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किसान आंदोलन रोजगार का सवाल, सरकार खेती को घाटे का सौदा बनाने पर अड़ी
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कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर चल रहे किसानों के धरना स्थल पर मंगलवार को किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचे। उन्होंने कहा कि ये आंदोलन हमारे रोजगार का सवाल है। हमारा जीवन खेती से चल रहा है, लेकिन केंद्र सरकार चाहती है कि खेती इतने घाटे का सौदा बना दिया ताकि किसान खुद इसे छोड़कर भाग जाए। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड किसान अपनी पीढ़ी को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, ऐसे में पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। सरकार अनेक हथकंडे अपना रही है, लेकिन सफल नहीं होने दिया जाएगा। बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में बार्डर पर राजस्थान, गुजरात व हरियाणा के हजारों किसान पिछलेे 10 दिन से कड़ाके की ठंड में डटे हुए हैं। क्रमिक अनशन के दूसरे दिन 15 महिला किसानों ने अनशन किया, जिसमें चंद्रकला वर्मा, सीमा जैन, तारा धायल, सरोज भिचर, सुमित्रा चोपड़ा, सोना, रामचंद्रिका, सोना देवी पूनियां, सुभीता भिचर, सुनीता नेहरा, मोनिका प्रजापत, अनु दुग्गल, बेबी, ईशा शर्मा और राजबाला यादव शामिल रहीं।
सरकार किसानों की एकता को तोड़ने का प्रयास कर रही: किसान नेता
किसान नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने अब बहु प्रचारक अभियान शुरू किया है जिसमें संघर्षरत किसानों की एकता को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का अभियान चलाया गया है। इसलिए किसान संघर्ष को ओर मजबूत करना जरूरी हो गया है। अब मजदूर, किसान और मेहनतकश लोगों के साथ अन्य सभी वर्गों को लेकर मौजूदा आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा। सभा को बीएस मील, रामरतन बगड़िया, उमराव सहारण, पेमा राम, अनिता गुर्जर, लखबीर मान, हरकेवल दीप सिंह, रामेश्वर वर्मा, कान्हाराम बिजारणियां, मदन सिंह यादव, सत्यजीत भिचर, मुकेश शर्मा, अमरसिंह सैनी, सुभाष बाजिया, कवर सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, राहुल चौधरी, सुरजीत सिंह, भगीरथ यादव, पूर्व आईएएस जगरूप सिंह यादव, राजराम मील, गुमनाम सिंह, मोहनलाल, दुर्गा स्वामी, मुकेश, गौरव चौधरी, रति राम वशिष्ठ, सुमेर सिंह, सुरेंद्र मेहरा, रणवीर सिंह, जोरावर सिंह, जगदीश सिंह, कमलेश और दीवान सिंह व राजू आदि नेताओं ने संबोधित किया।
इन संगठनों ने दिया समर्थन
खेड़ा बार्डर चल रहे किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए मंगलवार को जमाते-इस्लामी हिन्द, सांगवान खाप व अहलावत खाप पंचायत अपना समर्थन देने पहुंची। सभा का संचालन डॉ संजय माधव, निर्मल प्रजापत, आनंद यादव व रेशम सिंह कर रहे थे।
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बनीपुर चौक पर किसानों का धरना नौवें दिन जारी
हाईवे पर बावल चौरासी के किसानों की ओर से दिए जा रहे धरना स्थल पर भी 11 किसानों ने क्रमिक अनशन किया। इनमें भजनलाल खटाना, महेंद्र सिंह ककरावता, इश्वर सिंह फलसवाल, भूपसिंह बनीपुर, रामकुवार तिहाड़ा, सुमेर जेलदार, भरपूर सागरपुर, सोपाल सैनी, सरजीत टीकला, शेरसिंह बनीपुर व ईश्वर महलावत शामिल रहे।
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सरकार किसानों की एकता को तोड़ने का प्रयास कर रही: किसान नेता
किसान नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने अब बहु प्रचारक अभियान शुरू किया है जिसमें संघर्षरत किसानों की एकता को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का अभियान चलाया गया है। इसलिए किसान संघर्ष को ओर मजबूत करना जरूरी हो गया है। अब मजदूर, किसान और मेहनतकश लोगों के साथ अन्य सभी वर्गों को लेकर मौजूदा आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा। सभा को बीएस मील, रामरतन बगड़िया, उमराव सहारण, पेमा राम, अनिता गुर्जर, लखबीर मान, हरकेवल दीप सिंह, रामेश्वर वर्मा, कान्हाराम बिजारणियां, मदन सिंह यादव, सत्यजीत भिचर, मुकेश शर्मा, अमरसिंह सैनी, सुभाष बाजिया, कवर सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, राहुल चौधरी, सुरजीत सिंह, भगीरथ यादव, पूर्व आईएएस जगरूप सिंह यादव, राजराम मील, गुमनाम सिंह, मोहनलाल, दुर्गा स्वामी, मुकेश, गौरव चौधरी, रति राम वशिष्ठ, सुमेर सिंह, सुरेंद्र मेहरा, रणवीर सिंह, जोरावर सिंह, जगदीश सिंह, कमलेश और दीवान सिंह व राजू आदि नेताओं ने संबोधित किया।
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इन संगठनों ने दिया समर्थन
खेड़ा बार्डर चल रहे किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए मंगलवार को जमाते-इस्लामी हिन्द, सांगवान खाप व अहलावत खाप पंचायत अपना समर्थन देने पहुंची। सभा का संचालन डॉ संजय माधव, निर्मल प्रजापत, आनंद यादव व रेशम सिंह कर रहे थे।
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बनीपुर चौक पर किसानों का धरना नौवें दिन जारी
हाईवे पर बावल चौरासी के किसानों की ओर से दिए जा रहे धरना स्थल पर भी 11 किसानों ने क्रमिक अनशन किया। इनमें भजनलाल खटाना, महेंद्र सिंह ककरावता, इश्वर सिंह फलसवाल, भूपसिंह बनीपुर, रामकुवार तिहाड़ा, सुमेर जेलदार, भरपूर सागरपुर, सोपाल सैनी, सरजीत टीकला, शेरसिंह बनीपुर व ईश्वर महलावत शामिल रहे।