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खेड़ा बॉर्डर पर किसान आंदोलन को धार देंगे बावल चौरासी खाप के किसान
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रेवाड़ी। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कृषि कानून रद्द करवाने की मांग को लेकर 203 दिन चल रहे आंदोलन को धार देने के लिए बुधवार को बावल चौरासी खाप के किसानों ने सैकड़ों ट्रैक्टरों में सवार होकर शक्ति प्रदर्शन किया। इसके बाद किसान हाईवे से होते हुए खेड़ा बॉर्डर पहुंचे और समर्थन दिया। बॉर्डर पर पहुंचते ही किसान नेता योगेंद्र यादव की अगुवाई ने में भीषण गर्मी के बीच पहुंचे किसानों का फूलों की बारिश के साथ स्वागत किया गया। इससे किसानों का हौसला और बढ़ता दिखाई दिया। वहीं किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी भारी पुलिस बल व ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनाती के साथ दो डीएसपी व कई थानों के प्रभारी तैनात किए गए थे। हालांकि किसानों का शक्ति प्रदर्शन शांति पूर्वक रहा। प्रदर्शन के बाद फैसला लिया गया कि बावल चौरासी की ओर से प्रत्येक दिन एक गांव के किसान धरना स्थल पर चौबीस घंटे रहेंगे और दूसरे गांव के किसान आने के बाद ही धरना स्थल छोड़ा जाएगा। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत, सुमेर जैलदार, पूर्व सरपंच सुमेर बनीपुर, सुरेश कुमार, ईश्वर महलावत, अतर सिंह नेहरा और नवीन सहलौत सहित बावल चौरासी के बड़े किसान नेताओं ने मार्च की अगुवाई की। खेड़ा बॉर्डर पहुंचेे योगेंद्र यादव, राजाराम मील, अमराराम, रणजीत राजू, बलबीर छिल्लर सहित अन्य किसान नेताओं का फूलों की बारिश कर स्वागत किया। दूसरी ओर पुलिस की ओर से एहतियात के तौर पर सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए रूट डायवर्ट किया गया था। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।
43 डिग्री के बीच किसानों का हौसला नहीं हुआ कम
निर्धारित शक्ति प्रदर्शन के तहत किसानों को ट्रैक्टर लेकर दिल्ली-जयुपर हाईवे पर सुबह 10 बजे पहुंचना था, लेकिन कुछ ही किसान इस दौरान पहुंच पाए, लेकिन जैसे ही 11 बजे सैकड़ों ट्रैक्टरों का काफिला साबन चौक पहुंचा और किसान एकता के नारे लगाने लगा। तापमान 43 डिग्री होने के बावजूद किसानों का हौसला कम नहीं हुआ और साबन चौक से किसान भीषण गर्मी के बीच ट्रैक्टरों में सवार होकर 15 किलोमीटर का रास्ता तय कर खेड़ा बॉर्डर पहुंचे। इस दौरान किसानों ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सभी मोर्चों पर बढ़ेगी किसानों की संख्या
स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव व भारतीय किसान यूनियन के रामकिशन महलावत ने कहा कि सरकार किसानों को कम आंकने का प्रयास न करें। कोरोना के चलते मोर्चों पर संख्या कम की गई थी, लेकिन अब एक बार फिर से सभी मोर्चों पर किसानों की तादात बढ़ाई जाएगी। किसानों के काम पूरे हो चुके हैं, ऐसे में एक बार फिर से सरकार के खिलाफ हल्ला बोला जाएगा। जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होंगे किसान पीछे नहीं हटेंगे।
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- साबन चौक व बॉर्डर पर रहा भारी पुलिस बल तैनात
