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Rewari News: बच्चों में टीबी की शीघ्र पहचान व उपचार पर जोर
Mon, 11 May 2026 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 11 May 2026 11:39 PM IST
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बैठक लेते सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया। स्रोत : विभाग
रेवाड़ी। सीएमओ कार्यालय में सोमवार को डब्ल्यूएचपी टीम की ओर से जिला स्तरीय फॉलो-अप बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और बच्चों में टीबी की शीघ्र पहचान व उपचार पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान बच्चों में टीबी के संभावित मामलों की पहचान बढ़ाने, डब्ल्यूएचपी क्यूआर कोड रेफरल सिस्टम के अधिक उपयोग तथा टीबी से संबंधित सूचनाओं के नियमित एवं सटीक रिकॉर्डिंग पर चर्चा की गई।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में संदिग्ध बच्चों की समय पर स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि टीबी की पहचान प्रारंभिक अवस्था में ही की जा सके और समय पर उपचार शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि बच्चों में टीबी की शीघ्र पहचान न केवल बीमारी को नियंत्रित करने में मददगार है, बल्कि गंभीर जटिलताओं से भी बचाव करती है।
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सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जागरूकता अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस बीमारी के प्रति सतर्क किया जा सके।
बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विक्रम, आईएपी अध्यक्ष डॉ. रवि यादव, डॉ. अजीत यादव, डॉ. विवेक जैन, डॉ. राजेश बत्रा, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि, आरबीएसके टीम, डीपीसी सीमा अंसारी, विनिता पीपीएम, आशा सुपरवाइजर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का संचालन आईएपी सचिव डॉ. संजीव अरोड़ा एवं डब्ल्यूएचपी के जिला परियोजना समन्वयक राजेश गुप्ता द्वारा किया गया।
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इस दौरान बच्चों में टीबी के संभावित मामलों की पहचान बढ़ाने, डब्ल्यूएचपी क्यूआर कोड रेफरल सिस्टम के अधिक उपयोग तथा टीबी से संबंधित सूचनाओं के नियमित एवं सटीक रिकॉर्डिंग पर चर्चा की गई।
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अधिकारियों ने निर्देश दिए कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में संदिग्ध बच्चों की समय पर स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि टीबी की पहचान प्रारंभिक अवस्था में ही की जा सके और समय पर उपचार शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि बच्चों में टीबी की शीघ्र पहचान न केवल बीमारी को नियंत्रित करने में मददगार है, बल्कि गंभीर जटिलताओं से भी बचाव करती है।
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सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जागरूकता अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस बीमारी के प्रति सतर्क किया जा सके।
बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विक्रम, आईएपी अध्यक्ष डॉ. रवि यादव, डॉ. अजीत यादव, डॉ. विवेक जैन, डॉ. राजेश बत्रा, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधि, आरबीएसके टीम, डीपीसी सीमा अंसारी, विनिता पीपीएम, आशा सुपरवाइजर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का संचालन आईएपी सचिव डॉ. संजीव अरोड़ा एवं डब्ल्यूएचपी के जिला परियोजना समन्वयक राजेश गुप्ता द्वारा किया गया।