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सरकार विरोधी दिवस को लेकर किसान नेताओं ने किया जनसंपर्क
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कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बार्डर पर पिछले 91 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों का धरना लगातार जारी है। 15 मार्च को कॉरपोरेट विरोधी दिवस को लेकर किसानों ने तैयारी पूरी कर ली है। किसान नेता गांव-गांव जाकर लोगों को समझा रहे है। इसके साथ ही 26 मार्च को आंदोलन के 4 महीने होने पर पूर्ण रूप से भारत बंद किया जाएगा।
बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों को हरियाणा पुलिस ने हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक लिए था। किसानों ने यहीं पर अपना आंदोलन शुरू कर दिया था। इसके बाद से किसानों को समर्थन देने के लिए राजस्थान के अलावा हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र व केरल सहित विभिन्न राज्यों के किसान यहां पहुंच चुके हैं। 15 मार्च को कॉरपोरेट विरोधी व सरकार विरोधी दिवस मनाये जाने को लेकर किसानों ने पूरी तैयारी कर ली है। इस दिन देेशभर के रेलवे स्टेशनों पर मजदूर संगठनों के साथ निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किए जाएंगे।
सरकार देशी-विदेशी पूंजिपतियों के दबाव में : किसान वक्ता
शनिवार को खेड़ा बार्डर पर आमसभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि लगातार सौ दिन से शांति पूर्ण और अनुशासित आंदोलन चलने के बावजूद केंद्र की भाजपा-आरएसएस सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। इससे यह साबित हो गया है कि सरकार किस कदर अपने देशी-विदेशी पूंजीपति आकाओं के दबाव में है। किसानों के सामने आंदोलन को और तेज करने के अलावा और कोई विकल्प शेष नहीं बचा है।
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इन वक्ताओं ने किया संबोधित
आमसभा को संबोधित करने वाले वक्ताओं में कुन्दन लाल, मुंशीराम सैनी, आशाराम चौधरी, करण सिंह, हरफूल सिंह,महावीर खरबास, राजवीर सिंह, रामकिशन महलावत, सतनाम सिंह, अमरजीत सिंह,शिवराज सिंह, अजायब सिंह, मोहन लाल व राजाराम मील सहित अन्य शामिल रहे।
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बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों को हरियाणा पुलिस ने हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक लिए था। किसानों ने यहीं पर अपना आंदोलन शुरू कर दिया था। इसके बाद से किसानों को समर्थन देने के लिए राजस्थान के अलावा हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र व केरल सहित विभिन्न राज्यों के किसान यहां पहुंच चुके हैं। 15 मार्च को कॉरपोरेट विरोधी व सरकार विरोधी दिवस मनाये जाने को लेकर किसानों ने पूरी तैयारी कर ली है। इस दिन देेशभर के रेलवे स्टेशनों पर मजदूर संगठनों के साथ निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किए जाएंगे।
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सरकार देशी-विदेशी पूंजिपतियों के दबाव में : किसान वक्ता
शनिवार को खेड़ा बार्डर पर आमसभा को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि लगातार सौ दिन से शांति पूर्ण और अनुशासित आंदोलन चलने के बावजूद केंद्र की भाजपा-आरएसएस सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। इससे यह साबित हो गया है कि सरकार किस कदर अपने देशी-विदेशी पूंजीपति आकाओं के दबाव में है। किसानों के सामने आंदोलन को और तेज करने के अलावा और कोई विकल्प शेष नहीं बचा है।
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इन वक्ताओं ने किया संबोधित
आमसभा को संबोधित करने वाले वक्ताओं में कुन्दन लाल, मुंशीराम सैनी, आशाराम चौधरी, करण सिंह, हरफूल सिंह,महावीर खरबास, राजवीर सिंह, रामकिशन महलावत, सतनाम सिंह, अमरजीत सिंह,शिवराज सिंह, अजायब सिंह, मोहन लाल व राजाराम मील सहित अन्य शामिल रहे।