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Rewari News: आज फिर चिकित्सकों की हड़ताल, 3000 ओपीडी होगी प्रभावित

Fri, 29 Dec 2023 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 29 Dec 2023 12:22 AM IST
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Doctors strike again today, 3000 OPDs will be affected
रेवाड़ी। आज जिले के सरकारी चिकित्सकों ने फिर से पूर्ण हड़ताल करने का मन बनाया है। इस दौरान ओपीडी की सेवाएं पूर्ण रूप से प्रभावित रहेंगी। हालांकि, इमरजेंसी व अन्य जरूरी सेवाएं लोगों को जरूर मिलेंगी। केवल ओपीडी की सेवाएं ही प्रभावित होंगी।
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चिकित्सकों ने बुधवार को जब हड़ताल की थी तब इस दौरान चेतावनी दी थी कि अगर मांग पूरी नहीं होती है तो फिर से पूर्ण रूप से हड़ताल की जाएगी। इससे पहले चिकित्सकों ने 2 घंटे की सांकेतिक हड़ताल की थी। पूरे जिले में करीब 3000 ओपीडी प्रभावित होती हैं। जिले में 115 चिकित्सक हैं। सभी हड़ताल पर रहेंगे। चिकित्सकों की हड़ताल होने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मौजूदा समय में वैसे भी मौसम में उतार चढ़ाव की वजह से वायरल के मरीजों की संख्या काफी बढ़ रही है। शहर स्थित नागरिक अस्पताल में रोजाना 1500 के करीब ओपीडी दर्ज की जाती है।
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पर्ची काउंटर पर चिकित्सकों ने लगाया हड़ताल का पोस्टर

बुधवार को सुबह के समय बड़ी संख्या में लोग ओपीडी के लिए पर्ची कटाने को लेकर अस्पताल में आए थे, मगर निराशा ही हाथ लगी। काउंटर पर एक बड़ा सा पोस्टर चिकित्सकों की तरफ से लगाया गया था। जिसमें इस बात की जानकारी दी गई थी कि वह हड़ताल पर हैं और लोगों से अपील की गई थी कि जो परेशानी हो रही है, इसके लिए खेद है। लोग आए और पर्ची काउंटर को बंद देखकर वापस अपने घरों की तरफ चले गए। फिर से वही पोस्टर लगा दिया गया है। हड़ताल के कारण अस्पताल में कार्य करने वाले अन्य कर्मचारियों की मौज रहती है। कर्मचारी इधर-उधर घूमते हुए नजर आते हैं।
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इस वजह से की जा रही है हड़ताल

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के जिला प्रधान डाॅ. संदीप यादव व महासचिव डाॅ. अभिषेक ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के अनुरूप वह विभिन्न जिलों में विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का तत्काल कार्यान्वयन होना चाहिए। एसोसिएशन आईएचआईपी मानदंडों के अनुसार प्रवेश वेतन प्रगति और पदों के सृजन के साथ एसीपी के साथ सेवारत विशेषज्ञ डाक्टरों की वरिष्ठता को 2, 6 और 13 साल तक बनाया जाना चाहिए। मगर विशेषज्ञों की कमी के कारण चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होती हैं, जिससे जनता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

एसएमओ के पद हो गए हैं रिक्त

चिकित्सकों का कहना है कि वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (एसएमओएस) के लिए सीधी भर्ती बंद होने के बावजूद सेवा नियमों में तदनुसार संशोधन नहीं किया गया है। इससे एसएमओ के पद रिक्त हो गए हैं और उनके कैडर के भीतर पदोन्नति में बाधा उत्पन्न हुई है। सरकार से सभी रिक्त एसएमओ पदों को शीघ्र भरने और समय पर पदोन्नति की सुविधा के लिए विशेषज्ञ कैडर लागू करने की मांग है। स्वास्थ्य विभाग में प्रतिधारण बढ़ाने और अधिक डाक्टरों को आकर्षित करने के लिए, वह केंद्र सरकार और बिहार, दिल्ली आदि राज्यों के साथ तालमेल बिठाते हुए एक गतिशील एसीपी संरचना लागू करने की जरूरत है। यह संशोधित वेतन संरचना दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और सेवा को प्रोत्साहित करेगी।


लिए एक करोड़ की वर्तमान बांड राशि, वित्तीय बोझ

चिकित्सकों के मुताबिक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए एक करोड़ की वर्तमान बांड राशि और उससे जुड़ी शर्तें डाक्टरों पर एक महत्वपूर्ण वित्तीय बोझ पैदा करती हैं। मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से विकलांग डाक्टरों के लिए पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बिना किसी बंधक आवश्यकता के बांड राशि को घटाकर 50 लाख करनी चाहिए। विशेषज्ञ कैडर की अनुपस्थिति, गतिशील एसीपी संरचना की कमी, एसीपी कार्यान्वयन में अनियमितताएं, चिकित्सा अधिकारियों के लिए सीमित और गैर-समयबद्ध पदोन्नति के रास्ते, और अत्यधिक उच्च पीजी पालिसी बांड राशि प्राथमिक कारण हैं जिनके कारण कई एचसीएमएस डाक्टर जल्दी बाहर निकलने का विकल्प चुनते हैं। वीआरएस यह चिंताजनक प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
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