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किसान बोले, रेवाड़ी पहुंचने पर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाएंगे
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जिला सचिवालय में राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य। संवाद
- फोटो : Rewari
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल पांच सितंबर को मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में छात्रावास समेत कई परियोजनाओं का शिलान्यास करने शहर आ रहे हैं। इस बीच उनके कार्यक्रम की सूचना मिलते ही संयुक्त किसान मोर्चे ने उनको काले झंडे दिखाकर विरोध करने की घोषणा की है। किसान ने राजेंद्र सिंह ने कहा कि करनाल में किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में किसान मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इस संबंध में बुधवार को सेक्टर-1 स्थित नेहरू पार्क में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई। जिसमें मुख्यमंत्री के रेवाड़ी आने पर काले झंडे दिखाने का फैसला लिया गया। बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कामरेड राजेंद्र सिंह ने बताया कि करनाल के टोल प्लाजा पर सरकार की शह पर एसडीएम के आदेश पर पुलिस द्वारा किसानों पर किये गये बर्बर लाठी चार्ज की बैठक में निंदा की गई। इसके साथ ही पुलिस लाठीचार्ज की वजह से किसान की मौत पर दो मिनट का मौन भी रखा गया। उन्होंने बताया कि बैठक में फैसला लिया गया कि 5 सितंबर को मुख्यमंत्री के रेवाड़ी आगमन पर काले झंडे के साथ बहिष्कार किया जायेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका जाएगा।
बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठन भारतीय किसान यूनियन, जय किसान आंदोलन ,भारतीय किसान यूनियन चढूनी, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रतिनिधि समय सिंह, कुलदीप सिंह, मास्टर धर्मसिंह, रामकुमार राजबीर, अभय सिंह, पृथ्वी सिंह, धर्मपाल मोहन, ईश्वर मेहलावत, राजपाल, धर्मपाल, सतपाल आदि मौजूद रहे। बैठक के बाद किसान नेताओं ने सचिवालय तक जुलूस निकाला और राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही मांग की गई कि गैर कानूनी तरीके से किसानों पर जान लेवा हमले करवाने वाले एसडीएम एवं दोषी पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए। किसान आंदोलन पर दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। सरकार ने कुल बाजरा का 80 प्रतिशत नहीं खरीदने का फैसला घोर किसान विरोधी है। दाना दाना खरीदा जाएगा, सरकार का यह दावा खोखला साबित हो गया है। सरकार इस फैसले को तुरंत वापिस ले। किसानों की जमीन को कोड़ी के दामों में अधिग्रहण करना और जमीन मालिक की अनुमति भी नहीं लेना व पुनर्वास की व्यवस्था ना करने जैसे फैसलों को तुरंत वापस लेने की मांग की गई।
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इस संबंध में बुधवार को सेक्टर-1 स्थित नेहरू पार्क में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई। जिसमें मुख्यमंत्री के रेवाड़ी आने पर काले झंडे दिखाने का फैसला लिया गया। बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कामरेड राजेंद्र सिंह ने बताया कि करनाल के टोल प्लाजा पर सरकार की शह पर एसडीएम के आदेश पर पुलिस द्वारा किसानों पर किये गये बर्बर लाठी चार्ज की बैठक में निंदा की गई। इसके साथ ही पुलिस लाठीचार्ज की वजह से किसान की मौत पर दो मिनट का मौन भी रखा गया। उन्होंने बताया कि बैठक में फैसला लिया गया कि 5 सितंबर को मुख्यमंत्री के रेवाड़ी आगमन पर काले झंडे के साथ बहिष्कार किया जायेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका जाएगा।
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बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठन भारतीय किसान यूनियन, जय किसान आंदोलन ,भारतीय किसान यूनियन चढूनी, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रतिनिधि समय सिंह, कुलदीप सिंह, मास्टर धर्मसिंह, रामकुमार राजबीर, अभय सिंह, पृथ्वी सिंह, धर्मपाल मोहन, ईश्वर मेहलावत, राजपाल, धर्मपाल, सतपाल आदि मौजूद रहे। बैठक के बाद किसान नेताओं ने सचिवालय तक जुलूस निकाला और राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही मांग की गई कि गैर कानूनी तरीके से किसानों पर जान लेवा हमले करवाने वाले एसडीएम एवं दोषी पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए। किसान आंदोलन पर दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। सरकार ने कुल बाजरा का 80 प्रतिशत नहीं खरीदने का फैसला घोर किसान विरोधी है। दाना दाना खरीदा जाएगा, सरकार का यह दावा खोखला साबित हो गया है। सरकार इस फैसले को तुरंत वापिस ले। किसानों की जमीन को कोड़ी के दामों में अधिग्रहण करना और जमीन मालिक की अनुमति भी नहीं लेना व पुनर्वास की व्यवस्था ना करने जैसे फैसलों को तुरंत वापस लेने की मांग की गई।
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