{"_id":"632a06015b0d7848de0c260d","slug":"five-years-imprisonment-for-selling-land-by-fraud-rewari-news-rtk6586135199","type":"story","status":"publish","title_hn":"धोखाधड़ी करके जमीन बेचने वाले को 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धोखाधड़ी करके जमीन बेचने वाले को 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
विज्ञापन
रेवाड़ी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान की अदालत ने धोखाधड़ी करके जमीन बेचने के मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश को पलटते हुए एक दोषी को पांच वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत ने 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि मामले में दूसरे आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया। इस मामले में निचली अदालत ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।
शिकायतकर्ता सावित्री देवी निवासी ढाणी बयावाली, नारनौल ने आरोपी अशोक कुमार पुत्र मातादीन निवासी गांव रसियावास से 12 दिसंबर 2011 को 9 कनाल जमीन खरीदी थी। आरोपी अशोक ने हलका पटवारी गुरदयाल से मिलकर फर्द जमाबंदी के कालम 12 में गलत सूचना दर्ज करा दी थी। जब शिकायतकर्ता ने खरीदी हुई जमीन का इंतकाल अपने नाम दर्ज कराना चाहा तो पता चला कि इस जमीन पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 12 लाख रुपये का ऋण लिया हुआ है। इस प्रकार आरोपी ने हलका पटवारी से मिलकर धोखाधड़ी करते हुए, बेईमानी व जालसाजी करके उसे जमीन बेची है और आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व तहसीलदार से लिखित रूप से की, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने इस मामले का एक परिवाद अतिरिक्त चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, रेवाड़ी की अदालत में दाखिल किया। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने थाना बावल पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करके कार्रवाई करने के आदेश दिए।
बावल पुलिस ने मामला दर्ज कर तफ्तीश के बाद दोनों आरोपियों अशोक कुमार व हलका पटवारी गुरुदयाल को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों को पुलिस ने इस मामले की जांच पूर्ण करके अदालत में आरोप पत्र के साथ पेश किया। निचली अदालत ने सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत के संबंधित आदेश के विरुद्ध अपील सत्र अदालत में की गई। इसकी सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान ने निचली अदालत की ओर से बरी किए गए एक आरोपी अशोक कुमार को दोषी मानते हुए इसे पांच वर्ष कठोर कारावास, 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
-----------------
विज्ञापन
शिकायतकर्ता सावित्री देवी निवासी ढाणी बयावाली, नारनौल ने आरोपी अशोक कुमार पुत्र मातादीन निवासी गांव रसियावास से 12 दिसंबर 2011 को 9 कनाल जमीन खरीदी थी। आरोपी अशोक ने हलका पटवारी गुरदयाल से मिलकर फर्द जमाबंदी के कालम 12 में गलत सूचना दर्ज करा दी थी। जब शिकायतकर्ता ने खरीदी हुई जमीन का इंतकाल अपने नाम दर्ज कराना चाहा तो पता चला कि इस जमीन पर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 12 लाख रुपये का ऋण लिया हुआ है। इस प्रकार आरोपी ने हलका पटवारी से मिलकर धोखाधड़ी करते हुए, बेईमानी व जालसाजी करके उसे जमीन बेची है और आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व तहसीलदार से लिखित रूप से की, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने इस मामले का एक परिवाद अतिरिक्त चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, रेवाड़ी की अदालत में दाखिल किया। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने थाना बावल पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करके कार्रवाई करने के आदेश दिए।
विज्ञापन
बावल पुलिस ने मामला दर्ज कर तफ्तीश के बाद दोनों आरोपियों अशोक कुमार व हलका पटवारी गुरुदयाल को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों को पुलिस ने इस मामले की जांच पूर्ण करके अदालत में आरोप पत्र के साथ पेश किया। निचली अदालत ने सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत के संबंधित आदेश के विरुद्ध अपील सत्र अदालत में की गई। इसकी सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार दीवान ने निचली अदालत की ओर से बरी किए गए एक आरोपी अशोक कुमार को दोषी मानते हुए इसे पांच वर्ष कठोर कारावास, 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
-----------------