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Rewari News: किसानों में बाजरे के भावांतर राशि न मिलने को लेकर गहरा रोष
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धारूहेड़ा। हरियाणा के किसानों के लिए हाल ही में घोषित बाजरे के भावांतर राशि का भुगतान न होने से क्षेत्र में गहरा रोष व्याप्त है। बावल विधानसभा क्षेत्र के नंदरामपुर बांस, अलावलपुर, ततारपुर खालसा और भटसाना गांव के किसानों ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकार ने बाजरे का भावांतर 557 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया था।
आज तक किसानों के खाते में यह राशि नहीं पहुंची है और बाजरा बिक्री को दो माह से अधिक का समय हो चुका है। इस वजह से किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
किसानों ने आगे कहा कि इस विलंब का असर उनकी अन्य फसलों पर भी पड़ रहा है। खासकर गेहूं और सरसों की फसलों के लिए यूरिया खाद की आवश्यकता अत्यधिक है लेकिन इस समय यूरिया की कमी के कारण छिड़काव में कठिनाई हो रही है। किसानों का कहना है कि खाद की किल्लत और बाजरे की भावांतर राशि न मिलने की समस्या उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
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गांव के किसान कुलदीप, महावीर, पूर्व सरपंच अभय सिंह यादव, खुबराम, शिशराम, समाजसेवी रामपाल यादव, पूर्व सरपंच भीम सिंह और उदल यादव ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि किसानों को जल्द से जल्द उनके बाजरे के भावांतर की राशि प्रदान की जाए।
उनका कहना है कि यदि राशि समय पर नहीं दी गई तो इसका प्रतिकूल असर उनके जीवनयापन और आगामी फसलों की गुणवत्ता पर पड़ेगा। वे सरकार के प्रति हमेशा सहयोगी रहे हैं लेकिन लगातार हो रहे भुगतान विलंब और खाद की कमी ने उनकी समस्याओं को और बढ़ा दिया है।
उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इस मामले में त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि किसानों की मुश्किलें कम हो सकें और उनकी फसल सुरक्षित रह सके।
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आज तक किसानों के खाते में यह राशि नहीं पहुंची है और बाजरा बिक्री को दो माह से अधिक का समय हो चुका है। इस वजह से किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
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किसानों ने आगे कहा कि इस विलंब का असर उनकी अन्य फसलों पर भी पड़ रहा है। खासकर गेहूं और सरसों की फसलों के लिए यूरिया खाद की आवश्यकता अत्यधिक है लेकिन इस समय यूरिया की कमी के कारण छिड़काव में कठिनाई हो रही है। किसानों का कहना है कि खाद की किल्लत और बाजरे की भावांतर राशि न मिलने की समस्या उनके लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
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गांव के किसान कुलदीप, महावीर, पूर्व सरपंच अभय सिंह यादव, खुबराम, शिशराम, समाजसेवी रामपाल यादव, पूर्व सरपंच भीम सिंह और उदल यादव ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि किसानों को जल्द से जल्द उनके बाजरे के भावांतर की राशि प्रदान की जाए।
उनका कहना है कि यदि राशि समय पर नहीं दी गई तो इसका प्रतिकूल असर उनके जीवनयापन और आगामी फसलों की गुणवत्ता पर पड़ेगा। वे सरकार के प्रति हमेशा सहयोगी रहे हैं लेकिन लगातार हो रहे भुगतान विलंब और खाद की कमी ने उनकी समस्याओं को और बढ़ा दिया है।
उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इस मामले में त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि किसानों की मुश्किलें कम हो सकें और उनकी फसल सुरक्षित रह सके।