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Rewari News: मिड-डे मील कार्यकर्ता यूनियन का जिला स्तर पर प्रदर्शन 1 जनवरी को
Fri, 29 Dec 2023 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 29 Dec 2023 12:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एआईयूटीयूसी मिड-डे मील कम कुक से 1500 रुपये सालाना प्रीमियम लेकर 5 लाख रुपये तक का इलाज फ्री देने की हरियाणा सरकार के निर्णय को श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी ने अनुचित एवं वर्कर्स विरोधी करार दिया है। कर्मियों को निशुल्क इलाज की मांग को लेकर मिड-डे मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा 1 जनवरी को जिला स्तर पर ज्ञापन देगी।
एआईयूटीयूसी के राज्य प्रधान कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि मिड-डे मील कार्यकर्ता को साल में महज 10 माह का मानदेय मिलता है जो 7000 रुपये प्रति माह है, जो कुल साल के 70000 रुपये बनते है। सरकार की योजना के अंतर्गत चिरायु योजना का लाभ उनको फ्री मिलता है जिनकी सालाना आय 1 लाख 80,000 है। सरकार खुद अपनी ही योजना की अवेहलना कर रही है। कामरेड राजेंद्र सिंह ने कहा कि मिड-डे मील कर्मी आर्थिक मामले में समाज के सबसे निचले पायदान पर हैं, जिनमें काफी संख्या में विधवा हैं जो मामूली से मानदेय के बदले पूरा दिन स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। एआईयूटीयूसी सरकार से मांग करती है कि प्रदेश की मिड-डे मील कर्मियों को 5 लाख तक के इलाज की सुविधा, 1500 रुपये सालाना प्रीमियम लिए बिना प्रदान करे, जिन मिड-डे मील कर्मियों से प्रीमियम की राशि वसूल कर ली है, उसे वापस लौटाए।
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रेवाड़ी। एआईयूटीयूसी मिड-डे मील कम कुक से 1500 रुपये सालाना प्रीमियम लेकर 5 लाख रुपये तक का इलाज फ्री देने की हरियाणा सरकार के निर्णय को श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी ने अनुचित एवं वर्कर्स विरोधी करार दिया है। कर्मियों को निशुल्क इलाज की मांग को लेकर मिड-डे मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा 1 जनवरी को जिला स्तर पर ज्ञापन देगी।
एआईयूटीयूसी के राज्य प्रधान कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि मिड-डे मील कार्यकर्ता को साल में महज 10 माह का मानदेय मिलता है जो 7000 रुपये प्रति माह है, जो कुल साल के 70000 रुपये बनते है। सरकार की योजना के अंतर्गत चिरायु योजना का लाभ उनको फ्री मिलता है जिनकी सालाना आय 1 लाख 80,000 है। सरकार खुद अपनी ही योजना की अवेहलना कर रही है। कामरेड राजेंद्र सिंह ने कहा कि मिड-डे मील कर्मी आर्थिक मामले में समाज के सबसे निचले पायदान पर हैं, जिनमें काफी संख्या में विधवा हैं जो मामूली से मानदेय के बदले पूरा दिन स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। एआईयूटीयूसी सरकार से मांग करती है कि प्रदेश की मिड-डे मील कर्मियों को 5 लाख तक के इलाज की सुविधा, 1500 रुपये सालाना प्रीमियम लिए बिना प्रदान करे, जिन मिड-डे मील कर्मियों से प्रीमियम की राशि वसूल कर ली है, उसे वापस लौटाए।
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