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दुर्गा कॉलोनी में घरों के अंदर लगे हैं खंभे
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Wed, 02 Sep 2015 12:48 AM IST
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शहर के बाहर स्थित दुर्गा कालोनी में कुछ घरों के अंदर हाईटेंशन लाइन को कैरी करने वाले बिजली के पोल लगे हुए हैं। घरों के अंदर लगे ये पोल कुछ यूं लगते हैं जैसे घरों के अंदर लगे ये बिजली के पोल ‘हाईवोल्टेज मौत’का इंतजार कर रहे हैं।
ऐसा नहीं है कि जमीन लेकर मकान बनवाते समय बिजली के ये खंभे नहीं लगे थे। लेकिन तब राजनेताओं ने भविष्य में कालोनी को अधिकृत करने और खंभों को कहीं और लगाने का आश्वासन दिया था।
कालोनी तो अधिकृत कर दी गई, लेकिन सरकार बदलने के बाद खंभे आज भी घरों के अंदर ही लगे हैं। बता दें कि दुर्गा कालोनी को इनेलो सरकार के समय तत्कालीन सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने अधिकृत किया था।
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दर्जनों घरों की छतों से गुजरती है एचटी
सिर्फ घरों में खंभे ही नहीं, कालोनी में दर्जनों ऐसे घर हैं जिनकी छतों से महज कुछ फुट ऊपर से ही 11केवी की हाइटेंशन लाइन गुजरती है। कालोनी में तीन पिलर्स पर लाइन फॉरवर्ड होती हैं, इनमें से एक लाइन बूढ़पुर स्टेशन चालू होने के बाद बंद कर दी गई। जबकि दो अन्य से जाने वाले तार घरों की छतों पर से ही जाते हैं। कोसली में हुई घटना के बाद से तो लोग बंद लाइन के नीचे से भी गुजरने से गुरेज करते हैं।
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एक शख्स झुलस चुका है करंट से
कालोनी के लोगों का कहना था कि करीब दो साल पहले एक शख्स छत से गुजर रही एचटी लाइन की चपेट में आने से बुरी तरह झुलसा था। काफी रुपये खर्च होने के बाद किसी तरह उसकी जान बची थी। इसके बाद कुछ जानवर भी लाइन टूटने से करंट की चपेट में आकर अपनी जान गवां चुके हैं। यूं लगता है कि बिजली निगम के अधिकारी बड़े हादसे के इंतजार में हैं।
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कुछ मीटर दूरी पर ही टूटी लाइन ने किशोरों को बनाया था शिकार
सोमवार रात ही इंद्रा कालोनी में अंडे खा रहे दो किशोर दिनेश और तरुण एचटी लाइन टूटने के कारण उसकी चपेट में आ गए थे। बुरी तरह झुलसे तरुण और दिनेश को नाजुक हालत के चलते रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया था। कालोनी के लोगों का कहना है कि जर्जर एचटी लाइन किसी भी दिन उनकी कालोनी में भी किसी को अपना शिकार बना सकती है। बता दें कि टूटी लाइन उन्हीं खंभों से जुड़ी है जो दुर्गा कालोनी में घरों के ऊपर से गुजरती है।
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कोसली में हुए बंद लाइन में करंट छोड़ने की वजह से पांच की जान गई थी। अब तो वह भी छत के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन के आसपास नहीं जाती और न किसी को जाने देती।
-धनपति देवी, मोहल्लावासी
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घर की छत से सटाकर खंभा लगा है। तार भी कुछ ही दूरी से ही निकलते हैं। हादसे के डर से बच्चों को छत पर नहीं जाने देते।
-सुरेश कुमार, मोहल्लावासी
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भविष्य में कालोनी अधिकृत होने और खंभा हटने के आश्वासन पर जमीन ली थी। चारदीवारी तो करा चुके, लेकिन अंदर ही खंभा गढ़ा होने के कारण, मकान नहीं बनवा पा रहा हूं।
-प्रेम प्रकाश, मोहल्लावासी
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मकान में खंभा गढ़ा हुआ है। आए दिन स्पार्किंग होती है और कुछ टुकड़े घर के अंदर ही गिरते हैं। बच्चे तो क्या बड़ों को भी अपने ही मकान में रहने से डर लगता है।
-देवराज, मोहल्लावासी
