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Rewari News: प्राचार्य दुष्यंत कुमार के प्रयासों से स्कूल में बनी आधुनिक लाइब्रेरी, सपना साकार

Mon, 01 Sep 2025 11:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 01 Sep 2025 11:45 PM IST
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Due to the efforts of Principal Dushyant Kumar, a modern library was built in the school, the dream came true
गांव बिठवाना के सरकारी स्कूल में बनी लाइब्रेरी में पढ़ाई करते बच्चे। संवाद
सौरभ जायसवाल
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रेवाड़ी। गांव बिठवाना स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य दुष्यंत कुमार के प्रयासों से बच्चों को अत्याधुनिक पुस्तकालय की सौगात मिली है।
इस पुस्तकालय का निर्माण एक निजी कंपनी के सहयोग से कराया गया था जिसकी लागत लगभग 56 लाख रुपये आई थी। दरअसल, एक निजी कंपनी के कर्मचारी स्कूल में दो अलमारी लगाने के लिए आए थे। इस दौरान दुष्यंत कुमार ने सोचा कि कंपनी प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर क्यों न उन्हें विद्यालय की आवश्यकताओं के बारे में बताया जाए।
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उसके बाद उन्होंने बातचीत कर स्कूल की जरूरतों के बारे में बताया। यह संवाद इतना प्रेरक रहा कि कंपनी ने न केवल इस परियोजना को मंज़ूरी दी बल्कि हर स्तर पर सहयोग भी प्रदान किया। मौजूदा समय में 70 छात्रों की एक साथ बैठने की सुविधा और लगभग 10 हजार पुस्तकों से सुसज्जित इस पुस्तकालय में छात्रों को अध्ययन का अनुकूल वातावरण मिल रहा है।
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कंपनी की ओर से पिछले दो वर्षों से नियमित रूप से उच्च गुणवत्ता की किताबें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह लाइब्रेरी अब ग्रामीण क्षेत्र में स्थित किसी भी सरकारी विद्यालय के लिए एक आदर्श उदाहरण बन चुकी है।


पुस्तकालय के सपने को किया साकार
प्राचार्य डॉ. दुष्यंत कुमार ने बताया कि जब उन्होंने इस विद्यालय में प्राचार्य पद पर कार्यभार संभाला था तभी से उन्होंने एक भव्य पुस्तकालय के निर्माण का सपना देखा था। उनका कहना है कि एक अच्छी पुस्तकालय ही शिक्षा की नींव को मजबूत बनाती है। वर्ष 2024 में उनका यह सपना साकार हुआ जो अब छात्रों को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह पुस्तकालय न केवल विद्यालय का शैक्षणिक स्तर ऊंचा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है बल्कि विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए एक मजबूत आधार भी है।



प्रवक्ता से प्राचार्य तक की यात्रा



प्राचार्य डॉ. दुष्यंत कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी स्कूल की 10वीं तक की पढ़ाई कंवाली के सरकारी स्कूल में की थी। उन्हें शिक्षक जय सिंह कक्षा 10वीं में विज्ञान पढ़ाते थे। काफी सरल स्वभाव के थे, उनसे ही जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती थी। आज भी वह अपने गुरु को याद करके भावुक हो जाते हैं।

30 वर्षों से शिक्षा और शिक्षण कार्यों से समाज को अपना श्रेष्ठ देने का प्रयत्न कर रहे
डॉ. दुष्यंत कुमार 30 वर्षों से शिक्षा और शिक्षण कार्यों से समाज को अपना श्रेष्ठ देने का प्रयत्न कर रहे हैं। प्रवक्ता के रूप में अपना अध्यापन जीवन प्रारंभ करने वाले डॉ. दुष्यंत कुमार आज प्राचार्य के रूप में कार्य कर रहे हैं। वह जहां भी रहे हैं, अपनी विशिष्ट शिक्षण शैली, आकर्षक कार्यशैली और सौम्य व्यक्तित्व एवं व्यवहार से वहां अमिट पहचान बनाई है।

गांव बिठवाना के सरकारी स्कूल में बनी लाइब्रेरी में पढ़ाई करते बच्चे। संवाद

गांव बिठवाना के सरकारी स्कूल में बनी लाइब्रेरी में पढ़ाई करते बच्चे। संवाद

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