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जलनिकासी के लिए नालों की कराएं सफाई : डीसी
Wed, 21 May 2025 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 21 May 2025 12:26 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने अपने कार्यालय में मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में जलनिकासी की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकारी मानसून आने से पहले नालियों की सफाई कराए ताकि बारिश होने पर जलभराव न हो।
बारिश के मौसम में सड़कों व गलियों में जलभराव न हो, इसके लिए डीसी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रहते हुए जलनिकासी की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र रेवाड़ी, धारूहेड़ा व बावल सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था कराएं। बारिश होने पर जलभराव की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
मानसून आने से पहले नगर परिषद, सिंचाई, जनस्वास्थ्य व लोक निर्माण विभाग सहित पंचायती राज विभाग के अधिकारी व्यवस्था पूरी कर लें। शहरी क्षेत्र में नालों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिला नगर आयुक्त नालों की सफाई के लिए डीजी सेट व मैनपावर की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने विभागों से संबंधित क्षेत्र में सफाई की पूरी निगरानी रखें।
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डीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों को शहर की साफ-सफाई व्यवस्था के साथ-साथ घरों से डोर-टू-डोर कचरा उठाने का निर्देश दिए। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों को कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर में डोर-टू-डोर कचरा उठाया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी आईडी में सॉलिड वेस्ट चार्ज को भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कूड़ा करकट से संबंधित उठान व ट्रांसपोर्टेशन सभी कार्य नगर परिषद की ओर से किया जाए।
कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था की जांच करने के निर्देश
डीसी ने कहा कि रामसिंहपुरा व सहारनवास में स्थापित डंपिंग यार्ड में पड़े कचरे का प्रबंधन किया जाए। उन्होंने एचएसवीपी व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों पर पड़े निर्माण कार्य के कचरे को तुरंत उठाया जाए। शहर की प्राइवेट सोसाइटी में कूड़ा प्रबंधन के कंपोजिट पिट सिस्टम को चेक किया जाए। डीसी ने आमजन से अपील की कि वे कूड़ा-करकट सड़कों और नालियों में न फेंके। इसके लिए कूड़ेदान का प्रयोग करें ताकि बरसात में जलभराव की स्थिति नालों के बंद होने के कारण पैदा न हो।
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रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने अपने कार्यालय में मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में जलनिकासी की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकारी मानसून आने से पहले नालियों की सफाई कराए ताकि बारिश होने पर जलभराव न हो।
बारिश के मौसम में सड़कों व गलियों में जलभराव न हो, इसके लिए डीसी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रहते हुए जलनिकासी की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र रेवाड़ी, धारूहेड़ा व बावल सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था कराएं। बारिश होने पर जलभराव की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
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मानसून आने से पहले नगर परिषद, सिंचाई, जनस्वास्थ्य व लोक निर्माण विभाग सहित पंचायती राज विभाग के अधिकारी व्यवस्था पूरी कर लें। शहरी क्षेत्र में नालों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिला नगर आयुक्त नालों की सफाई के लिए डीजी सेट व मैनपावर की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने-अपने विभागों से संबंधित क्षेत्र में सफाई की पूरी निगरानी रखें।
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डीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों को शहर की साफ-सफाई व्यवस्था के साथ-साथ घरों से डोर-टू-डोर कचरा उठाने का निर्देश दिए। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों को कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर में डोर-टू-डोर कचरा उठाया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी आईडी में सॉलिड वेस्ट चार्ज को भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कूड़ा करकट से संबंधित उठान व ट्रांसपोर्टेशन सभी कार्य नगर परिषद की ओर से किया जाए।
कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था की जांच करने के निर्देश
डीसी ने कहा कि रामसिंहपुरा व सहारनवास में स्थापित डंपिंग यार्ड में पड़े कचरे का प्रबंधन किया जाए। उन्होंने एचएसवीपी व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों पर पड़े निर्माण कार्य के कचरे को तुरंत उठाया जाए। शहर की प्राइवेट सोसाइटी में कूड़ा प्रबंधन के कंपोजिट पिट सिस्टम को चेक किया जाए। डीसी ने आमजन से अपील की कि वे कूड़ा-करकट सड़कों और नालियों में न फेंके। इसके लिए कूड़ेदान का प्रयोग करें ताकि बरसात में जलभराव की स्थिति नालों के बंद होने के कारण पैदा न हो।