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Rewari News: धारूहेड़ा-सोहना-तावडू हाईवे संख्या 919 बंद, आवाजाही प्रभावित
Sun, 20 Oct 2024 04:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 20 Oct 2024 04:16 AM IST
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रेवाड़ी। भिवाड़ी-धारूहेड़ा सीमा पर मिट्टी डालकर किया बंद। संवाद
रेवाड़ी। धारूहेड़ा-सोहना-तावडू (हरियाणा-राजस्थान) हाईवे संख्या-919 पर मिट्टी डालकर भिवाड़ी की तरफ से बंद कर दिया गया है। इससे वाहन चालकों को एक किलोमीटर का रास्ता भिवाड़ी के बजरंग कॉलोनी से होते हुए पुराने आरटीओ ऑफिस के रास्ते धारूहेड़ा के लिए तय करना पड़ रहा है।
अप्रैल 2024 में सीमा पर दूषित पानी के जलभराव को लेकर उत्पन्न हुए विवाद के बाद भिवाड़ी प्रशासन की तरफ से हाईवे के एक साइड का रास्ता मिट्टी डालकर बंद करवा दिया गया था। वहीं अब दूसरी साइड का रास्ता भी बंद कर दिया गया है। इससे पूरा हाईवे ही ब्लॉक हो चुका है। करीब 20 हजार वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। एक दूसरे की सीमा में प्रवेश करने के लिए एक किलोमीटर की दूरी तय करके अब जाना पड़ रहा है।
समस्या का समाधान कब होगा, इस पर भी कुछ नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि रास्ता भिवाड़ी की तरफ से बंद किया गया है। वाहन चालक अखिल और रोहित ने बताया कि वह धारूहेड़ा से भिवाड़ी कार्य करने के लिए कंपनी में जाते हैं। यह रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। रास्ता बंद होने का कारण तो नहीं पता है, लेकिन आम जनता को काफी परेशानी हो रही है। साइन बोर्ड भी नहीं लगाया गया है कि आखिर रास्ता किस वजह से बंद है।
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इंसेट
पीडब्ल्यूडी को 2021 में रखरखाव की मिली थी जिम्मेदारी
औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा से गुजरने वाले सोहना तावडू हाईवे संख्या-919 की सितंबर 2021 में एनएचएआई के बाद पीडब्ल्यूडी को रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं पीडब्ल्यूडी की उदासीनता के कारण इस सड़क की हालत दयनीय है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी इस मामले में कुछ बोलना नहीं चाहते हैं, क्योंकि मामला सीमा से जुड़ा हुआ है। भिवाड़ी अभी तक जलभराव की समस्या से निजात नहीं दिलाया पाया है। हमेशा धारूहेड़ा पर ठीकरा फोड़ा जाता है। चुनाव में सीमा से जुड़े विवाद को खत्म करने के लिए भी कई वादे किए गए थे।
लोग हो चुके हैं परेशान:
स्थानीय विजय, पंकज, मुकेश का कहना है कि केंद्र से लेकर हरियाणा व राजस्थान में भाजपा की सरकार है, फिर भी इस समस्या के समाधान पर जनप्रतिनिधि जनता के धैर्य की अनदेखी कर रहे हैं। हर बार कोरे आश्वासन और समाधान के लिए किए जा रहे नए प्रोजेक्ट की कहानी सुना देते हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
पूर्व सीएम मनोहर लाल भी देखने पहुंचे थे रैंप
पिछले वर्ष 30 जुलाई को हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल ने अलवर और रेवाड़ी के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्हें गंदे पानी के प्रवाह को रोकने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया था। राजस्थान के अफसरों ने इस पानी के समाधान के लिए कदम नहीं उठाए। सीएम ने दूषित पानी और रैंप का भी जायजा लिया था। भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी घुसने की करीब दो दशक पुरानी शिकायत है। इसी को लेकर प्रशासन द्वारा धारूहेड़ा-भिवाड़ी के बीच सीमा में एक रैंप बनाया था। विवाद अभी तक चल रहा है।
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मामला सीमा से जुड़ा है। इस पर बातचीत की जाएगी। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।-कंवर सिंह, चेयरमैन, नगर पालिका धारूहेड़ा।
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अप्रैल 2024 में सीमा पर दूषित पानी के जलभराव को लेकर उत्पन्न हुए विवाद के बाद भिवाड़ी प्रशासन की तरफ से हाईवे के एक साइड का रास्ता मिट्टी डालकर बंद करवा दिया गया था। वहीं अब दूसरी साइड का रास्ता भी बंद कर दिया गया है। इससे पूरा हाईवे ही ब्लॉक हो चुका है। करीब 20 हजार वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। एक दूसरे की सीमा में प्रवेश करने के लिए एक किलोमीटर की दूरी तय करके अब जाना पड़ रहा है।
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समस्या का समाधान कब होगा, इस पर भी कुछ नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि रास्ता भिवाड़ी की तरफ से बंद किया गया है। वाहन चालक अखिल और रोहित ने बताया कि वह धारूहेड़ा से भिवाड़ी कार्य करने के लिए कंपनी में जाते हैं। यह रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। रास्ता बंद होने का कारण तो नहीं पता है, लेकिन आम जनता को काफी परेशानी हो रही है। साइन बोर्ड भी नहीं लगाया गया है कि आखिर रास्ता किस वजह से बंद है।
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पीडब्ल्यूडी को 2021 में रखरखाव की मिली थी जिम्मेदारी
औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा से गुजरने वाले सोहना तावडू हाईवे संख्या-919 की सितंबर 2021 में एनएचएआई के बाद पीडब्ल्यूडी को रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं पीडब्ल्यूडी की उदासीनता के कारण इस सड़क की हालत दयनीय है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी इस मामले में कुछ बोलना नहीं चाहते हैं, क्योंकि मामला सीमा से जुड़ा हुआ है। भिवाड़ी अभी तक जलभराव की समस्या से निजात नहीं दिलाया पाया है। हमेशा धारूहेड़ा पर ठीकरा फोड़ा जाता है। चुनाव में सीमा से जुड़े विवाद को खत्म करने के लिए भी कई वादे किए गए थे।
लोग हो चुके हैं परेशान:
स्थानीय विजय, पंकज, मुकेश का कहना है कि केंद्र से लेकर हरियाणा व राजस्थान में भाजपा की सरकार है, फिर भी इस समस्या के समाधान पर जनप्रतिनिधि जनता के धैर्य की अनदेखी कर रहे हैं। हर बार कोरे आश्वासन और समाधान के लिए किए जा रहे नए प्रोजेक्ट की कहानी सुना देते हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
पूर्व सीएम मनोहर लाल भी देखने पहुंचे थे रैंप
पिछले वर्ष 30 जुलाई को हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल ने अलवर और रेवाड़ी के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्हें गंदे पानी के प्रवाह को रोकने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया था। राजस्थान के अफसरों ने इस पानी के समाधान के लिए कदम नहीं उठाए। सीएम ने दूषित पानी और रैंप का भी जायजा लिया था। भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र का दूषित पानी घुसने की करीब दो दशक पुरानी शिकायत है। इसी को लेकर प्रशासन द्वारा धारूहेड़ा-भिवाड़ी के बीच सीमा में एक रैंप बनाया था। विवाद अभी तक चल रहा है।
मामला सीमा से जुड़ा है। इस पर बातचीत की जाएगी। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।-कंवर सिंह, चेयरमैन, नगर पालिका धारूहेड़ा।

रेवाड़ी। भिवाड़ी-धारूहेड़ा सीमा पर मिट्टी डालकर किया बंद। संवाद