{"_id":"62840b2f7457f2542862eafd","slug":"five-members-of-a-family-of-rajasthan-died-in-road-accident-in-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुखद: आर्थिक तंगी के कारण मौत के 20 साल बाद अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने हरिद्वार गया था परिवार, लौटते हुए हादसे में 5 की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुखद: आर्थिक तंगी के कारण मौत के 20 साल बाद अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने हरिद्वार गया था परिवार, लौटते हुए हादसे में 5 की मौत
Wed, 18 May 2022 02:23 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 18 May 2022 02:23 AM IST
सार
हादसे में गोवर्धन की पत्नी, बेटा, पौत्र सब एक ही झटके में खत्म हो गए। वहीं हादसे में परिवार के 12 अन्य लोग भी घायल हो गए।
विज्ञापन
हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पति की मौत के 20 साल बाद मोहरी देवी अपने परिवार के साथ गोवर्धन की अस्थियां हरिद्वार गंगा में विसर्जित करने गई थी। परिवार को क्या पता था कि लौटते समय उनके साथ इतना बुरा हादसा होगा। इस हादसे में गोवर्धन की पत्नी मोहरी देवी, दो बेटे मालेराम व महेंद्र, बहु सुगना देवी और पोते आशीष की भी मौत हो गई।
विज्ञापन
बता दें, 20 साल पहले गोवर्धन की मौत हो गई थी। तब परिवार की आर्थिक हालत बहुत खराब थी। उनके पास इतना पैसा नहीं था कि वे उनका दाहसंस्कार कर सके। गांव वालों ने मिलकर उनका दाहसंस्कार किया था। उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जन करने के लिए रख दिया गया था। बच्चे बड़े हुए और कमाने लगे तो परिवार ने राय कर गोवर्धन की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने का कार्यक्रम बनाया।
विज्ञापन
15 मई को परिवार ने एक क्रूजर गाड़ी की। उसके बाद अस्थियां लेकर पूरा परिवार हरिद्वार पहुंचा। वहां पर विसर्जन करने के बाद 16 मई को वे लोग क्रूजर से लौट रहे थे। गाड़ी जब हाईवे पर ओढ़ी कट के पास पहुंची तब वहां पहले से खड़े एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर लगने के बाद क्रूजर चालक भाग गया जबकि ट्रक चालक भी अपना वाहन लेकर फरार हो गया।
विज्ञापन
ये हुए घायल
घायलों में अंकित पुत्र मालेरा 18 वर्ष, मधु पत्नी मालेराम उम्र 35 वर्ष, बीना पत्नी महाबीर उम्र 27 वर्ष, उर्मिला पुत्री कैलाश 13 वर्ष, मानस पुत्र महेंद्र उम्र 10 वर्ष, दीक्षा पुत्री महेंद्र 6 वर्ष का इलाज सरकारी अस्पताल में कराया गया जबकि गीता देवी, वीरेंद्र, कैलाश, संतोष का इलाज निजी चिकित्सालय में ले जाया गया।
सब्जी बेचकर परिवार पाल रहा था मालेराम
मृतक का बड़ा बेटा परिवार का खर्च चलाने के लिए जयपुर में ही सब्जी बेचता था। गोवर्धन का दूसरा बेटा महेंद्र सामोद में ही मोबाइल रिपेयर करके गुजर बसर कर रहा था। वही सुगना देवी पत्नी बनवारी लाल गोवर्धन की पुत्री थी। वह भी पिता की अस्थियां विसर्जन करने गई थी जो हादसे में कालकवलित हो गई।
दसवीं का पेपर देकर लौटा था आशीष
मालेराम का पुत्र व गोवर्धन का पौत्र आशीष दसवीं का पेपर देकर लौटा था। आने के बाद वह भी हरिद्वार जाने के लिए क्रूजर में सवार होकर निकला था। वह काफी होनहार था। दुर्घटना में आशीष का भाई अंकित बाल-बाल बच गया।
घायलों का प्राथमिक उपचार कर घर पहुंचाया जा रहा
घायलों का प्राथमिक उपचार कर घर पहुंचाया जा रहा है। मौके पर एसडीएम संजीव कुमार ने घायलों से मिलकर दु:ख जताया। साथ ही सरकार की तरफ से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
मृतकों का भी अंतिम क्रिया क्रम गांव वाले ही करेंगे
उनके करीबियों ने बताया कि मालेराम का परिवार की आर्थिक स्थिति अब भी उतनी ठीक नहीं है इसलिए सगे संबंधी, समाज व गांव के लोग मिलकर इन सभी मृतकों का अंतिम क्रियाक्रम करेंगे। साथ ही घायलों का इलाज भी वहीं लोग कराएंगे।