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से दिल्ली जयपुर हाईवे के साबन चौक व खेड़ा बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। साबन चौक पर डीएसपी मोहम्मद जमाल के नेतृत्व में बावल थाना प्रभारी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट रेवाड़ी तहसीलदार प्रदीप देशवाल, एसडीएम सहित आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला हुआ था। वहीं खेड़ा बॉर्डर पर डीएसपी अमित भाटिया के नेतृत्व में आरएएफ, सीआरपीएफ की टुकड़ी व श्जिला पुलिस को तैनात किया गया था। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन की गाड़ी, आंसू गैस सहित अन्य तरह की तैयारी की गई थी। क्रेन व एंबुलेंस के साथ स्वास्थ्यकर्मी भी दोनों पड़ाव पर तैनात किए गए थे।
खेड़ा बॉर्डर पर प्रत्येक गांव के किसान एक दिन मौजूद रहेंगे। दूसरे गांव के किसान आने के बाद भी मोर्चा छोड़ा जाएगा। सरकार किसानों को कमजोर समझने की कोशिश न करें, सरकार यदि कुछ करना चाहती है तो सबसे पहले कृषि कानूनों को रद्द करे।
राम किशन महलावत, प्रदेश सचिव भारतीय किसान यूनियन, टिकैत
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43 डिग्री के बीच किसानों का हौसला नहीं हुआ कम
निर्धारित शक्ति प्रदर्शन के तहत किसानों को ट्रैक्टर लेकर दिल्ली-जयुपर हाईवे पर सुबह 10 बजे पहुंचना था, लेकिन कुछ ही किसान इस दौरान पहुंच पाए, लेकिन जैसे ही 11 बजे सैकड़ों ट्रैक्टरों का काफिला साबन चौक पहुंचा और किसान एकता के नारे लगाने लगा। तापमान 43 डिग्री होने के बावजूद किसानों का हौसला कम नहीं हुआ और साबन चौक से किसान भीषण गर्मी के बीच ट्रैक्टरों में सवार होकर 15 किलोमीटर का रास्ता तय कर खेड़ा बॉर्डर पहुंचे। इस दौरान किसानों ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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सभी मोर्चों पर बढ़ेगी किसानों की संख्या
स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव व भारतीय किसान यूनियन के रामकिशन महलावत ने कहा कि सरकार किसानों को कम आंकने का प्रयास न करें। कोरोना के चलते मोर्चों पर संख्या कम की गई थी, लेकिन अब एक बार फिर से सभी मोर्चों पर किसानों की तादात बढ़ाई जाएगी। किसानों के काम पूरे हो चुके हैं, ऐसे में एक बार फिर से सरकार के खिलाफ हल्ला बोला जाएगा। जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होंगे किसान पीछे नहीं हटेंगे।
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- साबन चौक व बॉर्डर पर रहा भारी पुलिस बल तैनात
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की ओर से दिल्ली जयपुर हाईवे के साबन चौक व खेड़ा बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। साबन चौक पर डीएसपी मोहम्मद जमाल के नेतृत्व में बावल थाना प्रभारी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट रेवाड़ी तहसीलदार प्रदीप देशवाल, एसडीएम सहित आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला हुआ था। वहीं खेड़ा बॉर्डर पर डीएसपी अमित भाटिया के नेतृत्व में आरएएफ, सीआरपीएफ की टुकड़ी व श्जिला पुलिस को तैनात किया गया था। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन की गाड़ी, आंसू गैस सहित अन्य तरह की तैयारी की गई थी। क्रेन व एंबुलेंस के साथ स्वास्थ्यकर्मी भी दोनों पड़ाव पर तैनात किए गए थे।
खेड़ा बॉर्डर पर प्रत्येक गांव के किसान एक दिन मौजूद रहेंगे। दूसरे गांव के किसान आने के बाद भी मोर्चा छोड़ा जाएगा। सरकार किसानों को कमजोर समझने की कोशिश न करें, सरकार यदि कुछ करना चाहती है तो सबसे पहले कृषि कानूनों को रद्द करे।
राम किशन महलावत, प्रदेश सचिव भारतीय किसान यूनियन, टिकैत