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Rewari News: पोशाक व वाद्य यंत्र के लिए राजकीय विद्यालयों को मिलेगा अनुदान
Fri, 24 Jan 2025 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 24 Jan 2025 11:48 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के राजकीय विद्यालयों में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों व कार्यक्रम में संसाधनों की कमी आड़े नहीं आएगी। सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यालयों को विशेष ग्रांट दिया जाएगा। इस राशि से प्रतिभागियों की पोशाक व वाद्य यंत्र की व्यवस्था की जाएगी।
पोशाक व वाद्य यंत्र मिलने से विद्यार्थियों की प्रस्तुति और ज्यादा निखरेगी। विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से पोशाक और वाद्य यंत्र प्रबंधन के लिए जिले को 1.10 लाख रुपये की ग्रांट जारी जाएगी। इसके लिए निदेशालय ने विद्यालयों को डिमांड भेजने के निर्देश दिए हैं। यह डिमांड केवल राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय को ही भेजनी होती है। निदेशालय ने इस ग्रांट के प्रयोग के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। निदेशालय के आदेशों के बाद जिला मौलिक शिक्षा विभाग इसमें जुट गया है। जिला मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से हर वर्ष सांस्कृतिक महोत्सव करवाया जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम व गतिविधियों में प्रतिभागी विद्यार्थियों को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए संबंधित पोशाक व वाद्य यंत्रों की जरूरत होती है। इसके लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को 1,10,000 (पोशाक के लिए 30,000 व वाद्य यंत्रों के लिए 80,000 रुपये) प्रति विद्यालय की दर से ग्रांट जारी की जाती है।
शिक्षा निदेशालय ने ग्रांट पात्रता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। इसके तहत जिले के ऐसे विद्यालय जिन्हें पिछले तीन साल कोई ग्रांट नहीं मिली है, ऐसे विद्यालय जिनमें पिछले साल में 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को वृद्धि हुई है। जिन विद्यालयों को कभी वाद्य यंत्रों की ग्रांट नहीं मिली है या जिन विद्यालयों को पिछले पांच वर्ष में ग्रांट दी गई थी, उनके मुखिया लिखित रूप में डीईईओ को उपक्रम उपलब्ध करवाएंगे। उसके बाद ही चयनित विद्यालयों की डिमांड निदेशालय में भेजी जा सकती है।
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वर्जन
जिले के कन्या विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम व गतिविधियों को देखते हुए पोशाक व वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने के लिए निदेशालय की ओर से ग्रांट दी जानी है। इसके लिए विद्यालयों से डिमांड की गई है। विद्यालय मुखिया को पत्राचार कर सूचित कर दिया गया है। -कपिल पूनिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। जिले के राजकीय विद्यालयों में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों व कार्यक्रम में संसाधनों की कमी आड़े नहीं आएगी। सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यालयों को विशेष ग्रांट दिया जाएगा। इस राशि से प्रतिभागियों की पोशाक व वाद्य यंत्र की व्यवस्था की जाएगी।
पोशाक व वाद्य यंत्र मिलने से विद्यार्थियों की प्रस्तुति और ज्यादा निखरेगी। विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से पोशाक और वाद्य यंत्र प्रबंधन के लिए जिले को 1.10 लाख रुपये की ग्रांट जारी जाएगी। इसके लिए निदेशालय ने विद्यालयों को डिमांड भेजने के निर्देश दिए हैं। यह डिमांड केवल राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय को ही भेजनी होती है। निदेशालय ने इस ग्रांट के प्रयोग के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। निदेशालय के आदेशों के बाद जिला मौलिक शिक्षा विभाग इसमें जुट गया है। जिला मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से हर वर्ष सांस्कृतिक महोत्सव करवाया जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम व गतिविधियों में प्रतिभागी विद्यार्थियों को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए संबंधित पोशाक व वाद्य यंत्रों की जरूरत होती है। इसके लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को 1,10,000 (पोशाक के लिए 30,000 व वाद्य यंत्रों के लिए 80,000 रुपये) प्रति विद्यालय की दर से ग्रांट जारी की जाती है।
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शिक्षा निदेशालय ने ग्रांट पात्रता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। इसके तहत जिले के ऐसे विद्यालय जिन्हें पिछले तीन साल कोई ग्रांट नहीं मिली है, ऐसे विद्यालय जिनमें पिछले साल में 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को वृद्धि हुई है। जिन विद्यालयों को कभी वाद्य यंत्रों की ग्रांट नहीं मिली है या जिन विद्यालयों को पिछले पांच वर्ष में ग्रांट दी गई थी, उनके मुखिया लिखित रूप में डीईईओ को उपक्रम उपलब्ध करवाएंगे। उसके बाद ही चयनित विद्यालयों की डिमांड निदेशालय में भेजी जा सकती है।
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जिले के कन्या विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम व गतिविधियों को देखते हुए पोशाक व वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने के लिए निदेशालय की ओर से ग्रांट दी जानी है। इसके लिए विद्यालयों से डिमांड की गई है। विद्यालय मुखिया को पत्राचार कर सूचित कर दिया गया है। -कपिल पूनिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।