिलाने में मदद की। कोरोना काल में घर-घर जाकर विद्यार्थियों तक पुस्तकें पहुंचाईं। विद्यालय के 8 विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति परीक्षा उत्तीर्ण की है।
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अपने गुरुजनों को याद करते हुए शिक्षकों ने बताया कि जीवन की असली बुनियाद केवल पुस्तकों से नहीं बल्कि गुरुजनों की शिक्षाओं से मजबूत होती है। छात्र जीवन के दिन आज भी याद आते हैं। किसी शिक्षक की विशेषता अनुशासन थी तो कोई कठिन विषयों को सरल बनाकर समझा देते थे।
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एक शिक्षक ने बताया कि उनके गुरु हमेशा कहा करते थे कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है। यह सीख आज भी हर कठिन परिस्थिति में उन्हें हिम्मत देती है। शिक्षकों ने कहा कि गुरु का असली योगदान यही है कि वे केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि मूल्य, संस्कार और आत्मविश्वास भी देते हैं। गुरु ही वह शख्सियत होते हैं जो जीवन यात्रा को सही मार्गदर्शन और प्रेरणा प्रदान करते हैं। संवाद
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गुरुजन देते हैं जीवन को दिशा : रेनू यादव
जिला विज्ञान विशेषज्ञ प्रिंसिपल रेनू यादव ने बताया कि भौतिकी विषय उन्होंने विद्या भूषण गुप्ता से पढ़ी जो वर्तमान में मॉडल स्कूल गुड़ियानी के प्रिंसिपल हैं। गणित उन्होंने सतीश यादव से पढ़ी जो केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक रहे। दोनों शिक्षकों ने ही उनके भीतर विज्ञान के प्रति लगाव जगाया। उन्होंने आठ साल तक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुंड में जीव विज्ञान पढ़ाया। आज उनके पढ़ाए छात्र विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत हैं। उन्हें देखकर गर्व का अनुभव होता है। जीवन की सबसे बड़ी गुरु मां है जिन्होंने उन्हें सशक्त नारी बनने की प्रेरणा दी।
गुरु से मिली अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा : मनु
खरखड़ा स्थित राजकीय महाविद्यालय के प्रवक्ता मनु कुमार ने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं। प्राथमिक शिक्षा के दौरान मुख्य अध्यापक विजय सिंह ने उन्हें अनुशासन जीवन जीने की प्रेरणा दी थी। उन्होंने गणित के सवालों को सहजता से हल करने तकनीक बताई थी। इसके अलावा डॉ. सुरेंद्र सिंह ने जीवन की हर कठिनाई को धैर्यपूर्वक सहने की प्रेरणा दी थी। आज उनके पढ़ाए गए अनेक विद्यार्थी अलग-अलग विभागों में कार्यरत हैं, जो गर्व की बात है।
विषम परिस्थितियों में आगे बढ़ने की दी सीख : संयोगिता
पीएम श्री विद्यालय की संस्कृत प्रवक्ता संयोगिता ने कहा कि आज भी वह अपने गुरु बनवारी लाल को याद करती हैं। उनका पढ़ाने का तरीका आज भी स्मृति में ताजा है। उनकी कही बात बचपन में तो समझ नहीं आई लेकिन जीवन के संघर्षों में आगे बढ़ते हुए जब कठिनाइयों का सामना हुआ, तब उनकी शिक्षा का महत्व समझ में आया। उन्होंने कहा कि यही शिक्षा उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
गुरु की प्रेरणा से बच्चों का कर रहे मार्गदर्शन : विक्रम सिंह
पीथड़ावास स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के संस्कृत अध्यापक विक्रम सिंह ने अपने गुरु मदनलाल शास्त्री से प्रेरणा लेकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। गुरु जी के बताए राह पर चलकर राष्ट्रीय साधन एवं योग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा में वर्ष 2008 से अब तक 35 मेधावी व आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को छात्रवृत्ति दिलाने में मदद की। कोरोना काल में घर-घर जाकर विद्यार्थियों तक पुस्तकें पहुंचाईं। विद्यालय के 8 विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति परीक्षा उत्तीर्ण की है।