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Rewari News: विकास कार्यों में गति की उम्मीद, मार्केटिंग बोर्ड की 90 सड़कों का जिम्मा जिला परिषद को मिला
Wed, 06 Dec 2023 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 06 Dec 2023 12:09 AM IST
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रेवाड़ी। मार्केटिंग बोर्ड की सड़कें जिला परिषद को हस्तांतरित करने के बाद अब जिले में विकास कार्यों की गति तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। जिले के अंतर्गत आने वाली मार्केटिंग बोर्ड की 90 सड़कों का जिम्मा जिला परिषद संभालेगी। अब जिला परिषद के अधिकारी सड़कों का सर्वे कराएंगे। सर्वे में पता लगाया जाएगा कि किस सड़क को मरम्मत की जरूरत है और उस पर कितना खर्च मरम्मत व स्पेशल मरम्मत पर आएगा। इसके बाद टेंडर प्रोसेस से सड़कों को जीर्णोद्धार किया जाएगा। फिलहाल उन सड़कों को ट्रांसफर किया गया है, जो डीएलपी से बाहर है। अधिकारियों को जिला परिषद में परियोजनाओं के लिए समर्पित इंजीनियरिंग विंग स्थापित करने का भी निर्देश सरकार ने दिया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि काम प्रभावित नहीं होगा। रेवाड़ी में विजेंद्र सिंह ढिल्लों की ड्यूटी लगाई गई है।
सड़कों की रखरखाव के लिए 5 से 6 करोड़ रुपये होते हैं खर्च
इन 90 सड़कों की सालाना रखरखाव के लिए करीब 5 से 6 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाती है। कई बार सड़क की स्थिति ज्यादा खराब होने पर राशि बढ़ा भी दी जाती है। ऐसी स्थिति में 8 से 10 करोड़ पर भी खर्च होते हैं, मगर वह सड़क के हालात पर निर्भर करता है। इन सड़कों को दुरुस्त करने के लिए कितना कुछ बजट मिलेगा, इस पर अधिकारियों का कहना है कि सड़कें तो मिल चुकी हैं। अभी बजट आना बाकी है वह भी जल्दी हो जाएगा। पिछले माह ही सड़कों की दक्षता और रखरखाव बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार ने एचएसएएमबी (हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड) सड़कों की जिम्मेदारी संबंधित जिला परिषद को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। मुख्य उद्देश्य वार्षिक मरम्मत और विशेष मरम्मत की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
इन परियोजनाओं को भी मिलेगी गति
ग्रामीण खेल स्टेडियम, चौपाल, सामुदायिक केंद्र, स्ट्रीट लाइट, इनडोर जिम, ई-लाइब्रेरी और स्वास्थ्य केंद्र सहित जिला परिषद के तहत जिले के भीतर चल रही परियोजनाओं को भी गति मिलेगी। दरअसल, सरकार चाहती है कि जल्द से जल्द जो योजनाएं सरकार ला रही है उसे धरातल पर लागू किया जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े और उन्हे लाभ मिल सके। छोटे गांवों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची फिरनियों की मरम्मत कर उन्हें पक्का किया जाएगा।
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कोट
हरियाणा सरकार की ओर से मार्केटिंग बोर्ड की सड़कों को जिला परिषद को सौंपा गया है। अभी सड़कों को लेकर बजट की घोषणा नहीं की गई है। - मनोज यादव, चेयरमैन, जिला परिषद
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सड़कों की रखरखाव के लिए 5 से 6 करोड़ रुपये होते हैं खर्च
इन 90 सड़कों की सालाना रखरखाव के लिए करीब 5 से 6 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाती है। कई बार सड़क की स्थिति ज्यादा खराब होने पर राशि बढ़ा भी दी जाती है। ऐसी स्थिति में 8 से 10 करोड़ पर भी खर्च होते हैं, मगर वह सड़क के हालात पर निर्भर करता है। इन सड़कों को दुरुस्त करने के लिए कितना कुछ बजट मिलेगा, इस पर अधिकारियों का कहना है कि सड़कें तो मिल चुकी हैं। अभी बजट आना बाकी है वह भी जल्दी हो जाएगा। पिछले माह ही सड़कों की दक्षता और रखरखाव बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार ने एचएसएएमबी (हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड) सड़कों की जिम्मेदारी संबंधित जिला परिषद को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। मुख्य उद्देश्य वार्षिक मरम्मत और विशेष मरम्मत की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
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इन परियोजनाओं को भी मिलेगी गति
ग्रामीण खेल स्टेडियम, चौपाल, सामुदायिक केंद्र, स्ट्रीट लाइट, इनडोर जिम, ई-लाइब्रेरी और स्वास्थ्य केंद्र सहित जिला परिषद के तहत जिले के भीतर चल रही परियोजनाओं को भी गति मिलेगी। दरअसल, सरकार चाहती है कि जल्द से जल्द जो योजनाएं सरकार ला रही है उसे धरातल पर लागू किया जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े और उन्हे लाभ मिल सके। छोटे गांवों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची फिरनियों की मरम्मत कर उन्हें पक्का किया जाएगा।
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कोट
हरियाणा सरकार की ओर से मार्केटिंग बोर्ड की सड़कों को जिला परिषद को सौंपा गया है। अभी सड़कों को लेकर बजट की घोषणा नहीं की गई है। - मनोज यादव, चेयरमैन, जिला परिषद