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Rewari News: मत्स्य पालन को अपनाकर किसान आर्थिक स्थिति बना रहे मजबूत
Sun, 27 Sep 2026 11:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 27 Sep 2026 11:47 PM IST
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किसान सुंदर सिंह।
रेवाड़ी। जिले में मत्स्य पालन किसानों के लिए आय और स्वरोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है। उपलब्ध जल संसाधनों का सदुपयोग करते हुए कई किसान मत्स्य पालन को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बना रहे हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी के साथ ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
गांव लुखी निवासी अशोक ने बताया कि मत्स्य पालन उनके लिए आय और आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। विभाग से मिली तकनीकी जानकारी, मार्गदर्शन और सब्सिडी से उन्हें मत्स्य पालन की गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन करें और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाएं तो यह खेती के साथ आय का अच्छा अतिरिक्त साधन बन सकता है।
गांव सैयदपुर निवासी सुंदर सिंह भी मत्स्य पालन को आय का उपयोगी माध्यम मानते हैं। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन के जरिये उपलब्ध जल संसाधनों का उत्पादक उपयोग किया जा रहा है। इससे उन्हें आमदनी का अतिरिक्त अवसर मिला है। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे मार्गदर्शन, योजनाओं की जानकारी, सब्सिडी और तकनीकी सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
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मत्स्य पालन के लिए किया जा रहा जागरूक : अंजू
जिला मत्स्य अधिकारी अंजू रानी ने बताया कि विभाग की ओर से किसानों को मत्स्य पालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी देने के साथ ही उन्हें तकनीकी जानकारी दी जा रही है। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को मत्स्य पालन से जोड़ना और ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार एवं आय के नए अवसरों को बढ़ावा देना है। मत्स्य पालन के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। उपलब्ध जल संसाधनों का भी समुचित एवं उत्पादक उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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गांव लुखी निवासी अशोक ने बताया कि मत्स्य पालन उनके लिए आय और आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। विभाग से मिली तकनीकी जानकारी, मार्गदर्शन और सब्सिडी से उन्हें मत्स्य पालन की गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिली।
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उन्होंने कहा कि यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन करें और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाएं तो यह खेती के साथ आय का अच्छा अतिरिक्त साधन बन सकता है।
गांव सैयदपुर निवासी सुंदर सिंह भी मत्स्य पालन को आय का उपयोगी माध्यम मानते हैं। उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन के जरिये उपलब्ध जल संसाधनों का उत्पादक उपयोग किया जा रहा है। इससे उन्हें आमदनी का अतिरिक्त अवसर मिला है। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे मार्गदर्शन, योजनाओं की जानकारी, सब्सिडी और तकनीकी सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
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मत्स्य पालन के लिए किया जा रहा जागरूक : अंजू
जिला मत्स्य अधिकारी अंजू रानी ने बताया कि विभाग की ओर से किसानों को मत्स्य पालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी देने के साथ ही उन्हें तकनीकी जानकारी दी जा रही है। विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को मत्स्य पालन से जोड़ना और ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार एवं आय के नए अवसरों को बढ़ावा देना है। मत्स्य पालन के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। उपलब्ध जल संसाधनों का भी समुचित एवं उत्पादक उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को अपनाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

किसान सुंदर सिंह।