फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Gave a presentation based on the new education policy

Rewari News: नई शिक्षा नीति पर आधारित प्रस्तुति दी

Thu, 11 Jan 2024 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Thu, 11 Jan 2024 11:51 PM IST
विज्ञापन
Gave a presentation based on the new education policy
कोसली। डीएवी महिला महाविद्यालय में पांच दिवसीय कार्यशाला के तीसरे दिन डॉ. पूजा यादव, भावना, डॉ. गीता यादव, निकिता व डॉ. जयसिंह प्राचार्य डीएवी महिला महाविद्यालय ने नई शिक्षा नीति पर आधारित प्रस्तुति दी।
विज्ञापन

डॉ. पूजा यादव, वाणिज्य विभाग ने जहां प्रत्येक जिले में एक वृहद बहुआयामी उच्च शैक्षणिक संस्था के बिंदु पर जोर दिया, वहीं 2030 तक बहु आयामी शिक्षा के उद्देश्य का भी जिक्र किया। अपने वक्तव्य में ओपन डिस्टेंस लर्निंग या दूरस्थ शिक्षा का उल्लेख करते हुए इसकी आवश्यकता पर भी बल दिया। इस वक्तव्य में ऑटोनॉमस डिग्री ग्रांटिंग कॉलेज की पॉलिसी का भी जिक्र किया गया। वाणिज्य विभाग की व्याख्याता भावना ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के चतुर्थ भाग का उल्लेख किया। भावना ने न सिर्फ सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड ऑफ एजुकेशन, बल्कि क्वालिटी एजुकेशन फॉर ऑल विषय पर भी वक्तव्य दिया। सीबीएसई बोर्ड के जहां शिक्षा संबंधी विषयों व पॉलिसीज के न सिर्फ इवैल्यूएशन व रिवीजन बल्कि उन्हें रिव्यू करने के बिंदु पर भी जानकारी दी गई। अफॉर्डेबल व गुणवत्ता युक्त शिक्षा की आवश्यकता व जीडीपी के 6 प्रतिशत हिस्से को शिक्षा पर व्यतीत करने की बात को अमलीजामा पहनाने की आवश्यकता का भी उल्लेखित किया। अपनी प्रस्तुति में सामाजिक व आर्थिक रूप से वंचित समूहों के लिए इक्विटेबल शिक्षा की बात भी भावना के ने कही। फंडामेंटल लिटरेसी व न्यूमैरेसी के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति के साक्षर होने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। डॉ. गीता यादव ने अपनी प्रेजेंटेशन में शिक्षा का अर्थ एक ऐसी व्यवस्था को लेकर परिभाषित किया जो आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व व्यावहारिक रूप से सक्षम हो। भाषा के विकास क्रम में वैदिक, संस्कृत, लौकिक संस्कृत, पालि, प्राकृत व अपभ्रंश भाषाओं के सफर को भी परिलक्षित किया गया। जहां अंग्रेजी को जन सामान्य से दूर की भाषा बताया गया वहीं त्रिभाषा नीति में स्थानीय भाषाओं के समावेश को सराहा गया। डॉ. गीता यादव के द्वारा संस्कृत को वैज्ञानिक दृष्टि से संपूर्ण भाषा मानने के विचार को भी, अपने वक्तव्य में जगह दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed