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Rewari News: 308 करोड़ से बनेगा फुल ट्रंपेट इंटरचेंज, एम्स को हाईवे से जोड़ने की मंजूरी मिली
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माजरा में तैयार हो रहा एम्स।
फोटो : 22
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एम्स को हाईवे से जोड़ने की मंजूरी मिल गई है। 308 करोड़ से फुल ट्रंपेट इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसे लेकर हरियाणा के सीएम नायब सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को चंडीगढ़ सचिवालय में बैठक हुई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने विकास कार्यों को लेकर बातचीत की।
बैठक में माजरा एम्स को नेशनल हाईवे 11 से जोड़ने के लिए फुल ट्रंपेट इंटरचेंज के निर्माण को लेकर चर्चा की गई। मौके पर परियोजना को मंजूर कर लिया गया है। 308 करोड़ रुपये से फुल ट्रंपेट इंटरचेंज तैयार होगा।
बैठक में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि बारिश के दिनों में अंडरपास पानी से भर जाते हैं और एम्स में गंभीर मरीजों का भविष्य में आना-जाना होगा। इसलिए एम्स को नेशनल हाईवे रेलवे लाइन को पार करने के लिए ट्रंपेट इंटरचेंज का बनाना काफी आवश्यक है।
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इस दौरान रेवाड़ी एम्स के निदेशक डॉ. डीएन शर्मा ने भी बताया कि एम्स निर्माण के दौरान हरियाणा सरकार के साथ हुए समझौते में ट्रंपेट इंटरचेंज निर्माण के बारे में कहा गया था।
निर्माणाधीन माजरा एम्स में जल्द ओपीडी शुरू करने के लिए बिजली के अलग फीडर निर्माण व पीने के पानी की योजना को भी जल्द मंजूरी देने इसके निर्माण पर चर्चा की गई।
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पैसों की मंजूरी एक सप्ताह के भीतर होगी
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल ने कहा है कि एम्स में 11 केवी के अलग फीडर के लिए एवं नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए करीब 22 करोड़ रुपये की मंजूरी हरियाणा सरकार की ओर से दी जानी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बैठक में मौजूद हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को निर्देश दिए कि माजरा एम्स में बिजली व पानी के प्रबंध के लिए पैसों की मंजूरी एक सप्ताह के भीतर कर दी जानी चाहिए। विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने मानसून सत्र में एम्स ओपीडी शुरू करने का मुद्दा और बिजली पानी की व्यवस्था करने की मांग की थी। विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के प्रयासों से शुरू हुए एम्स में ओपीडी जल्द शुरू होगी।
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क्या होता है फुल ट्रंपेट इंटरचेंज
फुल ट्रंपेट इंटरचेंज एक विशेष प्रकार का सड़क जंक्शन होता है जो मुख्य हाईवे को किसी दूसरी सड़क या एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए बनाया जाता है। इसका नाम ट्रंपेट इसलिए रखा गया है क्योंकि ऊपर से देखने पर इसका आकार तुरही जैसा दिखाई देता है। इस इंटरचेंज में एक मुख्य सड़क सीधी रहती है और दूसरी सड़क को उससे जोड़ने के लिए घुमावदार लूप बनाया जाता है जिससे वाहन बिना रुकावट हर दिशा में आसानी से मुड़ सकते हैं। यह संरचना फ्लाईओवर या अंडरपास के माध्यम से ट्रैफिक को अलग-अलग स्तरों पर चलने की सुविधा देती है जिससे सिग्नल या क्रॉसिंग की आवश्यकता नहीं पड़ती। फुल ट्रंपेट इंटरचेंज का उपयोग तब किया जाता है जब एक प्रमुख हाईवे का अंत किसी अन्य सड़क से होता है या जब जगह सीमित होती है और बड़ा क्लोवरलीफ इंटरचेंज बनाना संभव नहीं होता। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक को बिना रुके, सुरक्षित और तेजी से जोड़ना है। इससे समय और ईंधन की बचत होती है, दुर्घटनाओं की संभावना घटती है और यातायात व्यवस्था अधिक सुचारू रहती है।
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203 एकड़ क्षेत्र में हो रहा निर्माण
