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Rewari News: बाघ का खौफ... कैसे करें बिजाई, डीसी ने पकड़वाने का दिलाया भरोसा

Tue, 05 Nov 2024 12:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Tue, 05 Nov 2024 12:59 AM IST
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Fear of tiger...how to sow, DC assured to catch it
रेवाड़ी। बाघ को पकड़ने के लिए डीसी से मिलने जाते वि​भिन्न गांवों के सरपंच। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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बावल (सोनीपत)। सरिस्का के जंगल से भटक कर ढाई महीने पहले गांव झाबुआ के जंगल में पहुंचे बाघ से भयभीत ग्रामीण सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचकर डीसी से मुलाकात की। उन्हें ज्ञापन देकर परेशानी बताई। डीसी ने जल्द ही बाघ को पकड़वाने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि ढाई महीने से 11 गांव के लोग बाघ के डर से परेशान हैं। आगामी फसल की बिजाई की तैयारी चल रही है। हमेशा डर लगा रहता है कहीं बाघ हमला न कर दे। ग्रामीणों ने कहा है कि अगर हो सके तो गांव के चारों तरफ लोहे की जाल लगा दी जाए, ताकि बाघ गांव में प्रवेश न कर सके और लोगों को कुछ हद तक राहत मिल सके। ढाई महीने से बाघ नहीं पकड़ा गया है। ऐसे में लोगों का सब्र का बांध भी टूटता जा रहा है। डीसी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही बाघ को पकड़ लिया जाएगा।
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रविवार को भी करीब 11 गांव के सरपंचों और प्रतिनिधियों ने पंचायत की थी। इसमें फैसला लिया गया था कि डीसी को जल्द ज्ञापन दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बाघ आने वाले दिनों में नहीं पकड़ा जाता है तो कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
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झाबुआ सरपंच मनोज, मीर सिंह खिजूरी, लाल सिंह, नितेश ने कहा कि ढाई महीने से बाघ को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन सफलता नहीं मिली। चार दिन पहले बाघ बाहर घूमते देखा गया था। बाघ ने जेसीबी पर हमला किया था, जिससे उसके शीशे टूट गए थे। कहा कि डर के साये में बाजरे की फसल कटी है। अब गेहूं व सरसों की बिजाई के समय लोग खेतों में जाने से डरने लगे हैं। यह भी कहा कि रात में बाघ जंगल से निकलता है। ऐसे में बणी व ढाणियों में रहने वाले लोगों को बाघ का खतरा बना रहता है। बाघ को पकड़ने के लिए विशेष पिंजरे भी मंगवाए गए थे। उप मंडल अधिकारी ने वन मंडल अधिकारी को पत्र लिखकर बाघ को पकड़ने के निर्देश दिए थे, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।



बाघ ने अभी तक किसी व्यक्ति पर नहीं किया हमला


10 महीने पहले भी बाघ सरिस्का के जंगल से निकलकर रेवाड़ी आया था। उस समय हरियाणा बॉर्डर के आसपास गांव में वनकर्मियों पर हमला कर दिया था, जिसमें एक वनकर्मी को बाघ ने दबोच लिया था, लेकिन वह बच गया था। वहीं, फारेस्टर बेहोश हो गया था। उससे पहले कोटकासिम के पास एक किसान पर हमला किया था। एक नीलगाय को खाने की भी पुष्टि हुई थी। इस बार खैरथल-तिजारा जिले में 4 लोगों पर बाघ ने हमला किया था। रेवाड़ी में अभी तक बाघ ने किसी व्यक्ति पर हमला नहीं किया है।
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