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Rewari News: ओपीडी में आ रहे बुखार, जुकाम और सांस के मरीज
Sat, 27 Dec 2025 11:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 27 Dec 2025 11:47 PM IST
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बावल मार्ग पर स्थित बेकरी की दुकान में केक पसंद करते लोग। संवाद
- फोटो : पुलिस की गिरफ्त में मौजूद रवीश। स्रोत पुलिस
रेवाड़ी। लगन भरी ठंड बढ़ने से लोग बीमार होने लगे हैं। नागरिक अस्पताल की सामान्य ओपीडी में बड़ी संख्या बुखार, जुकाम, खांसी और सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित मरीज आ रहे हैं। ओपीडी में आने वाला हर दूसरा मरीज ठंड से जुड़ी बीमारियों की शिकायत लेकर पहुंच रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार ठंड के मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ठंडी हवा, तापमान में उतार-चढ़ाव और लापरवाही के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है। विशेषकर छोटे बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ के मामले बढ़े हैं।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव ने बताया कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों को हार्ट, ब्लड प्रेशर और सांस की बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। वहीं बच्चों में वायरल इंफेक्शन तेजी से असर करता है। सुबह-शाम की ठंडी हवा और ठंडा पानी बीमारी को और बढ़ा देता है।
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उन्होंने बताया कि कई मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने या लापरवाही बरतने के कारण हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
डॉ. गौरव ने लोगों को ठंड में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़ों में ढककर रखें, सुबह और रात की ठंडी हवा से बचाव करें, ठंडा पानी पीने से बचें, गुनगुना पानी उपयोग में लें, बुखार या जुकाम होने पर खुद से दवा न लें, पौष्टिक आहार लें और पर्याप्त आराम करें, सांस, सीने में दर्द या तेज बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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डॉक्टरों के अनुसार ठंड के मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ठंडी हवा, तापमान में उतार-चढ़ाव और लापरवाही के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है। विशेषकर छोटे बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ के मामले बढ़े हैं।
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नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव ने बताया कि ठंड के मौसम में बुजुर्गों को हार्ट, ब्लड प्रेशर और सांस की बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। वहीं बच्चों में वायरल इंफेक्शन तेजी से असर करता है। सुबह-शाम की ठंडी हवा और ठंडा पानी बीमारी को और बढ़ा देता है।
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उन्होंने बताया कि कई मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने या लापरवाही बरतने के कारण हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
डॉ. गौरव ने लोगों को ठंड में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को गर्म कपड़ों में ढककर रखें, सुबह और रात की ठंडी हवा से बचाव करें, ठंडा पानी पीने से बचें, गुनगुना पानी उपयोग में लें, बुखार या जुकाम होने पर खुद से दवा न लें, पौष्टिक आहार लें और पर्याप्त आराम करें, सांस, सीने में दर्द या तेज बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।