फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Department will take cooperation of private schools for better education in government schools

Rewari News: सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा के लिए विभाग लेगा निजी स्कूलों का सहयोग

Sat, 01 Mar 2025 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sat, 01 Mar 2025 12:06 AM IST
विज्ञापन
Department will take cooperation of private schools for better education in government schools
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


रेवाड़ी। शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब जिले के प्रतिष्ठित निजी स्कूलों का सहयोग लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने जिले के सात निजी स्कूलों की सूची जारी की है, जिनके संचालक या प्रतिनिधि से बात कर योजना की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
मौलिक शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी कर कहा है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के मालिक या प्रतिनिधि के साथ कमेटी गठित करें। इसमें निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के मालिक या प्रतिनिधि, खंड शिक्षा अधिकारी सदस्य होंगे। कमेटी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की तरह सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक, अध्यापक विकास, पाठ्यत्तर गतिविधियों पर विचार रूप रेखा तैयार करेगी जिसे सरकारी विद्यालयों में लागू करने के संबंध में विभाग को समय-समय पर सुझाव देगी।
विज्ञापन

तीन माह पर एक बार निजी विद्यालयों के मालिक या प्रतिनिधि के साथ बैठक करनी होगी। इसकी सूचना निदेशालय को भेजनी होगी। निदेशालय ने यह भी कहा है कि सूची में अंकित विद्यालयों के अतिरिक्त यदि किसी अन्य चर्चित विद्यालय का नाम सूची में शामिल करना हो तो निदेशालय से अनुमोदित करवाकर शामिल किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षा विभाग की ओर से यह पहल निजी और सरकारी स्कूलों के बीच की खाई को पाटने और सभी छात्रों के लिए अधिक न्यायसंगत और समृद्ध सीखने का माहौल बनाने का अवसर प्रदान करने के लिए की जा रही है। छात्रों को सशक्त बनाने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर काम करना मुख्य मकसद है। इस प्रयास से छात्रों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।
शिक्षा विभाग ने जिन निजी स्कूलों की सूची जारी की है, उनमें आरपीएस रेवाड़ी, जैन पब्लिक स्कूल शांति नगर, राज इंटरनेशनल स्कूल, विवेकानन्द स्कूल धारूहेड़ा, एमएलपी सीनियर सेकंडरी स्कूल राजपुरा, सीआर इंटरनेशनल स्कूल, सूरज स्कूल शामिल हैं।

-

मौलिक शिक्षा निदेशालय ने दिए ये सुझाव

निजी विद्यालयों के सहयोग से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था सुधारने की दिशा में मौलिक शिक्षा निदेशालय ने सुझाव दिए हैं। निदेशालय ने कॅरियर परामर्श, कौशल विकास और परीक्षा की तैयारी पर सुझाव देने के लिए कार्यशालाएं और सेमिनार करने, निजी स्कूल और सरकारी स्कूल एक-दूसरे के साथ शिक्षण सामग्री, डिजिटल सामग्री और ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफार्म तक पहुंच साझा करने, विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के सुझाव दिए हैं। सरकारी स्कूलों और निजी स्कूलों के अनुभवी शिक्षक स्कूलों में युवा शिक्षकों को सलाह देंगे, प्रभावी पाठ्यक्रम रूपरेखा और शैक्षणिक दृष्टिकोण विकसित करने और साझा करने के लिए सहयोग करना होगा। संयुक्त क्लब और सोसाइटी, कला, संगीत, नाटक और खेल जैसे क्षेत्रों में छात्रों के लिए संयुक्त क्लब और सोसाइटी बनानी होगी। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए अंतर-विद्यालय प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम आयोजित करवानी होगी। सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए निजी स्कूलों में अलग-अलग सीखने के माहौल का अनुभव करने और अपने साथियों के साथ बातचीत करने के लिए विजिट की व्यवस्था करनी होगी। कार्यक्रम की प्रगति की नियमित निगरानी करना और इसके प्रभाव का आकलन करने और आवश्यक समायोजन करने के लिए मूल्यांकन करना होगा।

-


वर्जन
शिक्षा विभाग अब सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए निजी विद्यालयों का सहयोग लेगा। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की सूची जारी की गई है। इन विद्यालयों के मालिक या प्रतिनिधि से बातचीत कर संबंधित रूपरेखा तैयार की जाएगी।-चरण सिंह, एफएलएन जिला कोऑर्डिनेटर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed