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Rewari News: एक्यूआई पहुंचा 300 के पास, प्रदूषण से लोग परेशान
Fri, 03 Nov 2023 01:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 03 Nov 2023 01:27 AM IST
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रेवाड़ी। जिले की हवा लगातार खराब होती जा रही है। वीरवार को प्रदूषण का स्तर 290 के करीब दर्ज किया गया है। ऐसा ही चलता रहा तो एक्यूआई 300 को पार कर जाएगा, जो सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। दूसरी तरफ गांव मनेठी में लोग फैक्टरी से निकलने वाले प्रदूषण की वजह से काफी परेशान हैं।
गांव मनेठी के मीनू, धर्मपाल, महीपाल, शेरसिंह ने डीसी व प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी को दी शिकायत में बताया कि खोल रोड पर एक पुट्टी व एक क्रेशर की फैक्टरी लगी हुई है, जिससे आसपास के क्षेत्र में बहुत ज्यादा प्रदूषण रहता है। इन फैक्टरी के आसपास 15 ट्यूबवेल लगे हुए हैं। जहां लोग परिवार समेत रहते हैं। इन फैक्टरी से होने वाले प्रदूषण की वजह से यहां के लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कत होती है और आंखों में भी जलन होने लगी है। आसपास के पेड़ों को भी काफी नुकसान हो रहा है। पौधे सूखने लगे हैं। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान करवाया जाए ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
कोसली में वायु प्रदूषण की वजह से अस्थमा के बढ़े मरीज
उधर, कोसली क्षेत्र में प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों की सांसों में जहर घोल रहा है। इसके कारण लोग अस्थमा जैसी गंभीर बीमारी के शिकार हो रहे हैं।
चिकित्सा क्षेत्र से मिले आंकड़ों के अनुसार बीते एक वर्ष में क्षेत्र में अस्थमा पीड़ितों की संख्या में दस फीसदी से भी अधिक का इजाफा हुआ है। नागरिक अस्पताल के एसएमओ डाक्टर जयपाल ने बताया कि वायुमंडल में नाइट्रोजन, आक्सीजन, कार्बन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड आदि गैस एक निश्चित अनुपात में मौजूद रहती है। प्रदूषण बढ़ने से वायु में इन गैसों की मात्रा कम व ज्यादा होने लगती है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ओपीडी में रोजाना दस से पंद्रह मरीज सांस लेने में दिक्कत की शिकायत लिए पहुंच रहे हैं, जबकि निजी अस्पतालों में भी सांस के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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वर्जन
ओपीडी में रोजाना सांस रोग से संबंधित दस से पंद्रह मरीज पहुंच रहे हैं। वायुमंडल में नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड आदि गैस एक निश्चित अनुपात में मौजूद रहती है। प्रदूषण बढ़ने से वायु में इन गैसों की मात्रा कम व ज्यादा होने लगती है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
-डॉ. जयपाल, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, कोसली।
गांव मनेठी के मीनू, धर्मपाल, महीपाल, शेरसिंह ने डीसी व प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी को दी शिकायत में बताया कि खोल रोड पर एक पुट्टी व एक क्रेशर की फैक्टरी लगी हुई है, जिससे आसपास के क्षेत्र में बहुत ज्यादा प्रदूषण रहता है। इन फैक्टरी के आसपास 15 ट्यूबवेल लगे हुए हैं। जहां लोग परिवार समेत रहते हैं। इन फैक्टरी से होने वाले प्रदूषण की वजह से यहां के लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कत होती है और आंखों में भी जलन होने लगी है। आसपास के पेड़ों को भी काफी नुकसान हो रहा है। पौधे सूखने लगे हैं। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान करवाया जाए ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
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कोसली में वायु प्रदूषण की वजह से अस्थमा के बढ़े मरीज
उधर, कोसली क्षेत्र में प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों की सांसों में जहर घोल रहा है। इसके कारण लोग अस्थमा जैसी गंभीर बीमारी के शिकार हो रहे हैं।
चिकित्सा क्षेत्र से मिले आंकड़ों के अनुसार बीते एक वर्ष में क्षेत्र में अस्थमा पीड़ितों की संख्या में दस फीसदी से भी अधिक का इजाफा हुआ है। नागरिक अस्पताल के एसएमओ डाक्टर जयपाल ने बताया कि वायुमंडल में नाइट्रोजन, आक्सीजन, कार्बन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड आदि गैस एक निश्चित अनुपात में मौजूद रहती है। प्रदूषण बढ़ने से वायु में इन गैसों की मात्रा कम व ज्यादा होने लगती है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ओपीडी में रोजाना दस से पंद्रह मरीज सांस लेने में दिक्कत की शिकायत लिए पहुंच रहे हैं, जबकि निजी अस्पतालों में भी सांस के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
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ओपीडी में रोजाना सांस रोग से संबंधित दस से पंद्रह मरीज पहुंच रहे हैं। वायुमंडल में नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड आदि गैस एक निश्चित अनुपात में मौजूद रहती है। प्रदूषण बढ़ने से वायु में इन गैसों की मात्रा कम व ज्यादा होने लगती है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता है।
-डॉ. जयपाल, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, कोसली।