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Rewari News: करोड़ों खर्च के बाद भी स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ता गया शहर
Sun, 12 Jan 2025 11:02 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 12 Jan 2025 11:02 PM IST
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फोटो: 19रेवाड़ी। शहर में अनाज मंडी के गेट पास पड़े कूड़े में लगी आग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर में प्रतिमाह 50 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी सफाई की स्थिति काफी दयनीय है। स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण स्वच्छता रैंकिंग में शहर लगातार पिछड़ रहा है। रेवाड़ी शहर की स्वच्छता रैंकिंग 2020 में 118, 2021 में 190, 2022 में 140, 2023 में 258 दर्ज की गई थी। सफाई की यह स्थिति काफी चिंताजनक हैं।
शहर में अकेले नालों की सफाई पर सालाना 35 से 40 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी नालियां गंदगी से पटी हैं। सफाई व्यवस्था लचर होने से शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। प्रतिमाह 50 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी सफाई व्यवस्था बदहाल है। लोगों को कूड़े कचरे से निजात नहीं मिल रही है।
शहर से रोजाना 100 से 110 टन कूड़ा निकलता है। नगर परिषद के पास जितनी सफाई गाड़ियां व ई-रिक्शा हैं, उनसे यह कूड़ा उठाना मुश्किल है। सफाई कर्मचारियों की भी संख्या पर्याप्त नहीं है। शहर में करीब 31 वार्ड हैं। यहां की आबादी पौने तीन लाख की आबादी है। यही कारण है कि कम संसाधन और अधिक जनसंख्या के कारण हमेशा शहर में जगह-जगह कूड़े के डंप ही देखने को मिलते हैं।
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स्वच्छता अभियान के बाद भी लग रहा कूड़े का ढेर
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव की तरफ से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें लोगों का सहयोग मिल रहा है। कई सामाजिक संगठन इसमें सहयोग कर रहे हैं। इसके बाद भी अपेक्षित कामयाबी नहीं मिल रही है। अभी भी जिन-जिन जगहों पर सफाई की गई थी, वहां पर आसपास फिर से कूड़े का ढेर लगने शुरू हो चुके हैं। कुल मिलाकर, लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। हालांकि लोग मानते हैं कि प्रशासन की ही खामियां हैं। लोग चाहते हैं कि डस्टबिन लगाया जाए लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
वर्जन
नगर परिषद की तरफ से रोजाना सफाई करवाई जा रही है। पहले की तुलना में बेहतर सफाई हो रही है। इसे लेकर जरूरी निर्देश कर्मचारियों को दिए गए हैं।-सुधीर, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद रेवाड़ी।
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वर्ष रेवाड़ी रैंकिंग बावल रैंकिंग, धारूहेड़ा रैंकिंग
2020 118 :: 112 :: 141
2021 190 :: 472 :: 123
2022 :: 140 :: 35 :: 16
2023 :: 258 ::: 246 :: 186
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रेवाड़ी। शहर में प्रतिमाह 50 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी सफाई की स्थिति काफी दयनीय है। स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण स्वच्छता रैंकिंग में शहर लगातार पिछड़ रहा है। रेवाड़ी शहर की स्वच्छता रैंकिंग 2020 में 118, 2021 में 190, 2022 में 140, 2023 में 258 दर्ज की गई थी। सफाई की यह स्थिति काफी चिंताजनक हैं।
शहर में अकेले नालों की सफाई पर सालाना 35 से 40 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी नालियां गंदगी से पटी हैं। सफाई व्यवस्था लचर होने से शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। प्रतिमाह 50 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बाद भी सफाई व्यवस्था बदहाल है। लोगों को कूड़े कचरे से निजात नहीं मिल रही है।
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शहर से रोजाना 100 से 110 टन कूड़ा निकलता है। नगर परिषद के पास जितनी सफाई गाड़ियां व ई-रिक्शा हैं, उनसे यह कूड़ा उठाना मुश्किल है। सफाई कर्मचारियों की भी संख्या पर्याप्त नहीं है। शहर में करीब 31 वार्ड हैं। यहां की आबादी पौने तीन लाख की आबादी है। यही कारण है कि कम संसाधन और अधिक जनसंख्या के कारण हमेशा शहर में जगह-जगह कूड़े के डंप ही देखने को मिलते हैं।
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स्वच्छता अभियान के बाद भी लग रहा कूड़े का ढेर
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव की तरफ से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें लोगों का सहयोग मिल रहा है। कई सामाजिक संगठन इसमें सहयोग कर रहे हैं। इसके बाद भी अपेक्षित कामयाबी नहीं मिल रही है। अभी भी जिन-जिन जगहों पर सफाई की गई थी, वहां पर आसपास फिर से कूड़े का ढेर लगने शुरू हो चुके हैं। कुल मिलाकर, लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। हालांकि लोग मानते हैं कि प्रशासन की ही खामियां हैं। लोग चाहते हैं कि डस्टबिन लगाया जाए लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
वर्जन
नगर परिषद की तरफ से रोजाना सफाई करवाई जा रही है। पहले की तुलना में बेहतर सफाई हो रही है। इसे लेकर जरूरी निर्देश कर्मचारियों को दिए गए हैं।-सुधीर, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद रेवाड़ी।
वर्ष रेवाड़ी रैंकिंग बावल रैंकिंग, धारूहेड़ा रैंकिंग
2020 118 :: 112 :: 141
2021 190 :: 472 :: 123
2022 :: 140 :: 35 :: 16
2023 :: 258 ::: 246 :: 186