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प्रदेश सरकार ने फसलों के खराब होने पर मुआवजा बढ़ाकर 12 हजार प्रति एकड़ किया
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बाल भवन में पहुंचने पर ओपी धनखड़ का स्वागत करते लोग
- फोटो : Rewari
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने फसलों के खराब होने पर मुआवजा बढ़ाकर 12 हजार प्रति एकड़ किया है और किसी को भी 500 रुपये से कम नहीं मिलता।
कृषि एवं किसान कल्याण शुक्रवार को बाल भवन में आयोजित किसान परामर्श गोष्ठी में बोल रहे थे। इस गोष्ठी में रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूहं जिले के प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें में किसान खाद के लिए लाइन में लगता था, लेकिन हमारी सरकार ने खाद वितरण में लगने वाली लाईनों को समाप्त किया है। किसानों के कष्ट दूर करने के लिए हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण का गठन किया गया है। सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य उनकी उत्पादन लागत से डेढ़ गुना किया है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा शुरू की गई भावांतर भरपाई योजना किसानों को आर्थिक संरक्षण प्रदान करने वाली बेहतरीन योजना हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मंडी में सब्जी व फल की कम कीमत के दौरान किसानों का निर्धारित संरक्षित मूल्य द्वारा जोखिम को कम करना तथा कृषि में विविधिकरण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना है।
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उन्होंने कहा कि टमाटर, प्याज, आलू व फूल गोभी की फसलों भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है ताकि किसानों को लाभ पहुंचाया जा सकें। बाजार में भाव गिरने की स्थिति में निर्धारित मूल्य के अनुसार सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसान फसल बीमा योजना किसानों के हित के लिए है इससे प्राकृतिक आपदा या किसी बीमारी से फसल खराब हो जाने पर किसान को उचित मुआवजा मिलता है। सरकार ने किसानों को उनकी फसलों की बुआई से लेकर मंडियों में फसल की बिक्री तक सहायता प्रदान करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है। सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्योरा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना जैसी अनेक योजनाएं किसानों के हित के लिए बनाई है।
उन्होंने बताया कि कृषि अर्थव्यवस्था की समृद्धि की दिशा में कृषि को अब कृषि सेवा क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है तथा इस दिशा में कार्य किया जा रहा हैं। कृषि के साथ-साथ सहायक कृषि कार्यों की आर्थिक समृद्धि के लिए हरियाणा में नीतिगत परिवर्तनों को कार्यरूप दिया गया है। नीतिगत परिवर्तनों, कृषि विपणन व श्रृंखलाबद्ध योजनाओं के माध्यम से कृषि अर्थव्यवस्था की समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें कृषि नेतृत्व पुरस्कार -2019 (फार्मिंग लीडरशिप अवार्ड-2019) से सम्मानित भी किया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि दक्षिणी हरियाणा की नहरों को ठीक कराने के लिए 143 करोड़ रुपये मंजूर कराए और आखिरी टेल तक पानी पहुंचाने का कार्य किया।
मसानी बैराज में पानी भरवाकर जलस्तर को उठाया : विधायक
विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने कहा कि दक्षिणी हरियाणा में पानी पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने 143 करोड़ रुपये खर्च कर नहरों मे पानी पहुंचाने के लिए पंपों और मोटरों को ठीक कराकर उनकी मरम्मत कराई तथा मसानी बैराज को पानी से भरवाकर इस क्षेत्र में जल स्तर को ऊंचा किया। इस अवसर पर किसान आयोग के चेयरमैन, रणबीर गंगवा, जिला भाजपा अध्यक्ष योगेन्द्र पालीवाल, प्रीतम चौहान, अजय काटीवाल, किसान मोर्चा के कोषाध्यक्ष रामपाल यादव, डीडीपीओ डॉ एसी कौशिक, तहसीलदार मनमोहन, उपनिदेशक कृषि राजेश सिहाग, एसडीओ कृषि दीपक यादव, मार्किट कमेटी के सचिव नरेन्द्र सिंह, नायब तहसीलदार भूप सिंह सहित प्रगतिशील किसान भी मौजूद रहे।
