{"_id":"a80378e2bdd6abac51d9d7ad56bf2519","slug":"disable-student-win-race-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जोश, जज्बे और जुनून से जीती जंग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जोश, जज्बे और जुनून से जीती जंग
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Sun, 13 Dec 2015 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जब मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो हर बाधा आसानी से पार हो जाती है। ऐसा ही कर दिखाया है गांव गोठड़ा ठप्पा डहीना के 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक अशक्त छात्र ने। इसने अपनी कमजोरी को ताकत बनाते हुए अपनी विकलांग को सफलता के आड़े नहीं आने दिया।
छात्र ने जोश, जज्बे और जुनून का परिचय देते हुए हरियाणा राज्य एथलेटिक्स विकलांग चैंपियनशिप में 100 मीटर दौड़ और गोला फेंक में गोल्ड मेडल जीत कर अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। जिला स्तर की प्रतियोगिता में उक्त छात्र ने गोल्ड मेडल जीता है।
राजकीय हाई स्कूल गोठड़ा ठप्पा डहीना के हैडमास्टर सतीश कुमार और अध्यापक वेद ने बताया कि छात्र मगन सिंह पुत्र ज्ञान सिंह 10वीं कक्षा का छात्र है और यह न तो ही बोल सकता है और न ही सुन सकता है। उक्त छात्र ने 5 दिसंबर से 9 दिसंबर तक पंचकूला में आयोजित हुई हरियाणा राज्य एथलेटिक्स विकलांग चैंपियनशिप प्रतियोगिता में भाग लिया और 100 मीटर व गोला फेंक में गोल्ड मेडल जीता।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि छात्र पढ़ाई में ठीक है। उन्होंने यहां एक अध्यापक की नियुक्ति के विभाग को बताया था, जो अशक्त छात्र को पढ़ा सके। छात्र मगन सिंह को देखकर अन्य विद्यार्थियों का हौसला बढ़ा है। अध्यापक जो उसे लिख कर देते है, उसे वह अच्छी तरह समझ जाता है और लिख कर बताता है। बिना अध्यापक के छात्र को अनेक बाधाओं को सामना करना पड़ रहा है। फिर भी पढ़ाई में रुचि ले रहा है और खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेकर स्कूल का नाम रोशन कर रहा है।
इस बारे जिला शिक्षा अधिकारी धर्मबीर बल्डोदिया ने बताया कि छात्र मगन सिंह में एक अलग तरह का जज्बा और हौसला है और विकलांग बच्चों को सरकार प्रोत्साहन के रूप में राशि भी देती है और शिक्षा विभाग भी। स्कूल में विशेष अध्यापक द्वारा ही इसे पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नाहड़ में भी विकलांग बच्ची ने राज्य स्तर पर गोल्ड मैडल जीता है।
विज्ञापन
छात्र ने जोश, जज्बे और जुनून का परिचय देते हुए हरियाणा राज्य एथलेटिक्स विकलांग चैंपियनशिप में 100 मीटर दौड़ और गोला फेंक में गोल्ड मेडल जीत कर अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। जिला स्तर की प्रतियोगिता में उक्त छात्र ने गोल्ड मेडल जीता है।
विज्ञापन
राजकीय हाई स्कूल गोठड़ा ठप्पा डहीना के हैडमास्टर सतीश कुमार और अध्यापक वेद ने बताया कि छात्र मगन सिंह पुत्र ज्ञान सिंह 10वीं कक्षा का छात्र है और यह न तो ही बोल सकता है और न ही सुन सकता है। उक्त छात्र ने 5 दिसंबर से 9 दिसंबर तक पंचकूला में आयोजित हुई हरियाणा राज्य एथलेटिक्स विकलांग चैंपियनशिप प्रतियोगिता में भाग लिया और 100 मीटर व गोला फेंक में गोल्ड मेडल जीता।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि छात्र पढ़ाई में ठीक है। उन्होंने यहां एक अध्यापक की नियुक्ति के विभाग को बताया था, जो अशक्त छात्र को पढ़ा सके। छात्र मगन सिंह को देखकर अन्य विद्यार्थियों का हौसला बढ़ा है। अध्यापक जो उसे लिख कर देते है, उसे वह अच्छी तरह समझ जाता है और लिख कर बताता है। बिना अध्यापक के छात्र को अनेक बाधाओं को सामना करना पड़ रहा है। फिर भी पढ़ाई में रुचि ले रहा है और खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेकर स्कूल का नाम रोशन कर रहा है।
इस बारे जिला शिक्षा अधिकारी धर्मबीर बल्डोदिया ने बताया कि छात्र मगन सिंह में एक अलग तरह का जज्बा और हौसला है और विकलांग बच्चों को सरकार प्रोत्साहन के रूप में राशि भी देती है और शिक्षा विभाग भी। स्कूल में विशेष अध्यापक द्वारा ही इसे पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नाहड़ में भी विकलांग बच्ची ने राज्य स्तर पर गोल्ड मैडल जीता है।