लाइन डाले जाने के काफी समय बाद कालोनी विकसित हुई है। हालांकि लोगों की समस्या को देखते हुए दुर्गा कालोनी समेत कई अन्य कालोनियों में घरों के ऊपर से लाइन को हटवाने के लिए प्रपोजल आला अधिकारियों को भेजा जा चुका है। पास होते ही लाइन स्थानांतरित कर दी जाएगी। -बुधराम, एसडीओ, बिजली निगम, रेवाड़ी।
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ऐसा नहीं है कि जमीन लेकर मकान बनवाते समय बिजली के ये खंभे नहीं लगे थे। लेकिन तब राजनेताओं ने भविष्य में कालोनी को अधिकृत करने और खंभों को कहीं और लगाने का आश्वासन दिया था।
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कालोनी तो अधिकृत कर दी गई, लेकिन सरकार बदलने के बाद खंभे आज भी घरों के अंदर ही लगे हैं। बता दें कि दुर्गा कालोनी को इनेलो सरकार के समय तत्कालीन सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने अधिकृत किया था।
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दर्जनों घरों की छतों से गुजरती है एचटी
सिर्फ घरों में खंभे ही नहीं, कालोनी में दर्जनों ऐसे घर हैं जिनकी छतों से महज कुछ फुट ऊपर से ही 11केवी की हाइटेंशन लाइन गुजरती है। कालोनी में तीन पिलर्स पर लाइन फॉरवर्ड होती हैं, इनमें से एक लाइन बूढ़पुर स्टेशन चालू होने के बाद बंद कर दी गई। जबकि दो अन्य से जाने वाले तार घरों की छतों पर से ही जाते हैं। कोसली में हुई घटना के बाद से तो लोग बंद लाइन के नीचे से भी गुजरने से गुरेज करते हैं।
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एक शख्स झुलस चुका है करंट से
कालोनी के लोगों का कहना था कि करीब दो साल पहले एक शख्स छत से गुजर रही एचटी लाइन की चपेट में आने से बुरी तरह झुलसा था। काफी रुपये खर्च होने के बाद किसी तरह उसकी जान बची थी। इसके बाद कुछ जानवर भी लाइन टूटने से करंट की चपेट में आकर अपनी जान गवां चुके हैं। यूं लगता है कि बिजली निगम के अधिकारी बड़े हादसे के इंतजार में हैं।
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कुछ मीटर दूरी पर ही टूटी लाइन ने किशोरों को बनाया था शिकार
सोमवार रात ही इंद्रा कालोनी में अंडे खा रहे दो किशोर दिनेश और तरुण एचटी लाइन टूटने के कारण उसकी चपेट में आ गए थे। बुरी तरह झुलसे तरुण और दिनेश को नाजुक हालत के चलते रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया था। कालोनी के लोगों का कहना है कि जर्जर एचटी लाइन किसी भी दिन उनकी कालोनी में भी किसी को अपना शिकार बना सकती है। बता दें कि टूटी लाइन उन्हीं खंभों से जुड़ी है जो दुर्गा कालोनी में घरों के ऊपर से गुजरती है।
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कोसली में हुए बंद लाइन में करंट छोड़ने की वजह से पांच की जान गई थी। अब तो वह भी छत के ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन के आसपास नहीं जाती और न किसी को जाने देती।
-धनपति देवी, मोहल्लावासी
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घर की छत से सटाकर खंभा लगा है। तार भी कुछ ही दूरी से ही निकलते हैं। हादसे के डर से बच्चों को छत पर नहीं जाने देते।
-सुरेश कुमार, मोहल्लावासी
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भविष्य में कालोनी अधिकृत होने और खंभा हटने के आश्वासन पर जमीन ली थी। चारदीवारी तो करा चुके, लेकिन अंदर ही खंभा गढ़ा होने के कारण, मकान नहीं बनवा पा रहा हूं।
-प्रेम प्रकाश, मोहल्लावासी
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मकान में खंभा गढ़ा हुआ है। आए दिन स्पार्किंग होती है और कुछ टुकड़े घर के अंदर ही गिरते हैं। बच्चे तो क्या बड़ों को भी अपने ही मकान में रहने से डर लगता है।
-देवराज, मोहल्लावासी
लाइन डाले जाने के काफी समय बाद कालोनी विकसित हुई है। हालांकि लोगों की समस्या को देखते हुए दुर्गा कालोनी समेत कई अन्य कालोनियों में घरों के ऊपर से लाइन को हटवाने के लिए प्रपोजल आला अधिकारियों को भेजा जा चुका है। पास होते ही लाइन स्थानांतरित कर दी जाएगी। -बुधराम, एसडीओ, बिजली निगम, रेवाड़ी।