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कृषि एवं किसान कल्याण शुक्रवार को बाल भवन में आयोजित किसान परामर्श गोष्ठी में बोल रहे थे। इस गोष्ठी में रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूहं जिले के प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें में किसान खाद के लिए लाइन में लगता था, लेकिन हमारी सरकार ने खाद वितरण में लगने वाली लाईनों को समाप्त किया है। किसानों के कष्ट दूर करने के लिए हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण का गठन किया गया है। सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य उनकी उत्पादन लागत से डेढ़ गुना किया है।
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उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा शुरू की गई भावांतर भरपाई योजना किसानों को आर्थिक संरक्षण प्रदान करने वाली बेहतरीन योजना हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मंडी में सब्जी व फल की कम कीमत के दौरान किसानों का निर्धारित संरक्षित मूल्य द्वारा जोखिम को कम करना तथा कृषि में विविधिकरण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना है।
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उन्होंने कहा कि टमाटर, प्याज, आलू व फूल गोभी की फसलों भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है ताकि किसानों को लाभ पहुंचाया जा सकें। बाजार में भाव गिरने की स्थिति में निर्धारित मूल्य के अनुसार सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसान फसल बीमा योजना किसानों के हित के लिए है इससे प्राकृतिक आपदा या किसी बीमारी से फसल खराब हो जाने पर किसान को उचित मुआवजा मिलता है। सरकार ने किसानों को उनकी फसलों की बुआई से लेकर मंडियों में फसल की बिक्री तक सहायता प्रदान करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है। सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्योरा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना जैसी अनेक योजनाएं किसानों के हित के लिए बनाई है।
उन्होंने बताया कि कृषि अर्थव्यवस्था की समृद्धि की दिशा में कृषि को अब कृषि सेवा क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है तथा इस दिशा में कार्य किया जा रहा हैं। कृषि के साथ-साथ सहायक कृषि कार्यों की आर्थिक समृद्धि के लिए हरियाणा में नीतिगत परिवर्तनों को कार्यरूप दिया गया है। नीतिगत परिवर्तनों, कृषि विपणन व श्रृंखलाबद्ध योजनाओं के माध्यम से कृषि अर्थव्यवस्था की समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें कृषि नेतृत्व पुरस्कार -2019 (फार्मिंग लीडरशिप अवार्ड-2019) से सम्मानित भी किया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि दक्षिणी हरियाणा की नहरों को ठीक कराने के लिए 143 करोड़ रुपये मंजूर कराए और आखिरी टेल तक पानी पहुंचाने का कार्य किया।
मसानी बैराज में पानी भरवाकर जलस्तर को उठाया : विधायक
विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने कहा कि दक्षिणी हरियाणा में पानी पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री ने 143 करोड़ रुपये खर्च कर नहरों मे पानी पहुंचाने के लिए पंपों और मोटरों को ठीक कराकर उनकी मरम्मत कराई तथा मसानी बैराज को पानी से भरवाकर इस क्षेत्र में जल स्तर को ऊंचा किया। इस अवसर पर किसान आयोग के चेयरमैन, रणबीर गंगवा, जिला भाजपा अध्यक्ष योगेन्द्र पालीवाल, प्रीतम चौहान, अजय काटीवाल, किसान मोर्चा के कोषाध्यक्ष रामपाल यादव, डीडीपीओ डॉ एसी कौशिक, तहसीलदार मनमोहन, उपनिदेशक कृषि राजेश सिहाग, एसडीओ कृषि दीपक यादव, मार्किट कमेटी के सचिव नरेन्द्र सिंह, नायब तहसीलदार भूप सिंह सहित प्रगतिशील किसान भी मौजूद रहे।