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धरनास्थल पर बारी-बारी से बुलाए जाएंगे किसान
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रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों का आंदोलन 194वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को किसानों ने धरनास्थल पर बैठक कर किसानों को बारी-बारी के हिसाब से बुलाने का फैसला लिया। किसानों ने कहा कि कोविड प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए धरनास्थल पर किसानों को बुलाया जाएगा।
बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों से यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया। किसानों के पड़ाव के साथ ही आसपास के क्षेत्रों के किसान भी आंदोलनकारी किसानों के साथ आ गए।
शनिवार को भाकियू के प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत ने कहा कि किसानों ने चंडीगढ़ में विस का घेराव कर हरियाणा सरकार को चेता दिया है कि किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की ओछी राजनीति न की जाए। किसान अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसे वे लेकर रहेंगे। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि कानून देश के किसानों को बर्बाद करने वाले हैं। केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रद्द करने की बजाय आंदोलन को खराब करने के लिए लोगों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रही है। इस अवसर पर राजाराम मील, ईश्वर महलावत, बच्चू सिंह, किशन चंद, अमराराम व नवीन कुमार सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों से यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया। किसानों के पड़ाव के साथ ही आसपास के क्षेत्रों के किसान भी आंदोलनकारी किसानों के साथ आ गए।
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शनिवार को भाकियू के प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत ने कहा कि किसानों ने चंडीगढ़ में विस का घेराव कर हरियाणा सरकार को चेता दिया है कि किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की ओछी राजनीति न की जाए। किसान अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसे वे लेकर रहेंगे। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि कानून देश के किसानों को बर्बाद करने वाले हैं। केंद्र सरकार कृषि कानूनों को रद्द करने की बजाय आंदोलन को खराब करने के लिए लोगों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रही है। इस अवसर पर राजाराम मील, ईश्वर महलावत, बच्चू सिंह, किशन चंद, अमराराम व नवीन कुमार सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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