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Rewari News: किसान 1 क्विंटल अनाज लाता है, ‘सिस्टम’ 1 किलो खा जाता है
Thu, 25 Apr 2024 03:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 25 Apr 2024 03:54 AM IST
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रेवाड़ी। कोसली अनाज मंडी में बिना झार के कट्टों में सरसों भर रहे श्रमिक। संवाद
कोसली। कोसली अनाज मंडी में आढ़ती और मंडीकर्मियों की मिलीभगत से किसानों की मेहनत पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है। झार के नाम पर प्रति क्विंटल अनाज से एक किलो गेहूं और सरसों की कटाैती की जा रही है।
इससे किसानों को प्रति क्विंटल सरसों में 56.55 और गेहूं में 22.55 रुपये की चपत लग रही है।
नियमों के मुताबिक, एक दिन में किसान 25 क्विंटल सरसों ही बेच सकता है। मान लीजिए कोई किसाना अगर 25 क्विंटल सरसों बेचता है तो उसे 1400 रुपये का घाटा उठाना पड़ेगा। यही हाल गेहूं खरीद का भी है।
पूछने पर बताया जाता है कि कटौती फसलों की अशुदि्धयां साफ करने के एवज में की जाती है। इसको साफ करने के लिए अनाज मंडी में श्रमिकों की तरफ से झार लगाई जाती है। इसके बाद फसल में अशुद्धियों को दूर करके कट्टों में भरा जाता है, लेकिन कोसली अनाज मंडी में सीधे ही सरसों की फसल कट्टों में भरी जा रही है। ऐसे में प्रति क्विंटल झार वसूलना गले नहीं उतर रहा है।
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बताया जाता है कि इससे सरकार को तो नुकसान हो ही रहा है। साथ में जो किसान अपनी फसल बेच रहा है वह भी नुकसान उठा रहा है। इससे पहले कोसली अनाज मंडी तब चर्चा में आया था जब एक किसान की फसल कांटे पर तुलवाई के दौरान कम दर्शाई गई थी। बाद में जब किसानों ने हंगामा काटा था तो दोबारा से फसल की ताैल कराई गई थी, जिसमें फसल का वजन सही मिला था। ताैलकर्मी का यह कारनामा चर्चा में रहा था।
किसानों से प्रति क्विंटल फसल में 1 किलो की कटौती करने का मामला संज्ञान में नहीं है। - उदय सिंह, एसडीएम कोसली
मामला संज्ञान में नहीं है। न ही किसी किसान ने शिकायत की है। अगर ऐसा हो रहा है तो पूछताछ की जाएगी। -नरेंद्र यादव, सचिव मार्केट कमेटी
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इससे किसानों को प्रति क्विंटल सरसों में 56.55 और गेहूं में 22.55 रुपये की चपत लग रही है।
नियमों के मुताबिक, एक दिन में किसान 25 क्विंटल सरसों ही बेच सकता है। मान लीजिए कोई किसाना अगर 25 क्विंटल सरसों बेचता है तो उसे 1400 रुपये का घाटा उठाना पड़ेगा। यही हाल गेहूं खरीद का भी है।
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पूछने पर बताया जाता है कि कटौती फसलों की अशुदि्धयां साफ करने के एवज में की जाती है। इसको साफ करने के लिए अनाज मंडी में श्रमिकों की तरफ से झार लगाई जाती है। इसके बाद फसल में अशुद्धियों को दूर करके कट्टों में भरा जाता है, लेकिन कोसली अनाज मंडी में सीधे ही सरसों की फसल कट्टों में भरी जा रही है। ऐसे में प्रति क्विंटल झार वसूलना गले नहीं उतर रहा है।
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बताया जाता है कि इससे सरकार को तो नुकसान हो ही रहा है। साथ में जो किसान अपनी फसल बेच रहा है वह भी नुकसान उठा रहा है। इससे पहले कोसली अनाज मंडी तब चर्चा में आया था जब एक किसान की फसल कांटे पर तुलवाई के दौरान कम दर्शाई गई थी। बाद में जब किसानों ने हंगामा काटा था तो दोबारा से फसल की ताैल कराई गई थी, जिसमें फसल का वजन सही मिला था। ताैलकर्मी का यह कारनामा चर्चा में रहा था।
किसानों से प्रति क्विंटल फसल में 1 किलो की कटौती करने का मामला संज्ञान में नहीं है। - उदय सिंह, एसडीएम कोसली
मामला संज्ञान में नहीं है। न ही किसी किसान ने शिकायत की है। अगर ऐसा हो रहा है तो पूछताछ की जाएगी। -नरेंद्र यादव, सचिव मार्केट कमेटी

रेवाड़ी। कोसली अनाज मंडी में बिना झार के कट्टों में सरसों भर रहे श्रमिक। संवाद