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Rewari News: ट्रैक्टर की लगी कतारें, सरकारी खरीद शुरू नहीं, प्राइवेट को बेची फसल
Tue, 31 Mar 2026 02:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 31 Mar 2026 02:15 AM IST
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ट्रैक्टर पर नहीं लगी नंबर प्लेट। संवाद
रेवाड़ी। नई अनाज मंडी में सोमवार को भी सरकारी खरीद प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू नहीं हो पाई। हालांकि मंडी में करीब 8 हजार क्विंटल सरसों की आवक दर्ज की गई और लगभग इतनी ही मात्रा में खरीद भी हुई लेकिन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी खामियों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
मंडी में करीब 650 गेट पास काटे गए और सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गईं। किसान अपनी फसल बेचने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। इस बीच बाॅयोमेट्रिक मशीनों के काम न करने के कारण पंजीकरण प्रक्रिया बाधित रही। कई किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
बाद में अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनका डाटा सिस्टम पर अपलोड कर दिया जाएगा। सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रुपये प्रति क्विंटल पर होनी है लेकिन मंडी में प्राइवेट व्यापारियों ने 6950 रुपये प्रति क्विंटल तक बोली लगाई। अधिक कीमत मिलने के कारण कई किसान प्राइवेट खरीदारों की ओर रुख करते नजर आए।
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इसके अलावा बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों को लेकर भी सख्ती ने किसानों की परेशानी बढ़ाई। नियमों के अनुसार बिना नंबर प्लेट के फसल बेचने की अनुमति नहीं दी जा रही है। किसान विजय ने बताया कि वह अपनी सरसों बेचने के लिए मंडी पहुंचे थे लेकिन ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण उन्हें रोका गया।
उन्होंने कहा कि नंबर प्लेट लंबे समय से नहीं लगी थी और उन्हें नंबर भी याद नहीं था जिसके चलते उन्हें घर से जानकारी मंगवानी पड़ी। मंडी में पहले दिन की अव्यवस्थाओं के कारण किसानों में नाराजगी देखने को मिली।
दोपहर बाद मौसम बदलने से अफरा-तफरी
सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अचानक मौसम ने करवट बदल ली। तेज हवा, आंधी और हल्की बूंदाबांदी से नई अनाज मंडी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उस समय बड़ी संख्या में किसान अपनी सरसों की फसल लेकर मंडी में मौजूद थे जिससे बारिश की आशंका ने उनकी चिंता बढ़ा दी।
करीब 5 मिनट तक हुई बूंदाबांदी के दौरान किसान अपनी फसल को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई किसानों ने तिरपाल और अन्य साधनों से अपनी उपज को ढकने का प्रयास किया। हालांकि राहत की बात यह रही कि बारिश ज्यादा देर तक नहीं चली और कुछ ही मिनटों बाद मौसम साफ हो गया तथा तेज धूप निकल आई।
मंगलवार को अनाज मंडी की छुट्टी
इधर, मंडी प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई है कि मंगलवार को अनाज मंडी में सरसों की खरीद नहीं होगी। मंडी में अवकाश के चलते पूरे दिन उठान का कार्य किया जाएगा। फिलहाल मंडी में फसल की अधिक आवक के कारण जगह की कमी हो गई है ऐसे में फसल को व्यवस्थित करने और स्टॉक को उठाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। अगले दिन से खरीद प्रक्रिया फिर से सुचारू रूप से शुरू की जाएगी।
गेहूं की 2585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 1 अप्रैल से खरीद
गेहूं की 2585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 1 अप्रैल से खरीद शुरू होगी। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि अनाज मंडियों में रबी फसल की खरीद के लिए किसानों का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। इसी के साथ सरकार ने मंडियों में गेट पास फोटो सत्यापन के लिए वाहन की फ्रंट नंबर प्लेट अनिवार्य है। गेट पास के लिए किसान का बाॅयोमेट्रिक सत्यापन भी आवश्यक होगा। हरियाणा सरकार द्वारा गेहूं 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों 6200 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया गया है।
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मंडी में करीब 650 गेट पास काटे गए और सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गईं। किसान अपनी फसल बेचने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। इस बीच बाॅयोमेट्रिक मशीनों के काम न करने के कारण पंजीकरण प्रक्रिया बाधित रही। कई किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
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बाद में अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनका डाटा सिस्टम पर अपलोड कर दिया जाएगा। सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रुपये प्रति क्विंटल पर होनी है लेकिन मंडी में प्राइवेट व्यापारियों ने 6950 रुपये प्रति क्विंटल तक बोली लगाई। अधिक कीमत मिलने के कारण कई किसान प्राइवेट खरीदारों की ओर रुख करते नजर आए।
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इसके अलावा बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों को लेकर भी सख्ती ने किसानों की परेशानी बढ़ाई। नियमों के अनुसार बिना नंबर प्लेट के फसल बेचने की अनुमति नहीं दी जा रही है। किसान विजय ने बताया कि वह अपनी सरसों बेचने के लिए मंडी पहुंचे थे लेकिन ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण उन्हें रोका गया।
उन्होंने कहा कि नंबर प्लेट लंबे समय से नहीं लगी थी और उन्हें नंबर भी याद नहीं था जिसके चलते उन्हें घर से जानकारी मंगवानी पड़ी। मंडी में पहले दिन की अव्यवस्थाओं के कारण किसानों में नाराजगी देखने को मिली।
दोपहर बाद मौसम बदलने से अफरा-तफरी
सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अचानक मौसम ने करवट बदल ली। तेज हवा, आंधी और हल्की बूंदाबांदी से नई अनाज मंडी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उस समय बड़ी संख्या में किसान अपनी सरसों की फसल लेकर मंडी में मौजूद थे जिससे बारिश की आशंका ने उनकी चिंता बढ़ा दी।
करीब 5 मिनट तक हुई बूंदाबांदी के दौरान किसान अपनी फसल को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई किसानों ने तिरपाल और अन्य साधनों से अपनी उपज को ढकने का प्रयास किया। हालांकि राहत की बात यह रही कि बारिश ज्यादा देर तक नहीं चली और कुछ ही मिनटों बाद मौसम साफ हो गया तथा तेज धूप निकल आई।
मंगलवार को अनाज मंडी की छुट्टी
इधर, मंडी प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई है कि मंगलवार को अनाज मंडी में सरसों की खरीद नहीं होगी। मंडी में अवकाश के चलते पूरे दिन उठान का कार्य किया जाएगा। फिलहाल मंडी में फसल की अधिक आवक के कारण जगह की कमी हो गई है ऐसे में फसल को व्यवस्थित करने और स्टॉक को उठाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। अगले दिन से खरीद प्रक्रिया फिर से सुचारू रूप से शुरू की जाएगी।
गेहूं की 2585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 1 अप्रैल से खरीद
गेहूं की 2585 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 1 अप्रैल से खरीद शुरू होगी। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि अनाज मंडियों में रबी फसल की खरीद के लिए किसानों का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। इसी के साथ सरकार ने मंडियों में गेट पास फोटो सत्यापन के लिए वाहन की फ्रंट नंबर प्लेट अनिवार्य है। गेट पास के लिए किसान का बाॅयोमेट्रिक सत्यापन भी आवश्यक होगा। हरियाणा सरकार द्वारा गेहूं 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों 6200 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया गया है।

ट्रैक्टर पर नहीं लगी नंबर प्लेट। संवाद

ट्रैक्टर पर नहीं लगी नंबर प्लेट। संवाद