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सरकारी केंद्र बंद, निजी केंद्रों पर मिल रही खाद

Wed, 27 Oct 2021 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 27 Oct 2021 12:18 AM IST
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Government centers closed, fertilizers available at private centers
जिले में खाद की किल्लत के चलते किसान परेशान है। जहां एक ओर किसानों को अपर्याप्त खाद दी जा रही है वहीं किसानों के लिए बुआई करने के कुछ ही दिन बचे हुए है। मंगलवार को दो निजी केंद्रों पर 1700 कट्टे खाद के आए थे। एक केंद्र पर 1100 व दूसरे केंद्र पर 700 कट्टे किसानों को पुलिस की निगरानी में दिए गए। वहीं सरकारी केंद्रों पर बुधवार से खाद के रैक आएंगे। पिछले कुछ दिनों से सरकारी केंद्रों खाद के स्टॉक समाप्त होने के कारण बंद रहे। मंगलवार को पुलिस की निगरानी में नई अनाज मंडी स्थित निजी केंद्रों पर पुलिस की निगरानी में खाद बांटा गया। खाद न मिलने से किसानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है।
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इस बार कोरोना के चलते डीएपी खाद को लेकर काफी परेशानी हुई है। बता दे जिले को अब तक 12395 मीट्रिक टन खाद आ चुकी है। बुधवार को सरकारी केंद्रों पर खाद पहुंचेगी। जिले के कम से कम 21 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की जरूरत है। पिछले साल इस समय पर 18116 मीट्रिक टन खाद मिल चुकी थी। अभी तक जिले को 6 हजार मीट्रिक टन खाद कम मिली है। वहीं डीएपी की किल्लत के चलते इफको के क्षेत्रिय अधिकारी ने नैनो यूरिया का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि सरसों की बिजाई के 20 दिन बाद 1744 स्प्रे का एक बोतल नैनो यूरिया का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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मै सुबह पांच बजे से खाद के लिए आया था, पता चला कि खाद सरकारी केंद्र पर नही मिल रही है। निजी केंद्र पर जान पर देखा वहां पहले से ही भीड़ लगी हुई थी। एक टोकन पर दो खाद के कट्टे दिए जा रहे है। जमीन के अनुसार इतनी खाद पर्याप्त नही है। काफी समय से खाद लेने के लिए लाइन में खड़ा हूं। बुआई को लेकर कुछ ही दिन बचे हुए है।
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-महेंद्र कुमार, गोकलगढ़।
समय पर बुआई नही होगी तो किसानों की परेशानी बढ़ जाएगी। वैसे ही काफी समय बीत चुका है। खाद के लिए इतनी भीड़ देख दुख होता है। सरकार को किसानों के बारे में सोचना चाहिए। इतनी मारामारी के बीच खाद बिक रहा है। उचित व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित होती तो ऐसी नौबत नही आती।
-अमित कुमार, किसान
अखिर कब तक हमारी इसी तरह परीक्षा ली जाएगी। किसान सुबह से ही खाद की लाइन में खड़े है। कई किसान तो रात 2 बजे से ही आकर बैठे है। ऐसे में खाना व पानी की सुध सब भूले हुए है। खाद मिले तो चेन की सांस ली जाए। सरकार को पुख्ता प्रबंध करने होंगे।
-अजीत कुमार, किसान
खाद के रैक केंद्र पर बुधवार को आऐंगे। उसके बाद ही किसानों को खाद दी जाएगी। खाद के लेकर ओर भी विकल्प मौजूद है। खाद के लिए व्यवस्था पहले से ही कर दी गई है।
आशीष, इफको केंद्र अधिकारी।
खाद की किल्लत से परेशान किसानों को बावल में मंगलवार को खाद नही मिल पाई। केंद्र पर आई महिलाओं ने खाद नही मिलने का अधिकारियों पर आरोप लगाया है। खाद लेने के लिए महिलाएं व किसान सुबह 6 बजे से केंद्र पर आ गए थे। मगर खाद नही मिलने से मायूस लौट गए। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि सुबह 6 बजे से लाइन में लगने के बावजूद भी खाद नही मिल पाई है। झाबुआ निवासी कृष्णा देवी ने कहा कि लाइन में लगने के बाद भी उन्हें खाद नही मिल पाई है। घर का सारा कामकाज छोड़कर वह खाद के लिए परेशान हो रही है। अपने चहेतों को खाद वितरित किया जा रहा है जो सुबह से लाइन में लगे हैं उनको वापस भेज दिया जाता है।

खाद अधिकारियों का कहना है कि 379 कट्टे प्रशासन की मौजूदगी में वितरित किए गए हैं। 21 कट्टे जो आगे से कम थे उसके लिए गाड़ी चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिसकी रिपोर्ट पुलिस को दे दी गई है। उन्होंने कहा है कि सरकार सभी के किसानों को खाद उपलब्ध करवा रही है और जल्द ही इस परेशानी से निजात दिला दी जाएगी नायब तहसीलदार रवि कुमार ने बताया कि किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी सरकार किसानो के साथ है।
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