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बीमा सखी योजना लागू कर 450 परिवारों को दिया रोजगार : खोला
Mon, 12 May 2025 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 12 May 2025 12:26 AM IST
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फोटो : 9एलआईसी जिला कार्यालय में बीमा सखियों को संबोधित करते फैमिली आईडी विभाग के कोऑर्डिनेटर
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एलआईसी के जिला कार्यालय में रविवार को आयोजित सम्मेलन में बीमा सखियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि फैमिली आईडी विभाग के कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने कहा कि बीमा सखी योजना लागू कर 450 परिवारों को रोजगार दिया गया है।
डॉ. खोला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से बीमा सखी योजना पानीपत से शुरू की थी। यह योजना विशेष रूप से महिलाओं के लिए एक ऐसा कार्यक्रम है जो उन्हें बीमा एजेंट बनाकर रोजगार के अवसर प्रदान करता है।
यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जीविकोपार्जन का अवसर प्रदान करने में मदद करती है।
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डॉ. सतीश खोला और जिला भर्ती अधिकारी एलआईसी नरेंद्र यादव ने बीमा सखियों को सम्मानित किया गया। नरेंद्र यादव ने बताया कि सभी बीमा सखियों को न्यूनतम कार्य करने पर सात हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है। लिखित परीक्षा देकर 450 बीमा सखी कार्यरत हो गई हैं।
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रेवाड़ी। एलआईसी के जिला कार्यालय में रविवार को आयोजित सम्मेलन में बीमा सखियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि फैमिली आईडी विभाग के कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने कहा कि बीमा सखी योजना लागू कर 450 परिवारों को रोजगार दिया गया है।
डॉ. खोला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से बीमा सखी योजना पानीपत से शुरू की थी। यह योजना विशेष रूप से महिलाओं के लिए एक ऐसा कार्यक्रम है जो उन्हें बीमा एजेंट बनाकर रोजगार के अवसर प्रदान करता है।
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यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जीविकोपार्जन का अवसर प्रदान करने में मदद करती है।
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डॉ. सतीश खोला और जिला भर्ती अधिकारी एलआईसी नरेंद्र यादव ने बीमा सखियों को सम्मानित किया गया। नरेंद्र यादव ने बताया कि सभी बीमा सखियों को न्यूनतम कार्य करने पर सात हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है। लिखित परीक्षा देकर 450 बीमा सखी कार्यरत हो गई हैं।