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नियमित कर्मचारी का दर्जा मिले, स्थायी नीति बनाकर सेवाएं हो सुरक्षित : सीपीएलओ
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पीपीपी कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला को ज्ञापन सौंपते कर्मचारी। स्रोत : कर्मचारी
रेवाड़ी। लाडो लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और पंचायत डाटा वेरिफिकेशन करने वाले सीपीएलओ कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर पीपीपी कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने बताया कि वे लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं में पात्र लाभार्थियों का चयन, डाटा एंट्री, सत्यापन, रिपोर्ट तैयार करना और पंचायत स्तर पर डाटा वेरिफिकेशन जैसी जिम्मेदारियां सीपीएलओ कर्मचारियों द्वारा निभाई जा रही हैं।
यह कार्य अत्यंत संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण है क्योंकि सही वेरिफिकेशन के आधार पर ही जरूरतमंद परिवारों को सरकारी लाभ मिल पाता है।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए या स्थायी नीति बनाकर उनकी सेवाओं को सुरक्षित किया जाए। इसके साथ ही कर्मचारियों ने मानदेय में वृद्धि करने, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और कार्य के अनुसार उचित वेतनमान लागू करने की मांग रखी।
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कर्मचारियों ने कहा कि वर्तमान में उन्हें कम मानदेय में अधिक कार्य करना पड़ रहा है जिससे आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों ने यह भी मांग की है कि काम के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए उचित प्रशिक्षण व संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। कर्मचारियों के लिए बीमा सुविधा, यात्रा भत्ता और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी दी जाएं।
पीपीपी कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि ज्ञापन मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा और संबंधित विभाग से बातचीत कर उचित समाधान का प्रयास किया जाएगा। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें राहत प्रदान करेंगे।
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कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं में पात्र लाभार्थियों का चयन, डाटा एंट्री, सत्यापन, रिपोर्ट तैयार करना और पंचायत स्तर पर डाटा वेरिफिकेशन जैसी जिम्मेदारियां सीपीएलओ कर्मचारियों द्वारा निभाई जा रही हैं।
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यह कार्य अत्यंत संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण है क्योंकि सही वेरिफिकेशन के आधार पर ही जरूरतमंद परिवारों को सरकारी लाभ मिल पाता है।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए या स्थायी नीति बनाकर उनकी सेवाओं को सुरक्षित किया जाए। इसके साथ ही कर्मचारियों ने मानदेय में वृद्धि करने, समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और कार्य के अनुसार उचित वेतनमान लागू करने की मांग रखी।
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कर्मचारियों ने कहा कि वर्तमान में उन्हें कम मानदेय में अधिक कार्य करना पड़ रहा है जिससे आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों ने यह भी मांग की है कि काम के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए उचित प्रशिक्षण व संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। कर्मचारियों के लिए बीमा सुविधा, यात्रा भत्ता और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी दी जाएं।
पीपीपी कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि ज्ञापन मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा और संबंधित विभाग से बातचीत कर उचित समाधान का प्रयास किया जाएगा। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें राहत प्रदान करेंगे।