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Rewari News: परिजनों ने 20-20 लाख रुपये और प्रतिमाह पेंशन की रखी मांग
Wed, 27 Mar 2024 02:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 27 Mar 2024 02:28 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। धारुहेड़ा स्थित लाइफ लांग कंपनी में 16 मार्च को डस्ट कलेक्टर फटने से झुलसे 14 श्रमिकों की अब तक मौत हो चुकी है। मृतकों के परिजनों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें 7-7 लाख रुपये आर्थिक मदद देने का ऑफर किया है, जिसे ठुकरा दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को 7-7 लाख रुपये की जगह 20-20 लाख रुपये देने की बात फैक्ट्री प्रबंधन से चल रही है। गोंडा के पीड़ितों में से एक के भाई फिरोज ने कहा कि कंपनी ने उन्हें 7 लाख रुपये के आर्थिक सहायता का चेक दे रही थी लेकिन यह यह अपर्याप्त था। एक अन्य धर्मप्रकाश ने बताया कि अधिकांश श्रमिक परिवार के इकलौते कमाने वाले थे, उनके परिवारों को पेंशन देने की मांग भी की जा रही है ताकि मृतक आश्रित आगे का जीवन गुजारा जा सके और परिवार को आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना न करना पड़े। श्रमिक राजकुमार का कहना है कि जो घायल हुए हैं, उन्हें मुआवजा और पेंशन दोनों दी जाए। मामले में डीसी राहुल हुड्डा ने बताया कि सहायता राशि में वृद्धि की बातचीत चल रही है, उम्मीद है कि कंपनी राशि को बढ़ाएगी।
सुरक्षा उपकरण नहीं मिलने से हुआ हादसा
मृतकों के परिजनों ने कंपनी प्रबंधक और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि अगर श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए होते या डस्ट कलेक्टर को ठीक से साफ किया गया होता तो यह घटना नहीं होती। एसडीएम विकास यादव के नेतृत्व में एक जिला आधिकारिक समिति ने औद्योगिक सुरक्षा मानदंडों से संबंधित खामियां पाई थीं। रिपोर्ट में कहा गया था कि श्रमिकों को उचित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इस हादसे में 39 श्रमिक बुरी तरह से झुलसे थे। आरोप है कि दो बार पहले भी डस्ट कलेक्टर में शॉर्ट सर्किट की घटना हुई थी लेकिन कंपनी प्रबंधन ने इस और ध्यान नहीं दिया।
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गिरफ्तारी नहीं हुई तो शुरू किया जाएगा धरना
केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी के राज्य अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि लाइफ लांग कंपनी के प्रबंधक और ठेकेदार को गिरफ्तार नहीं करना जन मानस में गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। मजिस्ट्रेट जांच में प्राथमिक तौर पर यह साबित हो चुका है कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है तो फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही। एक्सपर्ट ओपिनियन से गिरफ्तारी का कोई संबंध नहीं है। प्रबंधक ने कंपनी एक्ट एवं भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अपराध किया है। दोनों अपराधों में कार्रवाई होनी चाहिए। कंपनी से संबंधित मामले में श्रम विभाग कानूनी कार्रवाई करे और आईपीसी के अंतर्गत कार्रवाई करने की जिम्मेदारी पुलिस के पास है। कहा कि तुरंत गिरफ्तारी नहीं की गई तो रेवाड़ी सचिवालय पर धरना शुरू कर दिया जाएगा और साथ में ही उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा जिसकी तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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मामले की जांच पड़ताल गंभीरता से की जा रही है। अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है क्योंकि कई तकनीकी पहलू भी सामने आ रहे हैं।-जगदीश चंद्र, प्रभारी, धारूहेड़ा थाना।
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रेवाड़ी। धारुहेड़ा स्थित लाइफ लांग कंपनी में 16 मार्च को डस्ट कलेक्टर फटने से झुलसे 14 श्रमिकों की अब तक मौत हो चुकी है। मृतकों के परिजनों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने उन्हें 7-7 लाख रुपये आर्थिक मदद देने का ऑफर किया है, जिसे ठुकरा दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों को 7-7 लाख रुपये की जगह 20-20 लाख रुपये देने की बात फैक्ट्री प्रबंधन से चल रही है। गोंडा के पीड़ितों में से एक के भाई फिरोज ने कहा कि कंपनी ने उन्हें 7 लाख रुपये के आर्थिक सहायता का चेक दे रही थी लेकिन यह यह अपर्याप्त था। एक अन्य धर्मप्रकाश ने बताया कि अधिकांश श्रमिक परिवार के इकलौते कमाने वाले थे, उनके परिवारों को पेंशन देने की मांग भी की जा रही है ताकि मृतक आश्रित आगे का जीवन गुजारा जा सके और परिवार को आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना न करना पड़े। श्रमिक राजकुमार का कहना है कि जो घायल हुए हैं, उन्हें मुआवजा और पेंशन दोनों दी जाए। मामले में डीसी राहुल हुड्डा ने बताया कि सहायता राशि में वृद्धि की बातचीत चल रही है, उम्मीद है कि कंपनी राशि को बढ़ाएगी।
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सुरक्षा उपकरण नहीं मिलने से हुआ हादसा
मृतकों के परिजनों ने कंपनी प्रबंधक और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि अगर श्रमिकों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए होते या डस्ट कलेक्टर को ठीक से साफ किया गया होता तो यह घटना नहीं होती। एसडीएम विकास यादव के नेतृत्व में एक जिला आधिकारिक समिति ने औद्योगिक सुरक्षा मानदंडों से संबंधित खामियां पाई थीं। रिपोर्ट में कहा गया था कि श्रमिकों को उचित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। इस हादसे में 39 श्रमिक बुरी तरह से झुलसे थे। आरोप है कि दो बार पहले भी डस्ट कलेक्टर में शॉर्ट सर्किट की घटना हुई थी लेकिन कंपनी प्रबंधन ने इस और ध्यान नहीं दिया।
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गिरफ्तारी नहीं हुई तो शुरू किया जाएगा धरना
केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी के राज्य अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि लाइफ लांग कंपनी के प्रबंधक और ठेकेदार को गिरफ्तार नहीं करना जन मानस में गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। मजिस्ट्रेट जांच में प्राथमिक तौर पर यह साबित हो चुका है कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है तो फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही। एक्सपर्ट ओपिनियन से गिरफ्तारी का कोई संबंध नहीं है। प्रबंधक ने कंपनी एक्ट एवं भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अपराध किया है। दोनों अपराधों में कार्रवाई होनी चाहिए। कंपनी से संबंधित मामले में श्रम विभाग कानूनी कार्रवाई करे और आईपीसी के अंतर्गत कार्रवाई करने की जिम्मेदारी पुलिस के पास है। कहा कि तुरंत गिरफ्तारी नहीं की गई तो रेवाड़ी सचिवालय पर धरना शुरू कर दिया जाएगा और साथ में ही उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा जिसकी तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मामले की जांच पड़ताल गंभीरता से की जा रही है। अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है क्योंकि कई तकनीकी पहलू भी सामने आ रहे हैं।-जगदीश चंद्र, प्रभारी, धारूहेड़ा थाना।