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Rewari News: तिहरे शतक से दस कदम दूर डेंगू
Mon, 25 Sep 2023 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 25 Sep 2023 12:32 AM IST
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रेवाड़ी। जिले में डेंगू खतरनाक हो गया हैं। जिले में प्रतिदिन 5-5 मरीज मिल रहे हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से 90 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें 05 संक्रमित पाए गए हैं। जिले में अब डेंगू से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 290 पर पहुंच गया है। हालात इस कदर खराब है कि सितंबर के 19 दिनों के अंदर ही 120 केस मिल चुके है। सबसे ज्यादा खतरा शहर बना हुआ है। क्योंकि अभी तक मिले डेंगू मरीजों में 53 प्रतिशत से ज्यादा यानी 154 केस अकेले शहर के अंदर ही मिले है।
इस बार डेंगू के फैलाव में सबसे बड़ा कारण घरों में रखे कूलर, गमले व टैंक की नियमित सफाई नहीं होना पाया गया है। चेकिंग में लगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें जब घरों में पहुंची तो सबसे ज्यादा लार्वा कूलर में ही पाया गया। जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी तक 4 हजार 790 लोगों को लार्वा पाए जाने पर नोटिस दिए जा चुके है। 100 केस पूरे होने में 52 दिन का समय लगा और 290 केस का आंकड़ा छूने में अगले 19 दिन ही लगे। अभी सितंबर माह के 16 दिन बाकी है। ऐसे में डेंगू के मरीजों का पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। हालांकि डेंगू का खतरा नवंबर माह तक बना रहता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अमित यादव व हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने टीमों का गठन किया, जिसमें शहर में फीवर मास सर्वे किया। इस दौरान टीम ने घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकी, होदी, गमले, फ्रिज की ट्रे, टायर, छत इत्यादि चेक की, जिसमें जहां-जहां लार्वा पाया गया। वहां नोटिस दिए गए है।
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कोट
सभी तरह का बुखार डेंगू नहीं होता। जांच के बाद चिकित्सक के परामर्श अनुसार ही अपना इलाज कराएं। डेंगू होने की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं पड़ती है। ऐसे व्यक्ति में डेंगू का खतरा ज्यादा होता है, जिसे पहले डेंगू हो चुका है। उसे सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
-डॉ. अमित यादव, डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी
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इस बार डेंगू के फैलाव में सबसे बड़ा कारण घरों में रखे कूलर, गमले व टैंक की नियमित सफाई नहीं होना पाया गया है। चेकिंग में लगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें जब घरों में पहुंची तो सबसे ज्यादा लार्वा कूलर में ही पाया गया। जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी तक 4 हजार 790 लोगों को लार्वा पाए जाने पर नोटिस दिए जा चुके है। 100 केस पूरे होने में 52 दिन का समय लगा और 290 केस का आंकड़ा छूने में अगले 19 दिन ही लगे। अभी सितंबर माह के 16 दिन बाकी है। ऐसे में डेंगू के मरीजों का पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। हालांकि डेंगू का खतरा नवंबर माह तक बना रहता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अमित यादव व हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने टीमों का गठन किया, जिसमें शहर में फीवर मास सर्वे किया। इस दौरान टीम ने घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकी, होदी, गमले, फ्रिज की ट्रे, टायर, छत इत्यादि चेक की, जिसमें जहां-जहां लार्वा पाया गया। वहां नोटिस दिए गए है।
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सभी तरह का बुखार डेंगू नहीं होता। जांच के बाद चिकित्सक के परामर्श अनुसार ही अपना इलाज कराएं। डेंगू होने की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं पड़ती है। ऐसे व्यक्ति में डेंगू का खतरा ज्यादा होता है, जिसे पहले डेंगू हो चुका है। उसे सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
-डॉ. अमित यादव, डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी