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अनुसूचित वर्ग के पात्र लाभार्थी ऋण योजनाओं का उठाएं लाभ : डीसी
Thu, 26 Oct 2023 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 26 Oct 2023 11:34 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को एक लाख से 1.50 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है। विभिन्न बैंकों, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से पात्रों को तीन तरह के लाभ दिए जाते हैं।
डीसी राहुल हुड्डा ने बताया कि पात्रों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि एक लाख अस्सी हजार रुपये तक की आय वाले अनुसूचित जाति के सदस्य ऋण योजना के पात्र होंगे। प्रार्थी का हरियाणा का स्थायी निवासी होना, आयु 18 से 45 वर्ष, निगम का और बैंक का डिफाल्टर न हो, प्रार्थी द्वारा किसी ऋण का दुरुपयोग न करना जरूरी है। ऐसी महिलाएं महिला समृद्धि (योजना 4 प्रतिशत ब्याज दर) और सूक्ष्म वित्त योजना 5 प्रतिशत ब्याज दर) के तहत अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से बुटीक, ब्यूटी पार्लर, किराना दुकान, मनिहारी दुकान, जूता कार्य व कपड़ा कार्य इत्यादि व्यवसायों के लिए एक लाख रुपये तक के ऋण ले सकती हैं। इस स्कीम के अंतर्गत 10 हजार रुपये तक का अनुदान केवल बीपीएल परिवारों को निगम द्वारा दिया जाता है। इन स्कीमों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 नवंबर, 2023 है। इसके लिए आवेदन हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की वेबसाइट पर किया जा सकता है।
पशुपालन, किराना की दुकान, रेहड़ी के लिए ले सकते हैं ऋण
डीसी ने बताया कि एक लाख अस्सी हजार तक की आय वाले अनुसूचित जाति के सदस्य पशुपालन, किराना दुकान, झोटा-बुग्गी, खच्चर रेहड़ी व सुअर पालन के लिए बैंकों के माध्यम से 1 लाख 50 हजार रुपये तक का ऋण ले सकते हैं। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा कुल लागत राशि का 50 प्रतिशत या अधिकतम 10 हजार रुपये तक का अनुदान व 10 प्रतिशत मार्जिन मनी 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध करवाई जाती है। इसके अतिरिक्त बकाया ऋण बैंकों द्वारा दिया जाता है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के वित्तीय सहयोग से भी सैनिटेशन कार्य में लगे राज्य के सफाई कर्मियों तथा उनके आश्रितों को पशुपालन, व्यापारिक क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, ई-रिक्शा इत्यादि आदि व्यवसायों के लिए 4 से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाता है।
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रेवाड़ी। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को एक लाख से 1.50 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है। विभिन्न बैंकों, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से पात्रों को तीन तरह के लाभ दिए जाते हैं।
डीसी राहुल हुड्डा ने बताया कि पात्रों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि एक लाख अस्सी हजार रुपये तक की आय वाले अनुसूचित जाति के सदस्य ऋण योजना के पात्र होंगे। प्रार्थी का हरियाणा का स्थायी निवासी होना, आयु 18 से 45 वर्ष, निगम का और बैंक का डिफाल्टर न हो, प्रार्थी द्वारा किसी ऋण का दुरुपयोग न करना जरूरी है। ऐसी महिलाएं महिला समृद्धि (योजना 4 प्रतिशत ब्याज दर) और सूक्ष्म वित्त योजना 5 प्रतिशत ब्याज दर) के तहत अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से बुटीक, ब्यूटी पार्लर, किराना दुकान, मनिहारी दुकान, जूता कार्य व कपड़ा कार्य इत्यादि व्यवसायों के लिए एक लाख रुपये तक के ऋण ले सकती हैं। इस स्कीम के अंतर्गत 10 हजार रुपये तक का अनुदान केवल बीपीएल परिवारों को निगम द्वारा दिया जाता है। इन स्कीमों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 नवंबर, 2023 है। इसके लिए आवेदन हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की वेबसाइट पर किया जा सकता है।
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पशुपालन, किराना की दुकान, रेहड़ी के लिए ले सकते हैं ऋण
डीसी ने बताया कि एक लाख अस्सी हजार तक की आय वाले अनुसूचित जाति के सदस्य पशुपालन, किराना दुकान, झोटा-बुग्गी, खच्चर रेहड़ी व सुअर पालन के लिए बैंकों के माध्यम से 1 लाख 50 हजार रुपये तक का ऋण ले सकते हैं। हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा कुल लागत राशि का 50 प्रतिशत या अधिकतम 10 हजार रुपये तक का अनुदान व 10 प्रतिशत मार्जिन मनी 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध करवाई जाती है। इसके अतिरिक्त बकाया ऋण बैंकों द्वारा दिया जाता है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम के वित्तीय सहयोग से भी सैनिटेशन कार्य में लगे राज्य के सफाई कर्मियों तथा उनके आश्रितों को पशुपालन, व्यापारिक क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, ई-रिक्शा इत्यादि आदि व्यवसायों के लिए 4 से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाता है।
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