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Rewari News: जलभराव वाले खेतों में मछली पालन कर आय बढ़ाएं किसान
Wed, 05 Apr 2023 10:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 05 Apr 2023 10:47 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। डीसी अशोक कुमार गर्ग ने किसानों से आह्वान किया कि जहां खेतों में पानी का नियमित ठहराव है वे किसान परंपरागत खेती की अपेक्षा मछली पालन व्यवसाय अपना सकते हैं। मछली पालन व्यवसाय में झींगा मछली का पालन करने पर प्रति एकड़ करीब 2 लाख रुपये प्रति वर्ष की आय है। ऐसे में जलभराव वाले क्षेत्र का सदुपयोग करते हुए आर्थिक रूप से लाभ लिया जा सकता है।
डीसी ने सरपंचों व किसानों से आह्वान किया कि अपने गांव के तालाबों को मछली पालन के लिए पट्टे पर छोड़े जिससे ग्राम पंचायतों की आय में वृद्धि होगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। रेवाड़ी जिले में अनेक मत्स्य पालक किसान इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। विभाग द्वारा योजना के सफल क्रियान्वयन से मछली पालकों के जीवन में परिवर्तन आया है। सरकार द्वारा जिले में मत्स्य पालकों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उन्हें पूरा लाभ मिल रहा है।
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रेवाड़ी। डीसी अशोक कुमार गर्ग ने किसानों से आह्वान किया कि जहां खेतों में पानी का नियमित ठहराव है वे किसान परंपरागत खेती की अपेक्षा मछली पालन व्यवसाय अपना सकते हैं। मछली पालन व्यवसाय में झींगा मछली का पालन करने पर प्रति एकड़ करीब 2 लाख रुपये प्रति वर्ष की आय है। ऐसे में जलभराव वाले क्षेत्र का सदुपयोग करते हुए आर्थिक रूप से लाभ लिया जा सकता है।
डीसी ने सरपंचों व किसानों से आह्वान किया कि अपने गांव के तालाबों को मछली पालन के लिए पट्टे पर छोड़े जिससे ग्राम पंचायतों की आय में वृद्धि होगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। रेवाड़ी जिले में अनेक मत्स्य पालक किसान इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। विभाग द्वारा योजना के सफल क्रियान्वयन से मछली पालकों के जीवन में परिवर्तन आया है। सरकार द्वारा जिले में मत्स्य पालकों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उन्हें पूरा लाभ मिल रहा है।
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