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Rewari News: बाघ को पकड़ने के लिए अब वन विभाग शिकार का लेगा सहारा
Wed, 21 Aug 2024 01:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 21 Aug 2024 01:41 AM IST
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फोटो: 10रेवाड़ी। मोर एवं चिंकारा प्रजन्न केंद्र में रूकी वन विभाग की टीम। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। गांव झाबुआ स्थित मोर व चिंकारा प्रजनन केंद्र के 300 मीटर की दूरी पर बाघ की लोकेशन मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने की रणनीति तैयार की है। इसके तहत अब वन विभाग की टीम पिंजरा लगाने के अलावा जाल बिछाकर शिकार (किसी जानवर) को रखेगी ताकि शिकार के लिए निकलते ही बाघ को कैद किया जा सके।
गांव में बाघ रात में ही निकल रहा है। ऐसे में वन विभाग की टीम ने रात में बाघ को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाने और किसी जानवर का इस्तेमाल शिकार के रूप में करने का निर्णय लिया है। भूख मिटाने के लिए बाध अगर शिकार के लिए निकला तो वह जाल में फंस जाएगा। हालांकि, बाघ को फंसाना इतना आसान भी नहीं है। वन विभाग के अधिकारियों को कहना है कि बाघ अभी बाहर नहीं निकल रहा है जिससे कि उसे ट्रैंक्कुलाइजर गन का इस्तेमाल कर उसे बेहोश किया जा सके। ऐसे में शिकार ही बाघ को पकड़ने का अब एकमात्र सहारा बचा है। बाघ की पक्की लोकेशन मिलने के बाद सरिस्का वन विभाग (अलवर) की टीम ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि यह बाघ वहीं से आया था। ऐसे में सरिस्का वन विभाग के उच्च अधिकारी भी यहां पर पहुंच चुके हैं। वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने की कोशिश में जुटी है।
डर के साए में ग्रामीणों की कट रही रात
गांव झाबुआ में बाघ के होने की पुष्टि होने के बाद से लोगों में खौफ है। झाबुआ व आसपास के ग्रामीण सहमे हुए हैं। लोग घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। लोगों को डर है कि कहीं बाघ हमला न कर दे। डर के मारे लोग रात में सो नहीं पा रहे हैं। लोगों की दिनचर्या भी अब पहले जैसी नहीं रही। जहां लोग सुबह के समय जल्दी उठकर खेतों में जाया करते थे या सैर के लिए निकलते थे लेकिन अब वे घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
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जंगल में लगाए 10 ट्रैप कैमरे
सरिस्का से गांव झाबुआ के जंगल में पहुंचे बाघ की पहली तस्वीर सोमवार को सामने आई थी। बाघ मोर एवं चिंकारा प्रजनन केंद्र से मात्र 300 मीटर की दूरी पर छिपा है। पूरा जंगल 750 एकड़ में है। बाघ का फोटो सुबह वन विभाग के ट्रैप कैमरे से ली गई थी। वन विभाग की टीम ने जंगल में 10 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। यह ट्रैप कैमरे किसी भी प्रकार की मूवमेंट को तुरंत कैद कर लेते हैं। दूसरी तरफ वन विभाग की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी तैयार किया हुआ है। सरिस्का से 20 और रेवाड़ी वन विभाग से करीब 15 कर्मचारी बाघ को पकड़ने में जुटे हुए हैं। बाघ 20 से 25 किलोमीटर चल सकता है। 7 महीने पहले भी ये टाइगर सरिस्का के जंगल से निकलकर रेवाड़ी तक चला गया था।
वर्जन:
बाघ मोर व चिंकारा प्रजनन केंद्र से मात्र 300 मीटर की दूरी पर छिपा है। रेवाड़ी और सरिस्का वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने का प्रयास कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही बाघ पकड़ा जाएगा।-प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल।
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बावल। गांव झाबुआ स्थित मोर व चिंकारा प्रजनन केंद्र के 300 मीटर की दूरी पर बाघ की लोकेशन मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने की रणनीति तैयार की है। इसके तहत अब वन विभाग की टीम पिंजरा लगाने के अलावा जाल बिछाकर शिकार (किसी जानवर) को रखेगी ताकि शिकार के लिए निकलते ही बाघ को कैद किया जा सके।
गांव में बाघ रात में ही निकल रहा है। ऐसे में वन विभाग की टीम ने रात में बाघ को पकड़ने के लिए एक जाल बिछाने और किसी जानवर का इस्तेमाल शिकार के रूप में करने का निर्णय लिया है। भूख मिटाने के लिए बाध अगर शिकार के लिए निकला तो वह जाल में फंस जाएगा। हालांकि, बाघ को फंसाना इतना आसान भी नहीं है। वन विभाग के अधिकारियों को कहना है कि बाघ अभी बाहर नहीं निकल रहा है जिससे कि उसे ट्रैंक्कुलाइजर गन का इस्तेमाल कर उसे बेहोश किया जा सके। ऐसे में शिकार ही बाघ को पकड़ने का अब एकमात्र सहारा बचा है। बाघ की पक्की लोकेशन मिलने के बाद सरिस्का वन विभाग (अलवर) की टीम ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि यह बाघ वहीं से आया था। ऐसे में सरिस्का वन विभाग के उच्च अधिकारी भी यहां पर पहुंच चुके हैं। वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने की कोशिश में जुटी है।
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डर के साए में ग्रामीणों की कट रही रात
गांव झाबुआ में बाघ के होने की पुष्टि होने के बाद से लोगों में खौफ है। झाबुआ व आसपास के ग्रामीण सहमे हुए हैं। लोग घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। लोगों को डर है कि कहीं बाघ हमला न कर दे। डर के मारे लोग रात में सो नहीं पा रहे हैं। लोगों की दिनचर्या भी अब पहले जैसी नहीं रही। जहां लोग सुबह के समय जल्दी उठकर खेतों में जाया करते थे या सैर के लिए निकलते थे लेकिन अब वे घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
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जंगल में लगाए 10 ट्रैप कैमरे
सरिस्का से गांव झाबुआ के जंगल में पहुंचे बाघ की पहली तस्वीर सोमवार को सामने आई थी। बाघ मोर एवं चिंकारा प्रजनन केंद्र से मात्र 300 मीटर की दूरी पर छिपा है। पूरा जंगल 750 एकड़ में है। बाघ का फोटो सुबह वन विभाग के ट्रैप कैमरे से ली गई थी। वन विभाग की टीम ने जंगल में 10 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। यह ट्रैप कैमरे किसी भी प्रकार की मूवमेंट को तुरंत कैद कर लेते हैं। दूसरी तरफ वन विभाग की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा भी तैयार किया हुआ है। सरिस्का से 20 और रेवाड़ी वन विभाग से करीब 15 कर्मचारी बाघ को पकड़ने में जुटे हुए हैं। बाघ 20 से 25 किलोमीटर चल सकता है। 7 महीने पहले भी ये टाइगर सरिस्का के जंगल से निकलकर रेवाड़ी तक चला गया था।
वर्जन:
बाघ मोर व चिंकारा प्रजनन केंद्र से मात्र 300 मीटर की दूरी पर छिपा है। रेवाड़ी और सरिस्का वन विभाग की टीम बाघ को पकड़ने का प्रयास कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही बाघ पकड़ा जाएगा।-प्रेम कुमार, वन रेंज अधिकारी, बावल।