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Rewari News: मुआवजा न देने पर बैंक पर 20 हजार का जुर्माना लगाया
Wed, 15 Mar 2023 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 15 Mar 2023 11:48 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बर्बादी के बाद बीमा राशि अदा न करने पर बैंक पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने के साथ ही बीमा कराने वाले बैंक को बीमा राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा बैंक को 11 हजार रुपये वाद खर्च के भी देने होंगे।
रेवाड़ी के गांव मलाहेड़ा निवासी चंद्रो देवी, जगरूप सिंह और प्रकाश ने जिला उपभोक्ता निवारण आयोग में शिकायत दायर कर आरोप लगाया था कि उन्होंने 2018 में पंजाब नेशनल बैंक ब्रांच मालपुरा के सहयोग से ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड कानोड़ गेट रेवाड़ी से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा करवाया था। बीमा कराने के लिए उन्होंने 2913 रुपये की राशि बतौर प्रीमियम अदा की थी। उन्होंने बताया कि उनकी 4 एकड़ में बाजरे की फसल ओलावृष्टि के कारण नष्ट हो गई थी।
इस मामले में शिकायतकर्ता को मात्र 119 रुपये की राशि मुआवजे के तौर पर भेजी गई थी और उसके बाद 770 रुपये भी 6 अप्रैल 2019 को बतौर क्षतिपूर्ति भेजे थे। लेकिन क्षतिपूर्ति के करीब 35 हजार रुपये दिए जाने चाहिए थे। शिकायतकर्ता ने क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की थी।
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शिकायत का निपटारा करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन संजय कुमार खंडूजा, सदस्य डॉ. ऋषि दत्त कौशिक और डॉ. अमिता अग्रवाल ने अपने निर्णय में लिखा कि शिकायतकर्ता को मुआवजा की पूरी राशि बैंक की तरफ से दी जानी चाहिए थी, लेकिन सबूत बताते हैं कि केवल 119 रुपये मुआवजा दिया गया जो किसी भी तरीके से मान्य नहीं है। जिला उपभोक्ता आयोग ने पंजाब नेशनल बैंक को दोषी करार देते हुए 34230 रुपये 7441 रुपये ब्याज सहित शिकायतकर्ता को 45 दिन के अंदर दिए जाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक को 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 11 हजार रुपये वाद खर्च अतिरिक्त दिए जाने के आदेश दिए हैं। जबकि इंश्योरेंस कंपनी और डायरेक्टर कृषि विभाग को क्लीन चिट देते हुए आदेश में लिखा है कि सारी गलती बैंक की थी क्योंकि पोर्टल पर सही जानकारी उपलब्ध कराना बैंक की जिम्मेदारी थी।
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रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बर्बादी के बाद बीमा राशि अदा न करने पर बैंक पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने के साथ ही बीमा कराने वाले बैंक को बीमा राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा बैंक को 11 हजार रुपये वाद खर्च के भी देने होंगे।
रेवाड़ी के गांव मलाहेड़ा निवासी चंद्रो देवी, जगरूप सिंह और प्रकाश ने जिला उपभोक्ता निवारण आयोग में शिकायत दायर कर आरोप लगाया था कि उन्होंने 2018 में पंजाब नेशनल बैंक ब्रांच मालपुरा के सहयोग से ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड कानोड़ गेट रेवाड़ी से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा करवाया था। बीमा कराने के लिए उन्होंने 2913 रुपये की राशि बतौर प्रीमियम अदा की थी। उन्होंने बताया कि उनकी 4 एकड़ में बाजरे की फसल ओलावृष्टि के कारण नष्ट हो गई थी।
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इस मामले में शिकायतकर्ता को मात्र 119 रुपये की राशि मुआवजे के तौर पर भेजी गई थी और उसके बाद 770 रुपये भी 6 अप्रैल 2019 को बतौर क्षतिपूर्ति भेजे थे। लेकिन क्षतिपूर्ति के करीब 35 हजार रुपये दिए जाने चाहिए थे। शिकायतकर्ता ने क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की थी।
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शिकायत का निपटारा करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन संजय कुमार खंडूजा, सदस्य डॉ. ऋषि दत्त कौशिक और डॉ. अमिता अग्रवाल ने अपने निर्णय में लिखा कि शिकायतकर्ता को मुआवजा की पूरी राशि बैंक की तरफ से दी जानी चाहिए थी, लेकिन सबूत बताते हैं कि केवल 119 रुपये मुआवजा दिया गया जो किसी भी तरीके से मान्य नहीं है। जिला उपभोक्ता आयोग ने पंजाब नेशनल बैंक को दोषी करार देते हुए 34230 रुपये 7441 रुपये ब्याज सहित शिकायतकर्ता को 45 दिन के अंदर दिए जाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक को 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और 11 हजार रुपये वाद खर्च अतिरिक्त दिए जाने के आदेश दिए हैं। जबकि इंश्योरेंस कंपनी और डायरेक्टर कृषि विभाग को क्लीन चिट देते हुए आदेश में लिखा है कि सारी गलती बैंक की थी क्योंकि पोर्टल पर सही जानकारी उपलब्ध कराना बैंक की जिम्मेदारी थी।