एम्स भवन का निर्माण 203 एकड़ क्षेत्रफल में हो रहा है। एम्स में 703 बिस्तरों वाले अस्पताल भवन के साथ ही 100 सीटों के मेडिकल काॅलेज और 60 सीटों वाले नर्सिंग काॅलेज का भी निर्माण होना है। माजरा गांव में एम्स तैयार होने के बाद रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, रोहतक, झज्जर, मेवात, पलवल व फरीदाबाद सहित राजस्थान के अलवर व झुंझुनू जिलों को भी इसका फायदा मिलेगा। देश के इस 22वें एम्स में प्रत्यक्ष रूप से करीब 3000 व अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10 हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एम्स को हाईवे से जोड़ने की मंजूरी मिल गई है। 308 करोड़ से फुल ट्रंपेट इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसे लेकर हरियाणा के सीएम नायब सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को चंडीगढ़ सचिवालय में बैठक हुई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने विकास कार्यों को लेकर बातचीत की।
बैठक में माजरा एम्स को नेशनल हाईवे 11 से जोड़ने के लिए फुल ट्रंपेट इंटरचेंज के निर्माण को लेकर चर्चा की गई। मौके पर परियोजना को मंजूर कर लिया गया है। 308 करोड़ रुपये से फुल ट्रंपेट इंटरचेंज तैयार होगा।
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बैठक में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि बारिश के दिनों में अंडरपास पानी से भर जाते हैं और एम्स में गंभीर मरीजों का भविष्य में आना-जाना होगा। इसलिए एम्स को नेशनल हाईवे रेलवे लाइन को पार करने के लिए ट्रंपेट इंटरचेंज का बनाना काफी आवश्यक है।
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इस दौरान रेवाड़ी एम्स के निदेशक डॉ. डीएन शर्मा ने भी बताया कि एम्स निर्माण के दौरान हरियाणा सरकार के साथ हुए समझौते में ट्रंपेट इंटरचेंज निर्माण के बारे में कहा गया था।
निर्माणाधीन माजरा एम्स में जल्द ओपीडी शुरू करने के लिए बिजली के अलग फीडर निर्माण व पीने के पानी की योजना को भी जल्द मंजूरी देने इसके निर्माण पर चर्चा की गई।
पैसों की मंजूरी एक सप्ताह के भीतर होगी
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल ने कहा है कि एम्स में 11 केवी के अलग फीडर के लिए एवं नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए करीब 22 करोड़ रुपये की मंजूरी हरियाणा सरकार की ओर से दी जानी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बैठक में मौजूद हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को निर्देश दिए कि माजरा एम्स में बिजली व पानी के प्रबंध के लिए पैसों की मंजूरी एक सप्ताह के भीतर कर दी जानी चाहिए। विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने मानसून सत्र में एम्स ओपीडी शुरू करने का मुद्दा और बिजली पानी की व्यवस्था करने की मांग की थी। विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने कहा कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के प्रयासों से शुरू हुए एम्स में ओपीडी जल्द शुरू होगी।
क्या होता है फुल ट्रंपेट इंटरचेंज
फुल ट्रंपेट इंटरचेंज एक विशेष प्रकार का सड़क जंक्शन होता है जो मुख्य हाईवे को किसी दूसरी सड़क या एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए बनाया जाता है। इसका नाम ट्रंपेट इसलिए रखा गया है क्योंकि ऊपर से देखने पर इसका आकार तुरही जैसा दिखाई देता है। इस इंटरचेंज में एक मुख्य सड़क सीधी रहती है और दूसरी सड़क को उससे जोड़ने के लिए घुमावदार लूप बनाया जाता है जिससे वाहन बिना रुकावट हर दिशा में आसानी से मुड़ सकते हैं। यह संरचना फ्लाईओवर या अंडरपास के माध्यम से ट्रैफिक को अलग-अलग स्तरों पर चलने की सुविधा देती है जिससे सिग्नल या क्रॉसिंग की आवश्यकता नहीं पड़ती। फुल ट्रंपेट इंटरचेंज का उपयोग तब किया जाता है जब एक प्रमुख हाईवे का अंत किसी अन्य सड़क से होता है या जब जगह सीमित होती है और बड़ा क्लोवरलीफ इंटरचेंज बनाना संभव नहीं होता। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक को बिना रुके, सुरक्षित और तेजी से जोड़ना है। इससे समय और ईंधन की बचत होती है, दुर्घटनाओं की संभावना घटती है और यातायात व्यवस्था अधिक सुचारू रहती है।
203 एकड़ क्षेत्र में हो रहा निर्माण
एम्स भवन का निर्माण 203 एकड़ क्षेत्रफल में हो रहा है। एम्स में 703 बिस्तरों वाले अस्पताल भवन के साथ ही 100 सीटों के मेडिकल काॅलेज और 60 सीटों वाले नर्सिंग काॅलेज का भी निर्माण होना है। माजरा गांव में एम्स तैयार होने के बाद रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी, रोहतक, झज्जर, मेवात, पलवल व फरीदाबाद सहित राजस्थान के अलवर व झुंझुनू जिलों को भी इसका फायदा मिलेगा। देश के इस 22वें एम्स में प्रत्यक्ष रूप से करीब 3000 व अप्रत्यक्ष रूप से करीब 10 हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

माजरा में तैयार हो रहा एम्स।